GST composition scheme: किन व्यापारियों के लिए फायदेमंद है जीएसटी कंपोजिशन स्कीम?

जीएसटी वैसे तो कॉम्पिलिकेटेड टैक्स है. GST की जटिलताओं से मुक्ति दिलाती है जीएसटी कम्पोजिशन स्कीम (GST composition scheme).

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जीएसटी वैसे तो कॉम्पिलिकेटेड टैक्स है, लेकिन इसकी जटिलता को कम करने के लिए सरकार ने अलग से सुविधाएं और स्कीम भी लागू की हैं. दरअसल, GST यानी goods and service tax कहने में जितना आसान है समझने में उतना ही मुश्किल है.

इसमें हर महीने आपको रिटर्न दाखिल करना होता है. बार-बार रसीद अपलोड करना पड़ता है. लेकिन आप चाहेंं तो इन सभी झंझटों से मुक्ति पा सकते हैं. GST की जटिलताओं से मुक्ति दिलाती है जीएसटी कम्पोजिशन स्कीम (GST composition scheme).

जीएसटी कम्पोजिशन स्कीम क्या है? (GST composition scheme hindi)

जीएसटी कम्पोजिशन स्कीम जीएसटी के तहत रजिस्टर व्यापारियों को बार-बार हर महीने रिटर्न दाखिल करने के झंझट से मुक्ति दिलाने वाली योजना है. जीएसटी कम्पोजिशन स्कीम के तहत रजिस्टर व्यापारियों को तीन महीने मे सिर्फ एक बार रिटर्न दाखिल करना होता है. ये योजना कुछ खास व्यापारियोंं के लिए होती है जो जीएसटी कम्पोजिशन स्कीम के दायरे में आते हैं.

जीएसटी कम्पोजिशन स्कीम का फायदा कौन ले सकता है? (GST composition scheme rules)

जीएसटी कंपोज़ीशन स्कीम का फायदा कुछ खास व्यापारी ले सकते हैं जो जीएसटी कंपोज़ीशन स्कीम के अंदर आते हैं.

– वे व्यापारी जिनके बिजनेस का सालाना टर्नओवर कम से कम 20 लाख रुपये और ज्यादा से ज्यादा 75 लाख रुपये हो वे इस स्कीम का फायदा उठा सकते हैं.

– भारत के पूर्वोत्तर राज्य के व्यापारियों के लिए ये सीमा 10-50 लाख रुपये है.

– जीएसटी कंपोज़ीशन स्कीम का फायदा वे व्यापारी ही उठा सकते हैं जो रेस्टोरेन्ट सेक्टर से जुड़े हैं. अन्य सेक्टर से जुड़े व्यापारी इस स्कीम का फायदा नहीं उठा सकते.

जीएसटी कंपोज़ीशन स्कीम का फायदा कौन नहीं उठा सकता?

निम्न श्रेणी के व्यपारी जीएसटी कंपोज़ीशन स्कीम के तहत नहीं रजिस्टर करवा सकते हैं.
– जो व्यापारी एक राज्य से दूसरे राज्य में व्यापार करते हैं.
– जीएसटी की छूट वाले सामान का कारोबार करने वाले व्यापारी.
– पान मसाला, तंबाकू, आइसक्रीम से संबन्धित व्यापार करने वाले व्यापारी.
– ई-कॉमर्स के माध्यम से अपने प्रॉडक्ट बेचने वाले व्यापारी.
– सरकार की ओर से अधिसूचित प्रॉडक्ट बेचने वाले व्यापारी.

जीएसटी कंपोज़ीशन स्कीम मे रजिस्ट्रेशन कैसे करवाएंं? (GST composition scheme registration)

जीएसटी कंपोस्जिशन स्कीम में रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए आपको जीएसटी पोर्टल पर जाना होगा और cmp 01 form भरना होगा. ये फॉर्म आप इन स्टेप्स को फॉलो करके भी फ़िल कर सकते हैं.

– सबसे पहले इस वेबसाइट पर जाएंं (www.gst.gov.in)
– Service ऑप्शन पर क्लिक करें.
– Registration पर क्लिक करें.
– रजिस्ट्रेशन में cmp 01 सिलैक्ट करें और उसे फ़िल करें.

जीएसटी कंपोज़ीशन स्कीम का क्या फायदा है? (Benefit of GST composition scheme)

– जीएसटी कंपोज़ीशन स्कीम के तहत रजिस्टर व्यापारियों को तीन साल में एक बार रिटर्न भरना होता है॰ रिटर्न भरने के लिए इन्हें GSTR 4 फॉर्म भरना होता है.

– अगर आप इस स्कीम के तहत रजिस्टर है तो आपको अपनी ख़रीदारी और बिक्री का रिकॉर्ड रखने और रसीद अपलोड करने का झंझट नहीं रहता है.

– इसमें आपको एक निश्चित टैक्स निश्चित दर के हिसाब से देना होता है.

जीएसटी कंपोज़ीशन स्कीम की लास्ट डेट क्या है? (GST composition scheme last date)

जीएसटी कंपोज़ीशन स्कीम में रिटर्न आपको सालभर में चार बार दाखिल करना होता है जिसके लिए हर साल तारीख तय है. आपको इन तारीखों से पहले या तारीख तक जीएसटी रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य होता है.

– पहली तिमाही (अप्रैल, मई, जून) : 18 जुलाई
– दूसरी तिमाही (जुलाई, अगस्त, सितंबर) : 18 अक्टूबर
– तीसरी तिमाही (अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर) : 18 जनवरी
– चौथी तिमाही (जनवरी, फरवरी, मार्च) : 18 अप्रैल

जीएसटी कंपोज़ीशन स्कीम उन व्यापारियों के लिए फायदेमंद है जिनका सालाना टर्नओवर 20 लाख से ज्यादा है. लेकिन ध्यान रहे की अगर आप इस योजना के तहत खुद को रजिस्टर करते हैं तो आप किसी भी कस्टमर से जीएसटी नहीं ले सकते हैं. आप कस्टमर को दिए बिल पर अलग से जीएसटी नहीं ले पाएंगे.

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नोट: यह लेख आपकी जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किया गया है. जीएसटी कंपोजिशन स्कीम के बारे में ज्यादा जानकारी हासिल करने के लिए वित्तीय सलाहकार अथवा एकाउंटेंट से सलाह जरूर लें.

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