Cardamom: स्वाद और सेहत से भरी हैं छोटी और बड़ी इलायची

स्वाद और सेहत के साथ ही जब महक की बात की जाती है तो सभी की जुबां पर एक नाम आता है इलायची. इलायची छोटी हो या फिर बड़ी दोनों को ही मसालों की रानी हैं. छोटी इलायची जो मीठे पकवानों के स्वाद को दोगुना कर देती है और बड़ी इलायची नमकीन और चटपटे पकवानों को और भी जायकेदार बना देती है. आयुर्वेद में दोनों ही इलायची संपूर्ण औषधि हैं.

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स्वाद और सेहत के साथ ही जब महक की बात की जाती है तो सभी की जुबां पर एक नाम आता है इलायची. इलायची छोटी हो या फिर बड़ी दोनों को ही मसालों की रानी हैं. छोटी इलायची जो मीठे पकवानों के स्वाद को दोगुना कर देती है और बड़ी इलायची नमकीन और चटपटे पकवानों को और भी जायकेदार बना देती है. आयुर्वेद में दोनों ही इलायची संपूर्ण औषधि हैं.

गले की खराश मिटाए छोटी इलायची 

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छोटी इलायची गले की तकलीफों को दूर करती है. गले में खराश होने पर इलायची का सेवन करते हैं तो जल्द ही इस समस्या से आराम मिलता है. वहीं अगर रोजाना इलायची खाते हैं तो यह आवाज को पतला और मधुर बनाती है.

पाचनतंत्र को बनाए मजबूत (Strengthen digestion)

छोटी इलायची बाॅडी को डिटाॅक्सीफाई करती है. जिससे शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थ यूरिन के द्वारा बाहर निकल जाते हैं. खाना खाने के बाद इलायची खाने पर एसिडिटी से छुटकारा मिलता है. साथ ही यह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में भी मदद करती है. इलायची का पेस्ट सिरदर्द से भी छुटकारा दिलाता है.  

जायका बढ़ाए बड़ी इलायची (Increasing the taste of food, large cardamom)

बड़ी इलायची को नेपाली, बंगाली, लाल इलायची और काली इलायची भी कहा जाता है. इसके गुणकारी तत्व न सिर्फ स्वाद बढ़ाते हैं बल्कि कई बीमारियों में रामबाण औषधि का भी काम करती है. ऐसा माना जाता है कि बड़ी इलायची के 26 फायदे हैं. जो कि आपकी सेहत को पूरी तरह से दुरुस्त बनाती है.

अस्थमा से छुटकारा दिलाए बड़ी इलायची (Big Cardamom Rid Of Asthma)

शरीर में जमा विषैले पदार्थों को बाहर निकालने के साथ ही बड़ी इलायची अस्थमा की समस्या को भी दूर करती है. स्किन इन्फेक्शन से भी निजात दिलाने में मददगार है. बड़ी इलायची को पीसकर शहद में मिलाकर लगाने से मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं. यह शरीर में कैंसर के सेल्स को रोकने में सहायता करती है.

प्रजाति एक पर गुण हैं अलग-अलग 

बड़ी और छोटी दोनों ही इलायची एक ही प्रजाति की हैं, लेकिन दोनों के गुणों और स्वाद में काफी अंतर है. दोनों का ही बहुत अधिक औषधीय महत्व है. ये झाड़ीदार पौधों से हमें प्राप्त होती हैं. इन पौधों में पत्ते जड़ों से निकलते हैं और वहीं कलियां पत्तों के सिरे पर आती हैं.

(नोट : यह लेख आपकी जागरूकता, सतर्कता और समझ बढ़ाने के लिए साझा किया गया है. यदि किसी बीमारी के पेशेंट हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें.