Joint registration of property: पत्नी के नाम पर प्रॉपर्टी लेने के फायदे

यदि आप किसी (How to invest in property) प्रॉपर्टी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो बेहतर होगा कि यह प्रॉपर्टी आप अपनी पत्नी के नाम पर लें या घर की किसी महिला के नाम पर.

नवंबर 2016 की नोटबंदी के बाद प्रॉपर्टी कीमतों (property price in India) में बहुत अंतर आया है. रियल स्टेट सेक्टर (Real state sector) में पहले बहुत तेजी थी और फ्लैट की कीमतें भी बहुत ज्यादा थीं. लेकिन (Demonetisation in 2016) डिमॉनिटाइजेशन ने रियल स्टेट सेक्टर को प्रभावित किया है. प्रॉपर्टी विशेष रूप से फ्लैट की कीमतों में काफी बदलावा आया है.

बहरहाल, यदि आप किसी (How to invest in property) प्रॉपर्टी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो बेहतर होगा कि यह प्रॉपर्टी आप अपनी पत्नी के नाम पर लें या घर की किसी महिला के नाम पर.

दरअसल, महिलाओं या विशेष रूप से यदि आप कोई प्रॉपर्टी या फ्लैट अपनी वाइफ के नाम पर लेते हैं तो उन्हें टैक्स में छूट के साथ ही कई विशेष तरह के लाभ होते हैं. ये छूट प्रॉपर्टी टैक्स में छूट (Tax rebate) या फिर रजिस्ट्री में छूट के रूप में हो सकती है.

नये नियमों के अनुसार यदि आप अपनी वाइफ के नाम पर प्रॉपर्टी लेते हैं तो आपको स्टाम्प ड्यूटी में 2 फीसदी की छूट मिल सकती है. संभवत: छूट की राशि में बदलाव संभव है लेकिन यह छूट सरकार की ओर मिलती है. लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि यह प्रॉपर्टी पूरी तरह से महिला या फिर आपकी वाइफ के नाम पर होनी चाहिए.

वाइफ के नाम पर प्रॉपर्टी लेने के फायदे (benefits of buying a home in the wife’s name)
अपनी वाइफ के नाम पर प्रॉपर्टी लेने से सबसे पहले आपको (Home loan)  होम लोन आसानी से मिल जाता है. बता दें कि इधर बीते कुछ सालों में महिलाओं के नाम पर होम लोन तेजी से पास हुए हैं. यही नहीं महिलाओं के नाम पर (Property Registration) प्रॉपर्टी भी ज्यादा रजिस्टर हुई हैं.

होम लोने लेते समय पत्‍नी को को-अप्‍लीकेंट बना सकते हैं. इसके लिए जरूरी है कि वाइफ भी जॉब करती हों. यही नहीं महिलाओं को होम लोन लेने पर महिलाओं को ब्याज में दो लाख रुपए तक की छूट भी मिलती है.

टैक्स में छूट और फायदे (advantages for woman to buy property in india)
एक्‍सपर्ट के अनुसार महिलाओं के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदने पर कई तरह के टैक्‍स में छूट मिलती है. यदि पति के नाम पर पहले से ही प्रॉपर्टी है तो पत्नी के नाम पर प्रॉपर्टी लेने से पति के वेल्थ टैक्स लाइबिलिटी में कमी आती है. इसकी वजह महिलाओं को प्रॉपर्टी में हक देने पर भी होता है. मालिकाना हक होने से पारिवारिक संतुलन बढ़ता है. इस संबंध में आप ज्यादा जानकारी प्रॉपर्टी ब्रोकर से ले सकते हैं.

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