गणेश चतुर्थी २०१८: कैसे करें गणेश जी की स्थापना? क्या है पूजन की विधि और शुभ मूहुर्त

इस वर्ष गणेश चतुर्थी का पर्व 13 सितंबर 2018 से प्रारम्भ होकर 23 सितंबर 2018 तक चलेगा. गणेश पूजन का मध्याह्न काल में शुभ मुहूर्त समय: 11 बजकर 3 मिनट से लेकर 1 बजकर 30 मिनट है. इस अवधि मे श्री गणेश की पूजा करने का सर्वोत्तम मुहूर्त है.

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श्री गणेश, विनायक, गजानन, लंबोदर, एकदंत और वक्रतुंड के नाम से पुकारे जाने वाले भगवान श्री गणेश की एक बार फिर 10 दिनोंं तक हर गली चौराहे पर धूम देखने को मिलेगी. इस वर्ष गणेश चतुर्थी का पर्व 13 सितंबर 2018 से प्रारम्भ होकर 23 सितंबर 2018 तक चलेगा. इन दिनोंं हमेंं गणेश जी के पंडालो पर कई तरह के कार्यकर्म देखने को मिलेंगे. 

भगवान श्री गणेश के आगमन के साथ ही सम्पूर्ण पृथ्वी पर हर तरफ रौनक के साथ रोमांच की रोशनी बिखर जाती है. श्री गणेश से हर वर्ग हर उम्र के व्यक्ति का अधिल लगाव रहा है. श्री गणेश आते तो हैं, बिना किसी अपेक्षा के किन्तु देकर जाते हैं व्यक्ति अपेक्षा से कई गुना ज्यादा असंख्य आशीर्वाद.

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श्री गणेश स्थापना से पहले क्या करेंं

श्री गणेश को घर मे विराजने से पहले अपने घर की साज सज्जा पर विशेष ध्यान देंं. अपने घर को इतना खूबसूरत बना देंं कि गणेश जी आपके घर को देखते ही प्रसन्न हो जाएंं, एवं मुस्कुराते हुए कहें कि बस अब कहीं नहीं जाना यहीं पर रहना है.

श्री गणेश की स्थापना का स्थान स्थान स्वच्छ रखेंं, याद रखेंं जितनी आप गणपति के समक्ष सुख, सुविधा, आराम, रखेंगे उससे कहीं ज्यादा आपको प्रतिसाद के तोर पर प्राप्त होगा. श्री गणेश को स्थापित करने वाले स्थान को स्वच्छ पानी से धोएं.

कुमकुम से व्यवस्थित सही स्वास्तिक बनाते हुये हल्दी की चार बिंदी लगाएं, एवं उसी स्थान पर एक मुट्ठी अक्षत रखें.

छोटा बाजोट, पटा या चौकी पर लाल, पीले या केसरिया वस्त्र को बिछाएं. ध्यान रहे कि वह स्थान अधेंंरे मेंं नहीं होना चाहिए. श्री गणेश की स्थापना वाला स्थान रौशनी से सुसज्जित करें.

पूजन विधि :

ॐ नारायणाय नम:, ॐ केशवाय नम:, ॐ माधवाय नम: कहते हुए हाथ में जल लेकर तीन बार आचमन करते हुये ॐ ऋषिकेशाय नम: कहकर हाथ धोएं.

प्राणायाम कर शरीर की शुद्धि के लिए ॐ अपवित्र: पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोऽपि वा मंत्र एवं य: स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तर: शुचि: कहते हुए सभी ओर जल का छिडकाव करेंं.

कैसे करें गणेश जी की स्थापना

श्री गणेश के स्थान के उलटे हाथ की तरफ चावल या गेहूं के ऊपर जल से भरा हुआ कलश स्थापित करें. कलश पर आमपत्र एवं मौली बांधें के साथ एक नारियल रखें.

गणेश जी को जिस स्थान पर अथापित किया है, वहांं के सीधे हाथ की तरफ घी का दीपक ओर दक्षिणावर्ती शंख रखना शुभ माना जाता है.

गणेश पूजन का शुभ मुहूर्त

गणेश पूजन का मध्याह्न काल में शुभ मुहूर्त समय: 11 बजकर 3 मिनट से लेकर 1 बजकर 30 मिनट है. इस अवधि मे श्री गणेश की पूजा करने का सर्वोत्तम मुहूर्त है.

नोट : (10 दिन तक नियमित समय पर श्री गणेश की आरती करें. अपनी सुविधानुसार पूजा के समय को घटाएं या बढ़ाएं नहीं. श्री गणेश को पूजा मेंं प्रतीक्षा करना पसंद नहीं हैं. समय पर श्री गणेश की सच्ची श्रद्धा से आरती एवं प्रसाद अर्पित करते हुए प्रसन्न करें.)