Domestic violence complain : पति करता है मारपीट तो 4 तरीकों से करें शिकायत

लंबे समय से महिलाएं घरेलू हिंसा की शिकार होती रही है. जिससे महिलाओं को सुरक्षित करने के लिए घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 (Domestic Violence act 2005) बनाया गया है. घरेलू हिंसा क्या है? घरेलू हिंसा की शिकायत कैसे दर्ज कर सकते हैं?

NCRB द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक साल 2019 में महिलाओं के खिलाफ 4,05,861 मामले दर्ज किए गए हैं जिनमें से अधिकतर घरेलू हिंसा (Domestic violence in India)  के मामले हैं. लंबे समय से महिलाएं घरेलू हिंसा की शिकार होती रही है. जिससे महिलाओं को सुरक्षित करने के लिए घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 (Domestic Violence act 2005) बनाया गया है. घरेलू हिंसा क्या है? घरेलू हिंसा की शिकायत कैसे दर्ज कर सकते हैं? घरेलू हिंसा केस में कितनी सजा होती है? इन सभी सवालों के जवाब आपको इस लेख में मिलेंगे.

घरेलू हिंसा क्या है? (Domestic Violence Definition in Hindi) 

घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 में घरेलू हिंसा की परिभाषा दी हैं जिसमें चार तरह की हिंसा को घरेलू हिंसा का स्वरूप दिया गया है.

शारीरिक दुरुपयोग : मार-पीट करना, थप्पड़ मारना, दाँत से काटना, ठोकर मारना, लात मारना,

लैंगिक शोषण : बलपूर्वक संबंध बनाना, अपमानित करने के लिए संबंध बनाना आदि.

मौखिक और भावनात्मक हिंसा : सार्वजनिक रूप से अपमानित करना, गाली देना, चरित्र और आचरण पर आरोप लगाना, लड़का न होने पर प्र्टादित करना, दहेज के लिए प्रताड़ित करना, नौकरी न करने या छोड़ने के लिए मजबूर करना, आत्महत्या की धम्की देना, किसी अन्य से विवाह को मजबूर करना।

आर्थिक हिंसा : पत्नी और उसके बच्चों की देखभाल के लिए धन या संसाधन न देना, रोजगार न करने देना या उसमें रुकावट डालना, आपकी आय व वेतन आपसे ले लेना, घर से बाहर निकाल देना इत्यादि.

यदि आपके साथ इनमें से कुछ भी होता है तो आप घरेलू हिंसा के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा सकते हैं.

घरेलू हिंसा की शिकायत किसके खिलाफ दर्ज कारवाई जा सकती है? (Relation for Domestic violence complain) 

घरेलू हिंसा की शिकायत आप हिंसा करने वाले के खिलाफ कर सकते हैं. लेकिन इसमें ये समझना जरूरी है कि उत्पीड़न करने वाला कौन व्यक्ति है?

– पीड़िता और उत्पीड़क के बीच खून का रिश्ता हो. जैसे पिता, चाचा आदि.
– पीड़िता और उत्पीड़क के बीच शादी की वजह से रिश्ता हो. जैसे पति, देवर, सास, ससुर, ननंद, आदि.
– पीड़िता और उत्पीड़क के बीच ‘गोद’ लेने की वजह से संबंध हो. जैसे सौतेला पिता.

इन रिश्तों में यदि कोई आपके साथ घरेलू हिंसा करता है तो आप उसके खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज करवा सकती हैं.

घरेलू हिंसा होने पर क्या करें?

घरेलू हिंसा जानबूझकर की जा रही है और आप उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करना चाहती हैं तो आपको पास शिकायत करने के लिए कुछ सबूत भी होना चाहिए.

– आप शरीर पर आई चोटों के फोटो ले सकती हैं.
– आप चोटों का इलाज करवाकर एक मेडिकल सर्टिफिकेट तैयार करवा सकती हैं जिसमें इस बात का जिक्र हो कि आपका किस चीज का इलाज चल रहा है और आप क्या दवाई ले रही हैं.

घरेलू हिंसा की शिकायत कैसे करें? (How to complaint against domestic violence in India?) 

घरेलू हिंसा की शिकायत तीन तरीके से की जा सकती है.

#1. सबसे पहला रास्ता तो ये है कि घरेलू हिंसा होने के दौरान या बाद में आप सीधे 100 नंबर पर फोन लगाएँ. अपनी पहचान, पता और अपनी शिकायत के बारे में बताएं और शिकायत करें. पुलिस तुरंत आ जाएगी. शुरुवात में पुलिस आपके पति को समझाने का काम करेगी. एफ़आईआर इतनी जल्दी नहीं होगी.

#2. यदि आपकी एफ़आईआर नहीं लिखी जा रही है और पुलिस के समझाने के बाद भी पति घरेलू हिंसा कर रहा है तो आप सीधे राष्ट्रीय महिला आयोग की वेबसाइट (http://ncwapps.nic.in/onlinecomplaintsv2/frmPubRegistration.aspx) पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर कर सकती हैं. यहाँ से एक रेफरेंस नंबर मिलता है उसे संभाल कर रखें.

#3. तीसरा रास्ता ये है कि आप महिला हेल्पलाइन 1091 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराएं.

#4. चौथा रास्ता ये है कि महिला सीधे कोर्ट की मदद ले. कोर्ट की प्रक्रिया में मदद करने के लिए उसे प्रोटेक्शन ऑफिसर की मदद भी मिलती है.

घरेलू हिंसा में सजा (Punishment for Domestic violence?)

घरेलू हिंसा एक गंभीर अपराध है और इसकी प्रकृति को देखते हुए भारतीय दंड संहिता में इसकी सजा का भी प्रावधान है. यदि कोई व्यक्ति घरेलू हिंसा का दोषी पाया जाता है तो उसे 3 साल तक की जेल की सजा हो सकती है.

घरेलू हिंसा भारत में तेजी से बढ़ रही है. आपने भी अपने आसपास ऐसे मामले देखे होंगे. इस तरह के मामलों में महिलाओं को जानकारी नहीं होने की वजह से वे चुप रहती हैं और सबकुछ सहती रहती हैं लेकिन आप सिर्फ अपने मोबाइल के जरिये शिकायत करके इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं.

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