Exercise benefits: एक्सरसाइज के फायदे और व्यायाम के लाभ-हानि

क्या आप एक्सरसाइज करते हैं. यदि हां तो जानिए इसके फायदे और यदि नहीं करते हैं और टाइम नहीं मिल पा रहा है तो फिर ये हेल्थ टिप्स आपके काम आएंगे.

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बदलती लाइफ स्टाइल में exercise और workout करना सबसे जरूरी हो गया है. लगातार कंप्यूटर के सामने बैठे रहना या फिर ऐसा काम करना जिसमें केवल बैठे रहने और physically active नहीं होने से युवाओं को भी कई तरह की बीमारियां घेर रही हैं.diabetes heart attack और cancer जैसी खतरनाक बीमारियां लाइफ स्टाइल की ही देन हैं. ऐसे में हर एक व्यक्ति के लिए जरूरी हो जाता है कि वह अपने जीवन में एक्सरसाइज को शामिल करें.

एक्सरसाइज फ्री रेडिकल्स से रखती है सेफ (what is the benefits of regular exercise)
यूनिवर्सिटी आफ फ्लोरिडा के विशेषज्ञों द्वारा किए गए एक नवीनतम शोध के अनुसार नियमित व्यायाम से फ्री रेडिकल्स से सुरक्षा मिलती है. फ्री रेडिकल्स बहुत ही अधिक खतरनाक तत्व होते हैं जो आक्सीडेशन का कारण बनते हैं जिससे शरीर के सेल नष्ट होते हैं और इस प्रक्रिया से बहुत से रोग जैसे हृदय रोग व अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं.

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इस शोध के शोधकर्ता केविन विन्सेट ने अपने शोध में पाया कि जिन व्यक्तियों ने नियमित व्यायाम किया, उनमें शरीर के कम सेल नष्ट हुए व्यायाम न करने वालों की तुलना में.

पर्यावरण स्वस्थ तो मानव भी स्वस्थ  (know about environmental benefits of exercise)
हम अपने स्वास्थ्य की ओर तो सचेत हो गए हैं, पर अभी तक अपने आस-पास के वातावरण को स्वस्थ रखने के प्रति सचेत नहीं हुए हैं जबकि हमारे स्वास्थ्य को हमारा वातावरण बहुत ही प्रभावित करता है. मलेरिया, हैजा, टाइफाइड जैसी बीमारियां गलत व अस्वस्थ वातावरण का परिणाम हैं.

हम हाथ धोने, सब्जियों को साफ रखने की ओर जितना ध्यान देते हैं उतना ही जरूरी है नालियों को साफ रखना, कूड़ा सही स्थान पर फेंकना आदि. अगर हमारा पर्यावरण सुरक्षित नहीं तो हमारा स्वास्थ्य भी सुरक्षित नहीं है. आज हमारे खाद्य पदार्थों में कीटनाशक हैं, पानी में प्रदूषण- कारी पदार्थ, वातावरण में विषैला धुआं और दूध में भी ऐसे हानिकारक हारमोन्स हैं जो हम बच्चों को देते हैं. इसलिए पर्यावरण का सुरक्षित होना अधिक जरूरी है.

मस्तिष्क के लिए बहुत जरूरी है रोजाना व्यायाम (Exercise benefits for brain)
नवीनतम शोधों से पता चला है कि आप अपने मस्तिष्क की कार्यक्षमता को तेज कर सकते हैं. वैसे तो यही माना जाता है कि हर व्यक्ति जन्म से ही तेज दिमाग या कम दिमाग का होता है लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि हम दिमाग को तेज कर सकते हैं कुछ उपाय अपनाकर. 

हम जानते हैं कि मस्तिष्क का वजन हमारे शरीर के वजन के 2 प्रतिशत से भी कम होता है लेकिन मस्तिष्क को ऑक्सीजन और ग्लूकोज की आवश्यकता अधिक होती है. मस्तिष्क की कार्यक्षमता की वृद्धि के लिए सबसे आवश्यक हैं विटामिन और मिनरल. स्वस्थ मस्तिष्क में एंटी आक्सीडेंट जैसे फैटी एसिड व अमीनो एसिड का स्तर अधिक पाया गया है. वसायुक्त भोजन का सेवन कम करें क्योंकि ये मस्तिष्क रक्त वाहिनियों को नुकसान पहुंचाते हैं.

मस्तिष्क को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाते हैं मुक्त रेडिकल और एंटीआक्सीडेट इन मुक्त रेडिकल्स को नष्ट करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं इसलिए इनसे सुरक्षा के लिए फलों व सब्जियों का अधिक सेवन करें और विटामिनयुक्त भोजन का सेवन करें.

मूत्र नली संक्रमण गर्भावस्था में हो सकता है घातक (exercise benefits for women’s health)
नवीतनम शोधों के अनुसार गर्भावस्था में अगर किसी महिला को मूत्रा नली संक्रमण की समस्या हो और उसका सही इलाज नहीं करवाया जाए तो मानसिक रूप से पिछड़े शिशु होने की संभावना 40 प्रतिशत बढ़ जाती है.

अगर सही समय पर इसका सही इलाज करा लिया जाए तो ऐसा होने की संभावना न के बराबर होती है. विशेषज्ञों का मानना है कि इसका कारण है कि इंफेक्शन में बैक्टीरिया बहुत अधिक विषैले पदार्थ छोड़ते हैं जो प्लेसेंटा को पार करते हुए बच्चे के दिमागी विकास को प्रभावित करते हैं.

विटामिन ई पार्किन्सन रोग होने की संभावना कम करता है (vitamin e dosage for parkinson’s)
न्यूजर्सी में यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिसिन एंड डेंटिस्ट्री के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ.लारेंस कोल्बे के अनुसार अगर विटामिन ई का सेवन प्रारंभ से ही उचित मात्रा में नहीं किया जाए तो बाद में बढ़ती उम्र में पार्किन्सन रोग के होने की संभावना हो सकती है. अभी तक पार्किन्सन रोग के कारण का तो पता नहीं चला पाया पर विशेषज्ञों का मानना है कि विटामिन ‘ई‘ एक अच्छा एंटीआक्सीडेंट है और पार्किन्सन रोग के इलाज में इसका सेवन लाभदायक साबित हुआ है.