Belly fat tips: आखिर कमर और पेट की चर्बी कैसे कम करें?

कमर का साइज बहुत कुछ कहता है. खासतौर पर आपकी फिटनेस और मेटाबॉलिज्म को लेकर. दरअसल, मेटाबॉलिज्म का पता कमर के घेरे से पता चलता है. आपने देखा होगा कि मोटे लोगों की कमर का साइज बढ़ा हुआ होता है.

0 2,317

कमर का साइज बहुत कुछ कहता है. खासतौर पर आपकी फिटनेस और मेटाबॉलिज्म को लेकर. दरअसल, मेटाबॉलिज्म (Metabolism booster) का पता कमर के घेरे से पता चलता है. आपने देखा होगा कि मोटे लोगों की कमर का साइज बढ़ा हुआ होता है. कमर के साइज का बढ़ना यानी की पेट का निकला हुआ होना. ध्यान रखें पेट पर चर्बी का जमना इस बात का संकेत है कि आपकी डाइजेशन प्रक्रिया बहुत धीमी है.

आप जो भी दिनभर में खाते-पीते हैं वह आपको ठीक से पचता नहीं है. गौर करने वाली बात है कि जो लोग भी मोटे होते हैं या फिर जिनका वजन बढ़ा हुआ होता है उन्हें पाचन संबंधी कोई ना कोई तकलीफ होती है. चाहे फिर वह लगातार कब्जियत का बना रहना हो, खट्टी डकारे आना हो या फिर पेट से जुड़ी कोई ना कोई समस्या हो. दरअसल, वजन एक ऐसी चीज है जिसका बढ़ना शरीर की सारी चीजों पर प्रभाव डालता है और कमर का साइज एक ऐसी चीज है जो पेट के बढ़े हुए आकार से जरिये आपको कई बीमारियां होने का संकेत देता है.

पेट और कमर की चर्बी कम करने के उपाय (how to reduce belly fat) 

कमर का साइज आपकी फिटनेस को दर्शाता है. अगर आपकी कमर का साइज 24 से 32 इंच के बीच है तो समझिए आप बिलकुल फिट हैं. अगर 32 इंच से 36 इंच के बीच है तो यह आपके मोटापे की चेतावनी है. जो कई बीमारियों को निमंत्राण देता है. अगर आपकी कमर 36 इंच से अधिक हो गई है तो आप ओबीस श्रेणी में आते हैं.

बढ़ते मोटापे से ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. यह सब जानने के बावजूद भी भारतीय महिलाएं शादी के बाद वजन को लेकर उतना सतर्क नहीं रहती. विशेषकर बच्चा होने के बाद तो ज्यादा लापरवाह हो जाती हैं. पतली कमर बनाए रखने के लिए व्यायाम, खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत पड़ती है. तभी आपकी कमर पतली और सैक्सी बनी रहेगी.

Image source : unsplash.com

खान-पान सबसे जरूरी (belly fat diet plan and foods help burn belly fat)

खाने में तेल की मात्रा और मसालों पर नियंत्राण रखें. इनका प्रयोग कम से कम करें. रात्रि में सोने से कम से कम 2 घंटे पूर्व हल्का खाना खाएं. दिन में 1 चम्मच चीनी से अधिक का सेवन न करें.चाय में ग्रीन टी ही लें. दिन में दो बार ही ग्रीन टी लें. उसमें दूध का प्रयोग न करें. 

अगर आप वर्किंग हैं तो हर घंटे अपनी सीट से उठें और थोड़ा चलें. मैदे, चावल से परहेज करें. उसके स्थान पर दलिया, मल्टीग्रेन ब्रेड, आटा, ब्राउन राइस का सेवन करें. प्रोटीन व फाइबर युक्त आहार का सेवन करें. जिनमें फैट की मात्रा कम हो उन खाद्य पदार्थों का सेवन करें.

व्यायाम भी कमर के लिए लाभप्रद हैं (Belly fat exercise for man and women) 

रस्सी कूदना व गेंद के साथ खेलना जैसे व्यायाम भी कमर के लिए लाभप्रद हैं. दिन में कम से कम दो से ढाई लिटर पानी का सेवन करें. डांस, स्विमिंग, योग नियमित कर वजन पर नियंत्राण रखें. पपीते का सेवन नियमित करें. पपीता कमर के पास जमे फैट को कम करता है.

Leave A Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!