CRPF से BSF तक जानिए कौन सी सेना करती है किस बॉर्डर की सुरक्षा, क्या हैं काम?

Indian Army की तरह ही अलग-अलग तरह की Armed Forces हैं जो बॉर्डर और देश के अंदर करती हैं. इनमें CRPF, BSF, ITBP प्रमुख नाम हैं. आपने इनके नाम तो सुने होंगे लेकिन बहुत ही कम लोग ये जानते हैं कि इन Armed Forces के क्या काम होते हैं.

इंडियन आर्मी बॉर्डर पर सुरक्षा का काम करती है. इस बात को हम सभी जानते हैं. लेकिन इंडियन आर्मी के अलावा देश में कई सारी Central Armed Police Force है जो देश की बॉर्डर पर और देश के अंदर सुरक्षा का काम करती है. इनमें CRPF, BSF, ITBP प्रमुख नाम हैं. आपने इनके नाम तो सुने होंगे, लेकिन बहुत ही कम लोग ये जानते हैं कि इन Armed Forces के क्या काम होते हैं.

असम राइफल्स | Assam Rifles Work

असम राइफल्स भारत की सबसे पुरानी Paramilitary Force है. साल 1835 से ये अंग्रेजों के लिए काम कर रहे थे. उस समय इस फोर्स का नाम Cachar Levy हुआ करता था. साल 1917 से इस फोर्स को Assam Rifles कहा जाने लगा. इतिहास की बात करें तो असम राइफल्स ने पहले विश्व युद्ध में मिडिल ईस्ट और यूरोप में अंग्रेजों की तरफ से लड़ाई लड़ी. इसके बाद ये बर्मा यानी म्यांमार में अपनी सेवाएं देने लगे.

असम राइफल्स का काम (Assam Rifles which border security?) असम के हिमालय वाले हिस्से में भारत और तिब्बत की बॉर्डर पर सुरक्षा करना है. इसके अलावा वे अरुणाचल प्रदेश के जनजाति इलाकों में कानून नियंत्रण का भी काम करते हैं. असम राइफल्स गृह मंत्रालय के अंतर्गत काम करते हैं. इनकी वर्तमान में 46 बटालियन हैं. साल 2002 से इनका काम भारत और म्यांमार की सीमा पर सुरक्षा करना है.

बीएसएफ़ के कार्य | BSF Works

BSF का पूरा नाम (BSF Full Name) बाॅर्डर सिक्योरिटी फोर्स है. साल 1965 में जब भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ था और भारत का भारी नुकसान हुआ था तब देश की सुरक्षा के लिए भारत सरकार ने 1 दिसंबर 1965 को बीएसएफ़ की स्थापना (BSF Established Date) की.

बीएसएफ़ का मुख्य काम (BSF Work) है भारत और पाकिस्तान बॉर्डर तथा भारत और बांग्लादेश बॉर्डर की सुरक्षा करना. बीएसएफ़ देश की Central Armed Police Force है जो भारतीय गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करती है. बीएसएफ़ शांति के दिनों में भारत-पाकिस्तान तथा भारत बांग्लादेश की सीमा पर सुरक्षा का कार्य करती है. बीएसएफ़ की देश में 186 बटालियन है.

सीआईएसएफ़ के कार्य | Work of CISF

CISF का पूरा नाम (CISF Full Name) Central Industrial Security Force है. इसे भारत सरकार ने संसद में एक्ट परित करके 10 मार्च 1969 को बनाया था. सीआईएसएफ़ भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करती है और इसमें वर्तमान में 1,48,371 जवान हैं.

CISF का मुख्य काम (CISF Work) सरकारी सम्पत्तियों की रक्षा करना है. CISF देश में 300 Industrial Units पर उनकी सुरक्षा कर रही है, जिन सरकारी संपत्ति या Industrial Units की हम बात कर रहे हैं उनमें एटोमिक पावर प्लांट, स्पेस सेंटर, माइंस, ऑइल फील्ड, रिफाइनरी, सरकारी इंजीनियरिंग कंपनी, स्टील प्लांट, फर्टिलाइजर प्लांट, एयरपोर्ट, थर्मल प्लांट. ऐसी सभी कंपनियां जो सरकारी हैं वहां पर सीआईएसएफ़ काम करती हैं. जब आप एयरपोर्ट पर जाते हैं तो जो जवान आपके पासपोर्ट चेक करते हैं,आपके सामान की तलाशी लेते हैं वो सीआईएसएफ़ के ही होते हैं.

