Hanta Virus: हंता वायरस कैसे फैलता है, लक्षण, तथा बचाव के उपाय?

कोरोना वायरस के खौफ के बीच हंता ने लोगों के बीच सवाल खड़े कर दिये की हंता वायरस क्या है? (What is Hanta Virus?) हंता वायरस कैसे फैलता है? (How to spread Hanta Virus?) हंता वायरस के लक्षण? (Symptoms of Hanta Virus?) हंता वायरस को रोकने के उपाय क्या है? (Prevention of Hanta Virus?)

एक तरफ पूरी दुनिया कोरोना वायरस (Corona Virus) से परेशान है वहीं दूसरी ओर चीन में एक और नए वायरस ‘हंता’ (Hanta) ने जन्म ले लिया है. इस वायरस का पहला मामला चीन के युन्नान प्रांत से आया है जहां हंता वायरस (Hanta Virus) से संक्रमित व्यक्ति की मौत हो गई. कोरोना वायरस के खौफ के बीच हंता ने लोगों के बीच सवाल खड़े कर दिये की हंता वायरस क्या है? (What is Hanta Virus?) हंता वायरस कैसे फैलता है? (How to spread Hanta Virus?) हंता वायरस के लक्षण? (Symptoms of Hanta Virus?) हंता वायरस को रोकने के उपाय क्या है? (Prevention of Hanta Virus?)

हंता वायरस क्या है? (What is Hanta Virus?)

सम्बंधित लेख - पढ़िए

हंता वायरस (Hanta Virus) एक ऐसा वायरस है जो चूहों के द्वारा फैलता है. हालांकि ये कोरोना (Corona) की तरह घातक नहीं है. इसके फैलने का मुख्य कारण चूहों का मल, मूत्र है. जो व्यक्ति चूहों के मल-मूत्र को छूता है इनके संपर्क में आता है वो हंता वायरस से संक्रमित हो सकता है. इस वायरस के फलस्वरूप भी आपको सांस लेने में दिक्कत हो सकती है.

हंता वायरस कैसे फैलता है? (How to spread hanta virus?)

हंता वायरस (Hanta Virus) कोरोना वायरस की तरह एक इंसान से दूसरे इंसान में नहीं फैलता. इसलिए इससे इतना खतरा नहीं है. इसके फैलने का मुख्य कारण चूहे हैं. अगर आपके घर में चूहे हैं और आप उनके संपर्क में हैं तो इसके होने का खतरा बढ़ जाता है. कोई व्यक्ति चूहे के मल-मूत्र को चुने के बाद अपने चेहरे पर अपना हाथ लगाता है तो उसके संक्रमित होने की संभावना बढ़ जाती है. हालांकि भारत में अभी तक इस तरह के मामले देखने को नहीं मिले हैं. लेकिन जहां तक हो सके चूहों से सावधान रहें.

हंता वायरस के लक्षण (Symptoms of Hanta virus?)

हंता वायरस से संक्रमित व्यक्ति को बुखार, थकान, मांसपेशियों में दर्द, जांघ-कूल्हे, पीठ और कंधे पर दर्द होता है. इसके अलावा सिरदर्द, चक्कर आना, ठंड लगना, पेट में दर्द, उल्टी और दस्त भी इस वायरस के संक्रामण में शामिल हैं. इस वायरस को पहचानने में देरी हो सकती है और इसके फलस्वरूप मरीज के फेफड़ों में तरल पदार्थ भरने लगता है जिससे उसे सांस लेने में समस्या होती है. इसे पहचानने में एक से आठ हफ्ते का समय लग सकता है.

हंता वायरस से कैसे बचें? (Prevention of hanta virus?)

हंता वायरस से बचने का सबसे आसान उपाय है की आप चूहों से दूरी बनाए रखें. आप जहां रह रहे हैं, काम कर रहे हैं वहां चूहों की मौजूदगी न हो तो ही अच्छा है. अगर आपको कहीं चूहों का मलमूत्र दिखाई दे तो उसे स्पर्श न करें. अगर कोई व्यक्ति चूहे के मलमूत्र को छूकर अपने चेहरे को छूता है तो उसे संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है.

हंता वायरस का इलाज (Hanta virus treatment)

हंता वायरस का अभी तक कोई स्पष्ट इलाज नहीं है. हंता वायरस लोगों के लिए जानलेवा हो सकता है. इसके इलाज के लिए केवल मेडिकल देखभाल की जा सकती है. इसमें ऑक्सीजन सिलेन्डर के जरिये मरीजों को सांस लेने में मदद पहुंचाई जाती है.
हंता साल 2019 जनवरी में भी फैला था. इससे संक्रमित 9 लोगों की पेटागोनिया में मौत हो गई थी. इसके बाद पर्यटकों को आगाह किया गया था. तक इससे संक्रमित 60 मामले सामने आए थे जिनमें से 50 को क्वारंटीन रखा गया था. सीडीसी के अनुसार इस वायरस में मृत्युदर 38 फीसदी होती है.

यह भी पढ़ें :

Corona virus disease: किन लोगों को है कोरोना वायरस का ज्यादा खतरा

Coronavirus: कब और किसे है जांच की जरूरत? कोरोना वायरस से बचने के उपाय

Corona Virus : कोरोना वायरस क्या है, इसकी शुरुवात कहां से हुई

Leave A Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!