जॉब के अलावा क्यों जरूरी है इनकम के दूसरे सोर्स?

जॉब पर निर्भरता एक मजबूरी भी होती है और जरूरत भी. लेकिन कहीं ऐसा तो नहीं है कि आप सालों साल एक ही जॉब में हैं और वह नौकरी आपकी मजबूरी बन गई है? यदि ऐसा है तो यह आपके लिए एक खतरे का अलार्म है.

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आमतौर पर कॉलेज पास करने या फिर कोई बड़ी डिग्री लेने के बाद हर एक की प्लानिंग होती है कि कैसे अच्छी जॉब हासिल की जाए. अच्छी और बेहतर कंपनी में नई जॉब हासिल करने की कोशिश प्रैक्टिकल अप्रोच भी है और जरूरत भी है क्योंकि जितना पैसा पढ़ाई लिखाई में लगाया है वह एक निवेश है और उसे निकालने की कोशिश करनी भी चाहिए. लेकिन कई बार ऐसा देखने में आया है कि फाइनेंशियल अस्थिरता के बीच कुछ लोग केवल जॉब पर ही फोकस हो जाते हैं.

एक ही जॉब पर हैं निर्भर तो खतरे की घंटी

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जॉब पर निर्भरता एक मजबूरी भी होती है और जरूरत भी. पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच एक निश्चित इनकम का आना बहुत जरूरी होता है. लेकिन कहीं ऐसा तो नहीं है कि आप सालों साल एक ही जॉब में हैं और वह नौकरी आपकी मजबूरी बन गई है? यदि ऐसा है तो यह आपके लिए एक खतरे का अलार्म है.

दरअसल, प्राइवेटाइजेशन के दौर में और लगातार मंदी के बादलों के बीच नई नौकरी मिलना तो मुश्किल है ही बल्कि मौजूदा नौकरी को बचाए रखना और उसमें सर्वाइव करना भी किसी चैलेंज से कम नहीं है. ऐसे में जरूरी है कि आप समय के साथ-साथ जॉब पर निर्भरता को कम करना चाहिए.

जॉब के अलावा भी हों इनकम के जरूरी विकल्प

शुरुआत दौर में जॉब करना और उसमें अपनी कुशलता या स्कील्स को बढ़ाना एक अच्छी बात है. यह आपके भविष्य के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अनिवार्य भी है. लेकिन तकरीबन 10 साल बाद केवल जॉब पर ही निर्भरता आज के कॉम्पिटीशन के दौर में आपके लिए कई आर्थिक चुनौतियां पेश कर सकती है.

दरअसल, जिस सेक्टर में आप जॉब करते हैं उसकी ग्रोथ ही आपकी तरक्की तय करती है. कई बार देखा गया है कि नौकरी नहीं बदलने, एक ही जगह लंबे समय तक टिके रहने और नये नेटवर्क में शामिल नहीं होने से ग्रोथ रुक जाती है. पैसे बढ़ते नहीं और जरूरतें बढ़ती जाती हैं.

नतीजा यह निकलता है कि तरक्की दौड़ में व्यक्ति पिछड़ जाता है. महंगाई के बीच बच्चों की फीस, घर का खर्च, होम लोन की ईएमआई और बीमारी का खर्च ना तो सैलरी में पूरा हो पाता है और ना ही व्यक्ति अपनी और परिवार की जरूरतों को पूरा कर पाता है.

जॉब ही नहीं करें नई प्लानिंग करें

केवल जॉब पर निर्भरता और लंबे समय तक एक ही नौकरी में रहकर रिटायर होना बहुत पुरानी बात हो गई है. आपके जरूरी है कि प्रोफेशनल लाइफ के साथ कुछ जरूरी बातों की प्लानिंग की जाए. आइए जानते हैं जॉब पर निर्भरता को कैसे कम किया जाए.

  • जॉब में रहते हुए हमेशा बेहतर विकल्पों पर नजर बनाएं रखें.
  • नौकरी के अलावा एक डिजास्टर प्लान तैयार रखें ताकि इमरजेंसी में काम आए
  • नई नौकरी देखें लेकिन कम से कम 1 साल पूरा करें. इससे आपका सीवी खराब नहीं होगा.
  • जॉब करते हुए स्टार्ट अप से लेकर छोटे बिजनेस की प्लानिंग करते रहें जिससे छोटे-मोटे खर्चें चलते रहें.
  • फैमिली की मदद से ऐसे बिजनेस को आप खड़ा कर सकते हैं.
  • अपनी स्कील्स को बढ़ाते रहें जिससे उसी सेक्टर में अपना कुछ स्टार्ट अप खड़ा कर सकें.
  • हमेशा जॉब और ग्रोथ सेक्टर को लेकर फोकस रहें और अपनी प्लानिंग तैयार रखें
  • जिस भी सेक्टर में आप जॉब करते हैं या आपकी प्रोफाइल है उस नेटवर्क में शामिल रहें. केवल 9 से 5 की जॉब में घर आने से ग्रोथ नहीं होती.
  • हमेशा प्रोफेशनल्स और जॉब काउंसर से लेकर फाइनेंशियल प्लानर से सलाह लेते रहें.
  • एकदम नौकरी ना छोड़ें और प्लानिंग पर काम करते रहें.

 

(नोट: यह लेख आपकी जागरूकता और समझ बढ़ाने के लिए साझा किया गया है. अधिक जानकारी के लिए किसी फाइनेंशियल एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.)