Fig or Anjeer benefits: विटामिंस का खजाना हैं भीगे हुए अंजीर

अंजीर के एक नहीं कई फायदे हैं. लेकिन अंजीर का सेवन करने के अलग-अलग तरीके होते हैं, लिहाजा इसके सेवन के तरीके पर निर्भर करता है कि आपके शरीर के लिए कैसे फायदेमंद है.

सूखे मेवे यानी काजू, बादाम, पिस्ता की तरह अंजीर भी बेहद पौष्टिक फल होता है. यह विटामिन-ए, विटामिन-बी, विटामिन-सी विटामिन-के, कैल्शियम, मैग्नेशियम पौटेशियम, जिंक कॉपर और मैंगनीज जैसे पोषक तत्वों का भंडार है. अंजीर एक तरह से सुपरफूड है और यही वजह है कि विटामिन और मिनरल्स का बड़ा सोर्स होने के कारण यह बहुत महंगा होता है.

अंजीर कई तरह की बीमारियों में फायदेमंद है. सामान्य तौर पर अंजीर का सेवन स्वाद के हिसाब से कर लिया जाता है,  लेकिन सही तरह से और मात्रा के अनुसार रोजाना सेवन आपको बहुत फायदा पहुंचा सकता है. 

अंजीर क्या है और कहां पाया जाता है 

अंजीर एक पौष्टिक फल है. यह दक्षिण पश्चिम एशियाई फल है और इसे आप एक जंगली फल भी कह सकते हैं. अंजीर  भारत,पाकिस्तान से लेकर यूनान तक यह बहुतायत में पाया जाता है. यह तुर्किस्तान से लेकर उत्तरी भारत के इलाकों में  भी लोकप्रिय है.


आपको जानकार आश्चर्य होगा कि यह विश्व के सबसे पुराने फलों में से एक माना जाता है, चूंकि यह शुरुआत में घने जंगलों में लगता रहा, लिहाजा इसे जंगली फल भी कहा जाता है. जंगली फल कहने के पीछे की एक वजह इसका एक पर्णपाती होना भी है, यानी की इसका वृक्ष पतझड़ प्रकृति का होता है

सामान्य फलों की तरह यह भी गूदेदार, रसीला और मीठा होता है. इसका रंग हल्का पीला, गहरा सुनहरा या बैंगनी होता है. यह नाशपाती के आकार का होता है और इसकी कोई खास तेज गंध नहीं होती है. चूंकि यह सभी जगह ना तो पाया जाता है और ना सामान्य फलों के रूप में मिलता है, लेकिन इसका प्रयोग सूखे मेवे के रूप में मिलता है और इसकी खूब खपत भी होती है. 

अंजीर खाने के क्या-क्या फायदे हैं? 

अंजीर के एक नहीं कई फायदे हैं. लेकिन अंजीर का सेवन करने के अलग-अलग तरीके होते हैं, लिहाजा इसके सेवन के तरीके पर निर्भर करता है कि आप इसका कैसे फायदे उठा सकते हैं.

पंतजलि योगपीठ में आयुर्वेदाचार्य आचार्य बालकृष्ण के अनुसार-

कब्ज में फायदेमंद है अंजीर: यदि आप दो अंजीर (ध्यान रखें ज्यादा नहीं, पहले मात्रा कम ही रखें बेहतर होगा 2 से शुरुआत करें) रात को भिगोकर खाते हैं, इससे कब्जियत में काफी आराम मिलता है. खूनी बवासीर की जिसे शिकायत हो उसे अंजीर का सेवन करना चाहिए. भीगे हुए अंजीर का सेवन शाम को करें और इसकी मात्रा 8 से 10 के बीच हो.

पेट की गैस, जलन: आप एक या दो अंजीर गुड़ के साथ मिलाकर खाते हैं तो इससे जलन या दाह की समस्या में आराम मिलता है. यही नहीं इसका सेवन आंतों की सूजन में भी लाभदायक है.

पेट की अन्य समस्या और विशेष रूप से एसीडीटी में काफी फायदा होता है. पेचिश में भी अंजीर राहत दिलाता है. इसके अलावा आंत संबंधी विकारों को दूर करने के लिए अंजीर का सेवन लाभदायक है.

