Eating disorder: ज्यादा खाना खाने के नुकसान

अत्याधिक भोजन करना या पर्याप्त मात्रा में भोजन न करने जैसी समस्याएं यदि आपको हैं, तो आप "ईटिंग डिसऑर्डर" जैसी बीमारी का शिकार हो सकते हैं. यह एक घातक व्यवहारात्मक बीमारी है. इसे हिंदी में समझे तो यह खाने संबंधि एक विकार है.

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अत्याधिक भोजन करना या पर्याप्त मात्रा में भोजन न करने जैसी समस्याएं यदि आपको हैं, तो आप “ईटिंग डिसऑर्डर” जैसी बीमारी का शिकार हो सकते हैं. यह एक घातक व्यवहारात्मक बीमारी है. इसे हिंदी में समझे तो यह खाने संबंधि एक विकार है.

क्या है ईटिंग डिसऑर्डर? (What is eating disorder? know about overeating )

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एनोरेक्सिया नर्वोसा और बुलिमिया नर्वोसा यह “ईटिंग डिसऑर्डर” के दो प्रकार हैं. यह दोनों ही स्थितियां हमारी सेहत के लिए ठीक नहीं हैं. यह समस्या बच्चों से ही शुरू हो जाती है. लंबे समय तक इस बीमारी का इलाज नहीं कराए जाने पर पेशेंट आत्महत्या जैसा घातक कदम तक उठा सकता है. 

 क्या है एनोरेक्सिया नर्वोसा और बुलिमिया नर्वोसा के लक्षण? (anorexia nervosa and bulimia nervosa disease in hindi)

एनोरेक्सिया नर्वोसा होने पर वजन बढ़ने के डर से मरीज भूखेे होते हुए भी खाना नहीं खाता है. वहीं एक ही बार में ढेर सारा भोजन करना और बाद में उल्टी कर भोजन को बाहर निकाल देना बुलिमिया नर्वोसा कहलाता है.

क्यों होता है एनोरेक्सिया? (anorexia nervosa symptoms and treatment )

एनोरेक्सिया कई सोशल, इमोशनल व जैविक कारकों से होने वाली बीमारी है. सभी के लिए एकदम सही होने का प्रयास करना लेकिन वास्तविकता में असहाय, निराश होना और खुद को असफल मानना इस बीमारी के कारण हैं.

परिवार और समाज दबाव से भी यह बीमारी होने के चांस होते हैं. किसी ऐसे बच्चे के मां-बाप जो उसकी फिजिक और प्रजेंटेेेेशन दोनों की बुराई करते हैं, उन बच्चों में एनोरेक्सिया होने की आशंका काफी हद तक बढ़ जाती है. 

साथ ही अत्यधिक टेंशन लेना और आनुवंशिक कारक भी एनोरेक्सिया होने के कारण हैं. यदि टाइम पर ट्रीटमेंट के साथ ही स्वस्थ खानपान रखा जाए तो इस बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है. 

क्या हैं बुलिमिया नर्वोसा के कारण? (bulimia nervosa symptoms and causes)  

बुलिमिया नर्वोसा से पीड़ित व्यक्ति तनाव, घबराहट या अन्य भावनात्मक मुद्दों से निपटने के लिए खाना खाने का रास्ता निकाल लेता है. अनियंत्रित होकर व्यक्ति अत्यधिक खा भी लेता है. कई बार अत्याधिक खाना खा लेने के बाद शर्मिंदा होता है.

इस बीमारी में पेशेंट शरीर के वजन के प्रति सचेत हो जाता है. सेल्फ रिस्पेक्ट कम होना, ब्लड प्रेशर लो होना, महिलाओं में माहवारी में अनियमितता होना भी इसका एक कारण है. बार-बार शौच के लिए जाना और एक साथ ही अत्यधिक भोजन कर लेने के साथ ही अवसाद से ग्रसित होना इस बीमारी के लक्षण हैं.

(नोट : यह लेख आपकी जागरूकता, सतर्कता और समझ बढ़ाने के लिए साझा किया गया है. यदि किसी बीमारी के पेशेंट हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें.)