बदलती लाइफस्टाइल में कैसे मिलेगी 100 साल की उम्र?

‘भोजन को आधा करो, पानी को करो दुगना.’ परिश्रम को तीन गुणा करो, हंसने को करो चार गुना. यही है लंबी जिन्दगी का राज.

0 1,388

‘जीवेम शरदः शतम्’ यह मात्रा उपनिषदों का उद्घोष ही नहीं है अपितु वैदिक परंपरा की मान्यता रही है कि प्रत्येक आर्य अपने जीवन में सौ वर्ष जीवित रहने की कामना करे. क्या आज भी प्राचीन काल की तरह सौ वर्ष तक स्वस्थ और निरोगी जीवन जिया जा सकता है? हां, यदि संयमपूर्वक जीवन जिया जाये तो मनुष्य सौ वर्ष की जिन्दगी प्राप्त कर सकता है.

क्या संभव है 100 वर्ष की आयु

सम्बंधित लेख - पढ़िए

रूस के समाचार पत्र में दीर्घायु से संबंधित एक घटना का विवरण प्रकाशित हुआ था जिसमें एक दंपति के बारे में कहा गया कि एक सौ बीस वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं. इसी प्रकार एक 118 वर्षीय दंपति का विवरण फ्रांस के समाचारों में छपा था. अभी सबसे अधिक दीर्घजीवियों की संख्या जापान में है. भारत भूमि पर ही हिमालय की कन्दराओं और गुफाओं में आज भी बहुत से साधु संन्यासी मिल जाएंगे जो सौ वर्ष से अधिक की जिन्दगी जी रहे हैं.

दीर्घजीवन के सूत्र :- 

‘भोजन को आधा करो, पानी को करो दुगना.’ परिश्रम को तीन गुणा करो, हंसने को करो चार गुना. यही है लंबी जिन्दगी का राज. जिन्हें लंबी उम्र जीना हो तो इस उक्ति को अपने में लागू कर प्राप्त कर सकते हैं.

लंबी आयु जीने के नुस्खे

1. प्राणायाम् 2. परिश्रम 3. सादा जीवन 4. सादा भोजन 5. ब्रह्मचर्य 6. उपवास 7. अक्रोध 8. विश्राम. विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी आयु का संबंध वहां के वातावरण से भी हो सकता है, जहां की जलवायु में प्रदूषण न हो. पास में बहने वाली नदी स्वच्छ जल लेकर आती हो और मौसम एक समान बना रहता हो. प्रकृति के अनुकूल आहार-बिहार से भी लंबी आयु प्रदान की जा सकती है.

सादा जीवन लंबी उम्र

शतायु की आकांक्षा रखने वाले को यह बात गांठ में बांध लेनी चाहिए कि जिन्हें लंबी जिन्दगी जीनी हो, वे सादा जीवनक्रम अपनायें. भौतिकता के आकर्षण से दूर रहें, सामर्थ्य भर श्रम करें, सात्विक भोजन ग्रहण करें और मानसिक उद्विग्नता, चिन्ता, भय क्लेश आदि से दूर रहें.