धर्म: नियमित रूप से करें अपने इष्टदेव का पूजन

हिंदू धर्म ग्रंथों में रोजाना ईश्वर का ध्यान और पूजन करने का महत्त्व बताया गया है. भगवान का स्मरण करने से आपको सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और पूरा दिन सफलता के साथ बीतता है. ज्योतिष शास्त्र में प्रतिदिन अपने इष्टदेव का पूजन करने को कहा गया है. 

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हिंदू धर्म ग्रंथों में रोजाना ईश्वर का ध्यान और पूजन करने का महत्त्व बताया गया है. भगवान का स्मरण करने से आपको सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और पूरा दिन सफलता के साथ बीतता है. ज्योतिष शास्त्र में प्रतिदिन अपने इष्टदेव का पूजन करने को कहा गया है. अपने इष्टदेव का विधिवत पूजन और ध्यान करने से आपका शरीर सकारात्मक ऊर्जा भर जाता है.

जल्दबाजी में न करें नियमित पूजन 

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अक्सर हम नियमित पूजन को काफी जल्दबाजी में पूरा कर लेते हैं. ऐसा करने से आप पूजन के फल से वंचित रह जाते हैं. इसलिए रोजाना का पूजन करने में भी हमें विशेष नियमों का पालन करना चाहिए. इन नियमों का पालन  करने से आपकी जिंदगी में सुख-संपत्ति और खुशियां ही खुशियां आएंगी.

क्या हैं नियमित पूजन के नियम 

नियमित पूजन करते समय घी का दीपक जलाने में मौली की बत्ती का उपयोग करें. पूजन स्थल के दाएं और घी का दीपक और तेल का दीपक बायीं ओर जलाएंसुबह-सुबह भगवान को खुशबू वाले फूल अर्पित करें. भगवान को फूल अर्पित करने की पीछे का सबसे बड़ा कारण यह है कि फूलों में तेजी से सकारात्मक ऊर्जा ग्रहण करने की शक्ति होती है. पूजन की शुरुआत भगवान गणेश का ध्यान कर करें. इसके बाद पूजन के दौरान सबसे पहले 21 या 31 बार गणपति भगवान के ‘ओम गं गणपतये नम:’ का जाप करें.

पूजन से होगा समस्याओं का निवारण 

इष्टदेव की उपासना करने से विशेष फल प्राप्त होता है. यदि आपको किसी मानसिक समस्या है, तो आपको शिवजी की उपासना करनी चाहिए. शारीरिक दर्द और चोट से निवारण पाने के लिए संकट मोचन का पूजन करें. शीघ्र विवाह के लिए पुरुष मां दुर्गा की और महिलाएं भगवान शिव की उपासना करें. सस्मस्या निवारण के लिए भगवान गणेश की पूजा करना लाभकारी है. धन के लिए मां लक्ष्मी की उपासना और मुक्ति-मोक्ष या आध्यात्मिक उपलब्धि के लिए श्रीकृष्ण या महादेव की उपासना करें.