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धर्म-कर्म

धर्म: नियमित रूप से करें अपने इष्टदेव का पूजन

हिंदू धर्म ग्रंथों में रोजाना ईश्वर का ध्यान और पूजन करने का महत्त्व बताया गया है. भगवान का स्मरण करने से आपको सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और पूरा दिन सफलता के साथ बीतता है. ज्योतिष शास्त्र में प्रतिदिन अपने इष्टदेव का पूजन करने को कहा गया है.…
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धर्म: सूर्यदेव की आराधना से बढ़ेगा आपका मनोबल

अंधकार को हरकर पृथ्वी के हर कोने को प्रकाशित करने वाले सूर्य देव को जल चढ़ाने का बेहद महत्त्व है. सूर्य की आराधना से हमारा आत्मविश्वाश बढ़ता है. सूर्य को हिंदू धर्म के पंचदेवों में सबसे प्रमुख देवता माना गया है. पूरे ब्रम्हांड में ऊर्जा का…
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पितृ मोक्ष अमावस्या: पितृ दोष से बचने के लिए जरूरी है श्राद्ध कर्म

पितृ पक्ष शुरू हैं और अंग्रेजी कलैंडर के अनुसार इस वर्ष पितृ मोक्ष अमावस्या सोमवार के दिन 8 अक्तबूर को है. इसी दिन सोमवती अमावस्या भी होने से यह महासंयोग बहुत ही लाभकारी है. दोनों ही अमावस्याओं का अपना विशेष महत्त्व होने के साथ ही साथ इस…
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श्राद्ध पक्ष: क्यों जरूरी है पितरों की शांति और पुरखों का श्राद्ध

श्राद्ध पक्ष के 15 दिनों तक हमारे पितृ पृथ्वी पर रहते हैं. मान्यता है कि आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से लेकर अमावस्या तक के 15 दिनों के लिए पितरों को धरती पर आने के लिए यमराज मुक्त कर देते हैं. पितृ पक्ष के दौरान सभी पितर अपने भाग का…
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शनि के प्रकोप से बचने करें हनुमानजी की भक्ति

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में हर ग्रह का अपना महत्व होता है, पर लोगों को सबसे ज्यादा डर न्याय के देवता शनि की दृष्टि से लगता है. वैसे तो शनि देव किसी को ऐसे परेशान नहीं करते हैं, हाँ लेकिन उनको न्याय पसंद है और वो अन्याय करने वालों…
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जीवन में स्थायीत्व और स्थिरता लातेेेे हैं भगवान गणेश

गणेश जी जितना कार्यों को सिद्ध करते हैं, उतना ही उसे स्थिर भी करते हैं. जिन लोगों का मन चंचल, अस्थिर है और जो लोग बुद्धि में अस्थिरता के चलते सैटल नहीं हो पा रहे और बार-बार काम-धंधे बदलते रहते हैं उन्हें भगवान गणेश की विशेष पूजा करनी चाहिए.
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कैसे हुई गणेश जी की उत्पत्ति? क्या है गणेश पुराण की कहानी?

श्री गणेश को देखकर मन मे विचार आता है कि श्री गणेश का मुख अन्य देवी-देवताओंं की तरह क्योंं नहीं है. जिस तरह अन्य देवी-देवताओंं के मुख सामान्य हैंं, उसी तरह श्री गणेश का भी मुख सामान्य क्योंं नहीं है? आखिर श्री गणेश का मुख हाथी जैसा क्योंं…
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Ganesh Chaturthi 2018 : क्यों पसंद है गणेश जी को दूर्वा? क्या है दूर्वा का महत्व

दूर्वा एक प्रकार की घास होती है, जिसका प्रयोग सिर्फ गणेश पूजन में ही किया जाता है. लेकिन बहुत कम व्यक्ति जानते हैंं कि आखिर गणेश पूजन मेंं इसका इस्तेमाल क्योंं किया जाता है?
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Ganesh Chaturthi 2018: क्यों लगते हैं गणपति बप्पा मोरिया के जयकारे? क्या अर्थ है मोरिया का?

आखिर गणेश चतुर्थी से गणेश विसर्जन तक मोरिया शब्द जो हमेंं सुनाई देता है यह क्या है? क्या इसका कोई कनेक्शन मोर या मौर्य से है या फिर यह गणेश जी का ही ही कोई नाम है? मोरिया शब्द के पीछे का इतिहास बहुत ही अलग है. 
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गणेश चतुर्थी २०१८: कैसे करें गणेश जी की स्थापना? क्या है पूजन की विधि और शुभ मूहुर्त

इस वर्ष गणेश चतुर्थी का पर्व 13 सितंबर 2018 से प्रारम्भ होकर 23 सितंबर 2018 तक चलेगा. गणेश पूजन का मध्याह्न काल में शुभ मुहूर्त समय: 11 बजकर 3 मिनट से लेकर 1 बजकर 30 मिनट है. इस अवधि मे श्री गणेश की पूजा करने का सर्वोत्तम मुहूर्त है.
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