हिन्दी में गाय पर निबंध, गाय पर निबंध कैसे लिखें?

स्कूल के दिनों में जब भी परीक्षा होती है तो परीक्षा में आने वाले प्रश्न बहुत परेशान करते हैं. खासतौर पर निबंध. स्कूल के दिनों में किसी भी निबंध को याद करना बेहद ही मुश्किल काम होता है. क्योंकि निबंध काफी बड़ा होता है और समझ में भी कम आता है.

स्कूल के दिनों में जब भी परीक्षा होती है तो परीक्षा में आने वाले प्रश्न बहुत परेशान करते हैं. खासतौर पर निबंध. स्कूल के दिनों में किसी भी निबंध को याद करना बेहद ही मुश्किल काम होता है. क्योंकि निबंध काफी बड़ा होता है और समझ में भी कम आता है. कई बच्चे गाय का निबंध याद करते हैं और पहली से दसवी कक्षा तक उसी निबंध का उपयोग करते हैं. कई बच्चे हैं जो गाय का निबंध ही याद करते हैं.

गाय का निबंध (cow essay in hindi)

प्रस्तावना

गाय एक बहुत ही उपयोगी पालतू पशु है. हमारे देश में गाय को पशु नहीं बल्कि गौमाता कहकर बुलाया जाता है. गाय के पीछे कई धार्मिक मान्यता जुड़ी हुई है साथ ही वैज्ञानिक भी ये स्वीकार करते हैं हैं की गाय एक बहुत ही महत्वपूर्ण पशु हैं. भारत में गाय को एक पवित्र पशु माना जाता है और सभी लोग गाय की पूजा करते हैं. गाय की सबसे बड़ी विशेषता ये है की ये जो भी चीज देती है उसके बहुत सारे फायदे हैं. इसके दूध से लेकर गोबर तक हर चीज का अपना महत्व है.

गाय की उपयोगिता

गाय हमे मुख्य तौर पर दूध देती है. इस दूध में बहुत सारे पौष्टिक तत्व होते हैं. ये बच्चों और बीमारों के लिए बहुत ही फायदेमंद आहार माना जाता है. दूध से हम कई तरह की चीजें बनाते हैं जैसे घी, छाछ, पनीर, दही, मक्खन, मावा आदि.

गाय का दूध यदि खराब भी हो जाए तब भी वो काम में आता है. इसके अलावा गाय के मूत्र यानी गौमूत्र से अनेक आयुर्वेदिक दवाइयांं बनाई जाती हैंं. कई रोगों में गौमूत्र दवाई की भांति काम करता है.

गाय के गोबर की बात करें तो यह भी काफी उपयोगी होता है. गोबर से फसल के लिए खाद बनाई जाती है, गोबर के कंडे बनाए जाते हैं जो खाना बनाने के काम आते हैं, गोबर से गोबर गैस बनाई जाती है जिसे हम खाना बनाने में उपयोग करते हैं. अन्य पशुयों की तुलना में गाय एक बेहद उपयोगी पशु है.

गाय की शारीरिक संरचना

गाय का एक मुह, दो आंंखें, दो कान, दो सिंह, दो नथुने, चार पाव, चार थन तथा एक पूूंछ होती है. गाय के पांवों में खुर होते हैं जो उनके पांवों के लिए जूते का काम करते हैं. गाय की कुछ प्रजाति में सींग नहीं पाए जाते.

गाय की प्रमुख नस्ल

गाय की पूरी दुनिया में कई नस्लें हैं लेकिन भारत में साहिवाल नस्ल जो पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, बिहार में पाई जाती है. गिर नस्ल की गाय दक्षिण काठियावाड़ में पाई जाती है. थारपार्कर नस्ल जोधपुर, जैसलमर, कच्छ में पाई जाती है. कारण फ्राई नस्ल की गाय राजस्थान में पाई जाती है. भारत में विदेसी नस्ल जर्सी गाय भी बहुत लोकप्रिय है. इसकी खासियत ये है की ये दूध अधिक देती है.

गाय का रंग

गाय के कई रंग होते हैं. गाय सिर्फ एक रंग या फिर एक ही गाय के दो रंग भी हो सकते हैं. गाय मुख्यतः सफ़ेद, काली, लाल, बादामी, भूरी तथा चितकबरी रंग की होती है.

गाय का धार्मिक महत्व

भारत में गाय सिर्फ एक पालतू पशु नहीं है बल्कि गाय को देवी के रूप में पूूजा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गाय के अंदर 33 करोड़ देवताओं का निवास होता है. इस कारण इन्हें मारना या पीटना पाप माना जाता है. इनकी दिवाली के दूसरे दिन गोवर्धन पूूजा के मौके पर पुजा की जाती है इनका श्रृृंंगार किया जाता है. भारत में कई लोग गाय के लिए अलग से रोटी बनाकर रखते हैं. पहले के जमाने में जिस गांंव में या जिस राज्य में जितनी ज्यादा गाय होती थी उसे उतना ज्यादा संपन्न माना जाता है.

निष्कर्ष

गाय को हम सभी गौमाता तो मानते हैं लेकिन आधुनिकता के चक्कर में हम गाय को थोड़ा भूल गए हैं. शहरों में पोलीथीन का प्रयोग किया जाता है और उपयोग होने के बाद उसे कहीं भी फेंंक दिया जाता है. इसके बाद गाय इन्हें भोजन समझ कर खा लेती है और गाय की असमय मृत्यु हो जाती है. हमारे इस तरह के कृत्य से गाय को काफी नुकसान पहुंचता है. इस दिशा में हमें गंभीरता से विचार करना चाहिए.

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