सीआरपीएफ़ के कार्य | Work of CRPF

CRPF देश की सबसे बड़ी Central Armed Police Force है. इसका पूरा नाम (CRPF Full Form) Central Reserve Police Force है. CRPF की स्थापना 27 जुलाई 1939 को की गई थी. उस समय ये सेना ब्रिटिश क्राउन की पुलिस के रूप में काम किया करते थे. आजादी के बाद संसद में CRPF Act पास करके 28 दिसंबर 1949 को इन्हें CRPF का दर्जा दिया गया. भारत में वर्मतान में इनकी 246 बटालियन हैं और 3 लाख सैनिक हैं.

सीआरपीएफ़ बॉर्डर पर नहीं बल्कि देश के अंदर सुरक्षा का काम करती है. जब भी किसी भी जगह पर दंगे होते हैं या फिर अनिश्चितता का माहौल होता है तो सीआरपीएफ़ के जवान ही उस स्थिति को संभालते हैं. जम्मू-कश्मीर, बिहार, यूपी आदि में होने वाले दंगों में सीआरपीएफ़ ने काफी काम किया है. इसके अलावा इनकी सबसे बड़ी भूमिका भारत में होने वाले चुनावों में रहती है. चुनाव सुरक्षित तरीके से हो इसकी पूरी ज़िम्मेदारी सीआरपीएफ़ की रहती है.

आईटीबीपी के कार्य | Work of ITBP

ITBP का पूरा नाम (ITBP Full Name) Indo-Tibetan Border Police है. इसकी स्थापना 247 अक्तूबर 1962 को हुई थी. इसे बनाने के पीछे की वजह चीन द्वारा भारत पर किया गया कब्जा थी. साल 1962 में भारत और चीन के बीच युद्ध हुआ था, जिसके बाद से भारत के कुछ हिस्से पर चीन ने कब्जा कर लिया था. इसके बाद सीमा की सुरक्षा बढ़ाने के लिए ITBP की स्थापना की गई.

ITBP का मुख्य काम भारत की चीन और तिब्बत के साथ लगी सीमा की पेट्रोलिंग करना है. इसके अलावा ITBP को कई चीजों के लिए ट्रेन किया जाता है जैसे Civil Medical Camp, Disaster Management, Nuclear, Chemical, Biological Disaster आदि. ITBP में कुल 60 बटालियन हैं जिसमें से दो बटालियन को National Disaster Response Force के रूप में नियुक्त किया गया है.

 

एनएसजी के कार्य | Work of NSG

NSG का Full Form “National Security Guard” है. इसकी स्थापना 22 सितंबर 1986 को National Security Guard Act 1986 के तहत की गई थी. NSG भारत के गृह मंत्रालय विभाग के अंतर्गत आते हैं.

NSG का काम देश में फैल रहे आतंकवाद को रोकना और उससे लड़ना है. यानी देश में जो आतंकवादी गतिविधियां होती हैं उनमें यदि लड़ने वाले जवानों की जरूरत पड़ेगी तो NSG के जवान भेजे जाएंगे. ये अभी तक कई आतंकवादी गतिविधियों को रोक चुके हैं. इन्हें The Black Cats के नाम से भी जाना जाता है.

एसएसबी के कार्य | Work of SSB

एसएसबी का पूरा नाम (SSB Full Name) ससस्त्र सीमा बल है. साल 1962 में हुए भारत और चीन के युद्द के बाद ही साल 1963 में इसे बनाया गया था. एसएसबी भारत सरकार के गृह मंत्रालय विभाग के अंतर्गत आती है. इसमें 94,261 लोग काम कर रहे हैं.

एसएसबी का वर्तमान में काम भारत की नेपाल और भूटान के साथ लगी सीमा पर सुरक्षा का है. ये यहां पेट्रोलिंग करते हैं और बॉर्डर पर होने वाले अपराध जैसे तस्करी आदि को कम करते हैं.

एसएसबी का काम शांति के दिनों में नेपाल और भूटान की सीमा पर रह रहे लोगों को राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में प्रोत्साहित करना है ताकि युद्ध की स्थिति में या फिर किसी अनिश्चित स्थिति में सब भाईचारे के साथ रह सके. एसएसबी के पास उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में सुरक्षा की दृष्टि से काम करने की पावर है.

 

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