Dowry Case : झूठे केस में फंसा रही पत्नी, कैसे लड़ें 498 A के खिलाफ केस

पत्नी के द्वारा किए जाने वाले केस में अधिकतर दहेज का केस होता है. लेकिन कई बार ये देखा गया है कि पत्नी अपने पति पर तथा उसके घरवालों पर झूठा दहेज का केस (False Dowry Case) लगाती है. जिसके बाद पति और उसके घरवालों को सीधे हवालात में डाल दिया जाता है. अब ऐसे में आप किस तरह झूठे दहेज केस से बच सकते हैं? ये जानना बेहद जरूरी है?

शादी दो लोगों का नहीं बल्कि दो परिवारों का भी बंधन होता है. कई बार विपरीत परिस्थितियाँ होने पर पति-पत्नी में नहीं बनती है और बात पुलिस स्टेशन और कोर्ट तक पहुँच जाती है. पत्नी के द्वारा किए जाने वाले केस में अधिकतर दहेज का केस होता है. लेकिन कई बार ये देखा गया है कि पत्नी अपने पति पर तथा उसके घरवालों पर झूठा दहेज का केस (False Dowry Case) लगाती है. जिसके बाद पति और उसके घरवालों को सीधे हवालात में डाल दिया जाता है. अब ऐसे में आप किस तरह झूठे दहेज केस से बच सकते हैं? ये जानना बेहद जरूरी है?

दहेज केस के लिए कौन सी धारा है? (Section for Dowry Case) 

दहेज केस से बचने से पहले आप ये जान लें कि दहेज केस क्या है और इस पर कौन सी धारा लगती है. असल में शादी के बाद जब कोई पति या पति के परिवार के लोग बहू को अपने मायके से दहेज लाने के लिए कहते हैं या फिर दहेज के लिए उसे बार-बार ताना मारते हैं, हिंसा करते हैं या फिर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं तो ऐसे में वो महिला अपने पति तथा ससुराल के अन्य लोगों के खिलाफ दहेज का केस पुलिस स्टेशन में रजिस्टर करवा सकती है.

दहेज के लिए जो केस रजिस्टर किया जाता है वो धारा 498 ए (498 A) के तहत किया जाता है. जिसमें सीधे गिरफ्तारी होती है और कोर्ट में पेश होने के बाद ही जमानत होती है. इसकी सबसे अच्छी बात ये है कि पुलिस दहेज केस की सुनवाई बहुत जल्दी करती है और बिना सबूतों के भी कार्यवाही करती है. और इसकी सबसे बुरी बात ये है कि महिलाए इस कानून का फायदा उठाकर अपने पति और ससुराल वालों को परेशान करती हैं. इसकी वजह से उन्हें मानसिक और आर्थिक दोनों रूप से परेशान होते हैं.

दहेज केस के नियम (Rules for Dowry Cas) 

दहेज केस करने और इसमें फँसने से पहले व्यक्ति को इसकी गंभीरता के बारे में जान लेना चाहिए. भारतीय दंड संहिता की धारा 498 ए के मुताबिक यदि कोई महिला किसी पुलिस स्टेशन में जाकर अपने पति या पति के घरवालो पर दहेज का केस लगाती है तो पुलिस पहले मामले की जांच-पड़ताल करेगी और फिर उन्हें गिरफ्तार करेगी. लेकिन अधिकतर मामलों में सीधे तौर पर गिरफ्तारी कर ली जाती है.

दहेज केस के नियम के अनुसार यदि पति और उसके घरवाले इस केस में दोषी साबित हो जाते हैं तो उन्हें 3 साल तक की सजा का प्रावधान है. वहीं दहेज के मामले में हत्या करने पर 7 साल तक की सजा हो सकती है.

दहेज केस से बचने के उपाय 

दहेज केस के बारे में आप कई सारी बातें जान गए होंगे. चलिये अब जानते हैं कि यदि किसी व्यक्ति पर दहेज का झूठा केस लगा दिया गया हो तो वो इससे कैसे बच सकता है या फिर उसे 3 साल जेल में ही रहना पड़ेगा. दरअसल यदि आप दोषी नहीं है और आपने अपनी पत्नी को दहेज के लिए परेशान नहीं किया है तो आप सजा से बच सकते हैं लेकिन इसके लिए आपके पास पर्याप्त और पुख्ता सबूत होना चाहिए. सबूत इकट्ठे करने के लिए कुछ बातों का ध्यान रख सकते हैं.

– यदि पत्नी से अनबन हो रही है या फिर आपको लग रहा है कि पत्नी किसी के बहकावे में आकर ऐसा करने वाली है तो आप पहले से सतर्क हो जाए.
– पत्नी से फोन पर बातचीत करें और रिकॉर्डिंग करें, हो सकता है रिकॉर्डिंग के दौरान ही पत्नी आपको झूठे केस में फँसाने की बात कहे.
– यदि आप घर में कैमरे के जरिये रिकॉर्डिंग कर सकते हैं तो उसके जरिये सबूत इकट्ठे करें.
– पत्नी किसी अन्य पुरुष के बहकावे में आकर ऐसा कर रही है या फिर वो आपको फंसा कर उसके साथ रहना चाहती है तो उसके खिलाफ सबूत इकट्ठा करें.

इस तरह के सभी सबूतों को इकट्ठा करें और उन्हें किसी अच्छी जगह पर सेफ रखें और उनकी कॉपी भी बनाकर रखें ताकि किसी के मिटाने पर भी आपके पास वो बचे रहे.

दहेज केस होने पर क्या करें?

दहेज केस हो जाने पर आपको कुछ चीजे केस के होने से पहले करनी होती है और कुछ केस होने के बाद करनी होती है.

– इस तरह की शंका होते ही अपने लिए एक अच्छा सा वकील चुनें जो आपको उचित सलाह दे सके.
– अपने और अपने परिवार के लिए अग्रिम जमानत का इंतेजाम करें.
– वकील की मदद से पत्नी पर ब्लेकमेलिंग और झूठे केस में फँसाने की शिकायत दर्ज करें.

झूठे दहेज केस के खिलाफ कौन सा केस करें?

झूठे दहेज केस के खिलाफ आप कुछ काउंटर केस भी कर सकते हैं.

IPC धारा 120 बी : आपराधिक षड्यंत्र की साजिश
IPC धारा 167 : लोक सेवक द्वारा (पुलिस) गलत दस्तावेज़ तैयार कराना
IPC धारा 191 : झूठे सबूत देना
IPC धारा 500 : मानहानि

दहेज केस में यदि आप फंस गए तो इससे निकालना थोड़ा मुश्किल होता है. यदि आपको थोड़ी सी भी शंका होती है कि आपकी पत्नी ऐसा कुछ कर सकती है तो अपने लिए एक अच्छा वकील तैयार रखें जो आपकी अग्रिम जमानत करवा सके और पत्नी के खिलाफ सबूत इकट्ठा करके रखें जिनसे ये साबित होता हो कि पत्नी आप पर झूठा केस कर रही है. इसी आधार पर आप निर्दोष साबित होंगे.

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