डॉक्टर भी पसंद करते हैं ये 10 तरह का खाना, ढलती उम्र में भी बने रहेंगे जवान और फिट

खान-पान हेल्दी लाइफ स्टाइल का हिस्सा है. सही जीवन शैली के साथ उचित और संतुलित मात्रा में भोजन (balanced diet menu) से ना केवल शरीर तंदुरुस्त रहता है बल्कि शरीर का रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम होती है.

0 211

खान-पान हेल्दी लाइफ स्टाइल का हिस्सा है. सही जीवन शैली के साथ उचित और संतुलित मात्रा में भोजन (balanced diet menu) से ना केवल शरीर तंदुरुस्त रहता है बल्कि शरीर का रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम होती है.

कई बार देखा गया है कि अच्छे भोजन (healthy diet chart for Indian) के नाम पर हम सामान्य तौर पर उन चीजों का सेवन कर लिया जाता है तो शरीर की तासीर के हिसाब से बिल्कुल अलग होती है और यह बीमारी का कारण बनती है. लेकिन चीजें ऐसी होती हैं जिनका सेवन करने के लिए डॉक्टर भी सलाह देते हैं और केवल सलाह ही नहीं देते बल्कि इन चीजों वे खुद भी अपने डाइट चार्ट (healthy diet chart) में शामिल करते हैं.

शरीर की कोशिकाओं पर फ्री रेडिकल्स का अटैक और रक्त में शुगर की मात्रा बढ़ जाने से कोशिकाओं में ग्लाइकेशन की क्रिया व्यक्ति को वक्त से पहले बूढ़ा और बीमार बना देती है. डॉक्टरों के मुताबिक कुछ खाद्य पदार्थ शरीर में पैदा होने वाले अनचाहे परिवर्तनों को रोक कर हमें युवा बनाए रखने में मदद करते हैं, वहीं उम्र को भी बढ़ा सकते हैं. बैलेंस डाइट से शरीर को पर्याप्त पोषक तत्व मिलते हैं.

फूड एक्सपर्ट क्या कहते हैं बेस्ट टाप 10 फूड के बारे में (Best food for healthy diet)
फल- गहरे रंग के फलों में प्रचुर मात्रा में फ्लेवोनाइड्स व विटामिन-सी पाए जाते हैं. इनके सेवन से रक्त नलिकाओं के वाल्स मजबूत होते हैं. इससे ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है. गहरे लाल रंग का सेब हृदय के लिए लाभकारी है. इसके रेशे कब्जियत दूर करते हैं.

सब्जियां- गोभी लिवर की मजबूती के लिए आवश्यक है. यह कैंसर टाक्सिंस को खत्म करने में सहायक है. सब्जियों में बीटा कैरोटिंस व फ्री रेडिकल्स फाइटर तत्व होते हैं. टमाटर में लाइकोपिन पाया जाता है जो फ्री रेडिकल को नाकाम करता हैं.

केवल सब्जियां ही आपको आधी बीमारियों से दूर करने में सक्षम है. बशर्ते है उसका ठीक से सेवन किया जाए. (फोटो: pixabay.com).

अनाज- यदि लिवर आंतों में मौजूद टाक्सिंस को नष्ट नहीं कर पाता तो ये रक्त में मिलकर बेवक्त बुढ़ापे को न्यौता देते हैं. आहार में रेशेयुक्त अनाज, दाल, रोटी, चावल हो तो आंतों को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है. अंकुरित अनाज काफी उपयोगी होते हैं.

सलाद- डॉक्टरों के मुताबिक जोड़ों का दर्द ज्यादा मांसाहार से होने वाली एसिडिटी और एकत्र हानिकारक तत्वों के कारण होता है. सलाद इसका अच्छा इलाज है.

पानी- कोशिकाओं को स्वस्थ रखने हेतु शरीर को उचित मात्रा में पानी की जरूरत पड़ती है. ज्यादा चाय या काफी पीने से डिहाइडेशन (पानी की कमी) हो जाती है. किडनी और शरीर की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं. यह जोड़ों में विकृति पैदा करती हैं. रोजाना 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए.

पौष्टिक और संतुलित आहार में बहुत सारी चीजें आती हैं. आप अपनी जरूरत के हिसाब से इसे डाइट में शामिल करें. (फोटो : pixabay.com).

सोयाबीन- सोयाबीन शरीर की ग्रोथ को बढ़ाता है. सोयाबीन का तेल हृदय के लिए अच्छा होता है. महिलाओं के लिए आवश्यक तत्व इसमें अधिक होते हैं. ये बहुत जल्दी हारमोंस रिप्लेसमेंट करते हैं.

तिल- हड्डियों को मजबूत और स्वस्थ रखने के लिए ज्यादा से ज्यादा कैल्शियम की जरूरत पड़ती है. तिल एक आदर्श आहार है जो कैल्शियम, मैग्नीशियम और जिंक का अच्छा स्रोत है. 

सेलेनियम- सेलेनियम नामक ’टेस मिनरल‘ शरीर में फ्री रेडिकल्स से मुकाबला करने वाले एक खास एंजाइम ग्लूटाथिआन पैराक्साइड के निर्माण के लिए जरूरी है. ये एंजाइम कैंसर और दिल की बीमारी होने का खतरा कम करते हैं. सनफ्लावर तेल, मूंगफली और सोयाबीन तेल आदि सेलेनियम के अच्छे स्रोत हैं.

लिवर- बढ़ती उम्र को रोकने के लिए विटामिन ए और जिंक की ज्यादा जरूरत होती है. यह शरीर में हार्मोंस की कमी को रोकने में मदद करते है. लिवर इसका अच्छा स्रोत है. वैकल्पिक रूप से लिवर टेबलेट या सिरप भी लिया जा सकता है.

आइली फिश- बढ़ती उम्र में दिल के दौरे और ब्रेन स्ट्रोक (मस्तिष्क अटैक) आने का डर बना रहता है. आइली फिश में पाए जाने वाला ओमेगा-3 रक्त को गाढ़ा होने से रोकता है. मछलियों में जिंक अधिक होता है.

(नोट : यह लेख आपकी जागरूकतासतर्कता और समझ बढ़ाने के लिए साझा किया गया है. यदि किसी बीमारी के पेशेंट हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें.)

Leave A Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!