अब सिम बताएगी चोरी हुई गाड़ी की लोकेशन

वाहन चोरी के मामले देश में आए दिन बढ़ते जा रहे हैं. वाहनों की चोरी को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन के साथ ही तकनीकी एक्सपर्ट भी अपनी ओर से प्रयास कर रहे हैं. ऑटो कंपनियां वाहनों में सिक्युरटी फीचर जोड़ रहीं हैं. वहीं वाहन मालिक भी अपनी ओर से वाहनों की सुरक्षा के पूरे इंतजाम करते हैं.

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वाहन चोरी के मामले देश में आए दिन बढ़ते जा रहे हैं. वाहनों की चोरी को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन के साथ ही तकनीकी एक्सपर्ट भी अपनी ओर से प्रयास कर रहे हैं. ऑटो कंपनियां वाहनों में सिक्युरटी फीचर जोड़ रहीं हैं. वहीं वाहन मालिक भी अपनी ओर से वाहनों की सुरक्षा के पूरे इंतजाम करते हैं. हाल ही में अपने व्हीकल में सिम जोड़कर सुरक्षित करने की तकनीक इज़ाद की गई है.

GPS ट्रैकर में लगा सकते हैं सिम 

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इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बनाने वाली कंपनी iMars ने व्हीकल सुरक्षा की दिशा में काम करते हुए यह तकनीक खोजी है. कंपनी ने वाहन चोरी के मामलों को रोकने के लिए माइक्रो GPS ट्रैकर नाम से एक डिवाइस को लांच किया है. इस माइक्रो ट्रैकर में सिम को लगाया जा सकता है.

कैसे करेगा माइक्रो ट्रैकर काम 

माइक्रो ट्रैकर में सबसे पहले आपको एक सिम डालनी होगी. सिम डालने के बाद माइक्रो ट्रैकर को आप व्हीकल के बैटरी से कनेक्ट कर दें. इसके बाद आप इस माइक्रो ट्रैकर को वाहन में कहीं छिपा दें. अब यूजर को अपने स्मार्टफोन में इससे जुड़ा ऐप इन्सटॉल करना होता है.

जैसे ही आपके बिना कोई और व्यक्ति इस गाड़ी को चलाने जा रहा हो या चलाने की कोशिश कर रहा हो तो फोन पर आपको अलर्ट नोटिफिकेशन आ जाता है. 

कैसे सेट करें डिवाइस 

माइक्रो ट्रैकर डिवाइस में आपको एक माइक्रो सिम लगाना होती है. डिवाइस में 3 वायर दिए गए हैं, जिसमें से दो बैटरी और एक इग्निशियन में कनेक्ट करना होता है. इसमें ब्लैक वायर को बैटरी के निगेटिव, रेड को बैटरी के पॉजिटिव प्वाइंट से कनेक्ट करना होता है.

वहीं ऑरेंज कलर के वायर को इग्निशियन के निगेटिव प्वाइंट से कनेक्ट करना होता है. गाड़ी में डिवाइस को फिट करने के बाद उसमें सिम लगा दें. कनेक्ट होते ही डिवाइस लाइट ऑन हो जाएगी और यह काम करना शुरू कर देगा. इसके बाद आपको डिवाइस के मैनुअल में दिए QR कोड को स्कैन करना होगा.

QR कोड को स्कैन करते ही फिर LKGPS ऐप का लिंक ओपन हो जाएगा. ऐसा करने के बाद ऐप को इन्स्टॉल कर लें और फिर लॉगिन करें. यहां से आप गाड़ी की लोकेशन ट्रैक कर सकते हैं. ऐप में आप गाड़ी की रीडिंग भी देख सकते हैं. इसके अलावा गाड़ी के साथ अगर कोई छेड़छाड़ होती है तो तुरंत आपको अलर्ट आ जाएगा. 

(नोट : यह लेख आपकी जागरूकता, सतर्कता और समझ बढ़ाने के लिए साझा किया गया है. अधिक जानकारी के लिए किसी तकनीकी एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.)