पुरानी खांसी में राहत: यदि आपको पुरानी खांसी है तो फिर अंजीर का सेवन आपके लिए रामबाण औषधि की तरह हो सकता है. बलगम की समस्या हो या फिर बलगम के साथ खून आने की समस्या हो उसमें अंजीर एक औषधि के रूप में काम करता है. 

शरीर की कमजोरी: पुरुषों की शारारिक कमजोरी को अंजीर दूर करता है. इसके लिए आपको 1 अंजीर रोजाना रात को भिगोना होगा और फिर सुबह खाली पेट उसका सेवन करना होगा.

अंजीर का सेवन हर स्वस्थ मनुष्य को अपने स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए करना चाहिए क्योंकि यह विटामिंंस का भंडार है लिहाजा आपके शरीर के पोषण को यह बनाए रखेगा ऐसे में ना तो आप बीमार पड़ेंगे ना शरीर की कार्य करने की क्षमता में कमी आएगी. अंजीर जैसी चीजों का सेवन आपको बीमारियों से बचाकर ही रखेगा, ऐसे में ना आपको डॉक्टर की जरूरत है ना बीमारियों के दुख को झेलने की. 

कई गुणों से भरपूर अंजीर बीमारियों में फायदेमंद- 

  • अंजीर दिल को फिट रखता है क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में ओमेगा-3 पाया जाता है.
  • अंजीर में कैल्शियम अधिक होता है, लिहाजा हड्डियों के लिए शानदार सप्लीमेंट के तौर पर काम करता है.
  • ब्लड शुगर लेवल को कम करता है क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में पौटेशियम होता है.
  • यदि एनिमिया की शिकायत है, तो आपको दूध में अंजीर खाने के फायदे गजब के हैं, क्योंकि इसमें कैल्शियम और फाइबर पाया जाता है. आप दूध में मिलाकर इसका सेवन कर सकते हैं.
  • आयुर्वेद के अनुसार ताजे अंजीर के साथ दूध का सेवन पुरुषों में शारीरिक कमजोरी दूर करता है और वीर्य को बढ़ाता है.
  • खून की खराबी हो तो अंजीर को मिश्री के साथ सेवन कर खून साफ करने में यह सहायक होता है.
  • दमे की बीमारी में सूखे अंजीर का सुबह सेवन फायदा पहुंचाता है.
  • पेट की खराबी में यदि बुखार आया है, तो आपको अंजीर का सेवन जरूर करना चाहिए.

अंजीर खाने से नुकसान भी हो सकता है-

  • किसी भी चीज का मात्रा और गलत तरीके से सेवन नुकसान पहुंचा सकता है और अंजीर में इसमें अपवाद नहीं है. अंजीर का गलत तरीके से सेवन और मात्रा से अधिक प्रयोग आपकी सेहत के लिए नुकसादायक हो सकता है.
  • यदि आपको किडनी में पथरी हो तो अंजीर खाने से बचें क्योंकि इसमें ऑक्सलेट नाम का तत्व होता है जो गुर्दे में पथरी का कारक होता है. लिहाजा अंजीर के सेवन से पहले एक बार अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें.
  • माइग्रेन का दर्द है तो अंजीर से परहेज ही करें क्योंकि इसमें सल्फाइट होता है और सल्फाइट का अधिक सेवन माइग्रेन अटैक बढ़ा सकता है.
  • अंजीर पेट के लिए अच्छ मानी जाती है लेकिन अधिक सेवन पेट फूलने से लेकर, पेट दर्द की समस्या भी हो सकती है.
  • अंजीर से आपको दांतों का दर्द, ठनठनाहट या दातों में सड़न हो सकती है क्योंकि इसमें शुगर अधिक होती है. 
  • अंजीर के सेवन का सही तरीका है इसकी निश्चित मात्रा. इसे आप महीने में 15 दिन लें और फिर छोड़ दें, फिर कुछ समय बाद लें. संतुलित मात्रा से अंजीर आपके लिए अमृत की तरह काम करेगा. 

 

नोट: यह लेख आपकी जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किया गया है. अंजीर खाने से पहले एक बार डॉक्टर या किसी आयुर्वेदाचार्य से सलाह लें क्योंकि हर उम्र में अंजीर का सेवन अलग-अलग तरीके और मात्रा के अनुसार होता है. पहले से बीमारियों से ग्रसित लोग और गंभीर बीमारियों के पेशेंट अंजीर के सेवन के लिए अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें.

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