‘छबीला रंगबाज’ चरित्रहीन परिवेश की कहानियों का शहर..

हिंदी के प्रसिद्ध प्रकाशक राजपाल एण्ड सन्ज़ द्वारा आयोजित इस लोकार्पण समारोह में युवा आलोचक संजीव कुमार ने छबीला रंगबाज का शहर को यथार्थ के गढ़े जाने का पूरा कारोबार बताने वाला संग्रह बताया.

आखिर क्यों अन्नदाता पर बोझ बन गई है खेती-किसानी?

आज भारत के किसान खेती में अपना कोई भविष्य नहीं देखते हैं, उनके लिए खेती-किसानी बोझ बन गई है. हालात यह हैं कि देश का हर दूसरा किसान कर्जदार है. 2013 में जारी किए गए राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण के आंकड़े बताते है कि यदि कुल कर्ज का औसत निकाला…

आधार कार्ड पर फैसला : निजता की जीत और सरकार की हार के मायने..!

सुप्रीम कोर्ट के नौ सदस्यीय संविधान पीठ ने अपने ऐतिहासिक फैसले में निजता के अधिकार को संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकार घोषित कर दिया। इसका असर दूरगामी होगा। मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर की अध्यक्षता में गठित संविधान पीठ ने कहा कि निजता…
error: Content is protected !!