ग्राम पंचायत चुनाव : सरपंच कैसे बनें, सरपंच की सैलरी?

सरपंच बनने के लिए आपको चुनाव लड़ना पड़ता है लेकिन चुनाव लड़ने से पहले आपको उसकी तैयारी करनी पड़ती है. आप भी जानते होंगे की कोई भी व्यक्ति किसी को भी ऐसे ही वोट नहीं दे देता. जनता आपको तब वोट देगी जब आप उनके लिए कुछ करेंगे, आप उनके विश्वासपात्र होंगे, उनके हित में बात करेंगे.

ग्राम पंचायत भारत की सबसे छोटी इकाई है. हर ग्राम पंचायत में सरपंच होते हैं जिनका चुनाव प्रत्यक्ष रूप से होता है. यानी जनता इन्हें वोटिंग के द्वारा चुनती है. अब सवाल ये आता है की क्या आप भी सरपंच बन सकते हैं? दरअसल भारत का हर व्यक्ति सरपंच पद के लिए आवेदन कर सकता है. अब आपके दिमाग में ये सवाल आ रहा होगा की सरपंच कैसे बनें? सरपंच की क्या योग्यता है? सरपंच की सैलरी कितनी होती है?

सरपंच कैसे बनें?

सरपंच बनने के लिए आपको चुनाव लड़ना पड़ता है लेकिन चुनाव लड़ने से पहले आपको उसकी तैयारी करनी पड़ती है. आप भी जानते होंगे की कोई भी व्यक्ति किसी को भी ऐसे ही वोट नहीं दे देता. जनता आपको तब वोट देगी जब आप उनके लिए कुछ करेंगे, आप उनके विश्वासपात्र होंगे, उनके हित में बात करेंगे. आपको चुनाव से पहले जनता के दिल में विश्वास पैदा करना होगा. उनके लिए उनके पक्ष में काम करने होंगे. उनसे सम्मान अर्जित करना होगा. अगर गाँव की जनता को आप पर भरोसा होता है तो वो आपको जरूर वोट देगी और आपको सरपंच बनाएगी.

ग्राम पंचायत कितने गाँव मिलाकर बनती है?

कई लोगों ने देखा होगा की कुछ गांवों के लिए एक ही ग्राम पंचायत रहती है और कई जगह पर सिर्फ एक गाँव में एक ग्राम पंचायत होती है. एक ग्राम पंचायत जनसंख्या के आधार पर बनती है. उदाहरण के लिए मान लेते हैं की 5000 की आबादी पर एक ग्राम पंचायत बनती है. अब ऐसे में एक गाँव की जनसंख्या 1000 है तो उसमें ग्राम पंचायत नहीं बना सकते. ऐसे में आसपास के कम जनसंख्या वाले गांवों को मिलाकर एक ग्राम पंचायत बना दी जाती है. अगर किसी गाँव की जनसंख्या 5000 ही है तो वो ग्राम पंचायत सिर्फ एक गाँव के लिए ही होगी.

सरपंच बनने के लिए योग्यता

– सरपंच बनने के लिए आपकी उम्र कम से कम 21 साल होनी चाहिए.
– सरपंच बनने के लिए आप भारत के नागरिक होना चाहिए.
– सरपंच बनने के लिए आपका नाम ग्राम पंचायत की सूची में होना चाहिए.
– आपके दो से ज्यादा बच्चे नहीं होना चाहिए.
– आप सरकारी कर्मचारी नहीं होना चाहिए.
– सरपंच बनने के लिए आपका 8वी पास होना जरूरी है लेकिन कई राज्यों में अनपढ़ भी सरपंच बन सकते हैं.

सरपंच का चुनाव लड़ने के लिए दस्तावेज़

– आधार कार्ड
– वोटर आईडी कार्ड
– दो बच्चों का शपथ पत्र
– पुलिस चरित्र प्रमाण पत्र
– मूल निवास
– जाति प्रमाण पत्र
– पैन कार्ड
– शौचालय का शपथ पत्र
– पासपोर्ट साइज़ फोटो
– आय प्रमाण पत्र

सरपंच का कार्यकाल

पूरे भारत में सभी सरपंच पाँच साल के लिए चुने जाते हैं. इनका चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा कराया जाता है.

सरपंच के कार्य

– साल में दो बार ग्राम सभा की बैठक कराना.
– हर माह की कार्यकारिणी की बैठक कराना.
– ग्राम पंचायत अधिकारियों और कर्मचारियों के काम का पर्यवेक्षण करना.
– पंचायत क्षेत्र में योजनाओं को तैयार करना और अनुमोदित करना.
– ग्राम पंचायत दस्तावेजों और पंजीकरण पुस्तकों की व्यवस्था करना.
– पंचायत के सभी लेन-देन पर हस्ताक्षर करना और सुरक्षित रखना.
– गाँव में सभी सरकारी योजनाओं को ठीक प्रकार से लागू कराना.
– सड़क से जुड़ी समस्याओं को दूर करना.
– गाँव में प्राथमिक शिक्षा को बढ़ावा देना.
– गाँव में मंदिर, मस्जिद आदि में रोशनी की व्यवस्था करना.
– सार्वजनिक स्थल पर पेड़ लगाना.
– जन्म, मृत्यु, विवाह का रिकॉर्ड रखना.
– गाँव में घर-घर शौचालय बनवाना.

सरपंच की सैलरी क्या होती है?

सरपंच को सैलरी के रूप में 2500 से 3000 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता है, वही पंचों का वेतन इनसे भी कम होता है.

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