Independence day 2018: तस्वीरों में दर्ज भारत-पाकिस्तान बंटवारे का दर्द

यह आजादी की 72वीं वर्षगांठ है. लेकिन आजादी की यह सांस इतनी आसानी से नहीं मिली. स्वतंत्रता बंटवारे की त्रासदी साथ लेकर आई. ऐसी त्रासदी जिसने मनुष्यता को शर्मसार किया. दंगों और हिंसा के बीच लाखों लोगों की जान इस बंटवारे ने ली. आइए तस्वीरों के जरिये जानते हैं बंटवारे की कहानी.

0 821

भारत की आजादी को इस 2018 में पूरे 72 साल हो गए. अंग्रेजों की 200 से ज्यादा सालों की गुलामी के साये से हिंदुस्तान के लिए आजाद होना किसी सपने के साकार होने से कम नहीं था. लेकिन भारत को आजादी की सांस इतनी आसानी से नहीं मिली. स्वतंत्रता बंटवारे की त्रासदी साथ लेकर आई. ऐसी त्रासदी जिसने मनुष्यता को शर्मसार किया. दंगों और हिंसा के बीच लाखों लोगों की जान इस बंटवारे ने ली. आइए तस्वीरों के जरिये जानते हैं बंटवारे की कहानीImage source: Wikipedia

सम्बंधित लेख - पढ़िए

भारत का विभाजन माउंटबेटन योजना के आधार पर हुआ. इसे भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 के आधार पर किया गया. इस अधिनियम में काहा गया कि 15 अगस्त 1947 को भारत व पाकिस्तान अधिराज्य नामक दो स्वायत्त्योपनिवेश बना दिए जाएंगें और उनको ब्रिटिश सरकार सत्ता सौंप देगी. Image source: flickr Saktishree DM

बंटवारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को मंजूूूर नहीं था. वे ऐसी आजादी की कल्पना ही नहीं कर सकते थे जिसका आधार देश को धर्म के आधार पर बांटना हो. लेकिन चीजें उनके हााथमें नहीं रहीं. लेकिन  गांधी अपने अंतिम दिनों तक मानते रहे कि वे जल्द ही दोनों मुल्कों फिर से एक कर देंगे. पर ऐसा हो ना सका. Image source: pixabay.com

भारत एक ओर आजाद हुआ और उसकी कमान आई गांधी के सबसे करीबी पंडित जवाहर लाल नेहरु के. Image source: Wikipedia

लेकिन एक ओर आजादी का जश्न था तो वहीं दूसरी ओर बंटवारे की त्रासदी अपनी काली छाया के साथ फैल रही थी.

लेकिन एक ओर आजादी का जश्न था तो वहीं दूसरी ओर बंटवारे की त्रासदी अपनी काली छाया के साथ फैल रही थी.Image source: flickr Saktishree DM

15 अगस्त 1947 की आधी रात को भारत और पाकिस्तान कानूनी तौर पर दो स्वतंत्र राष्ट्र बने. लेकिन दो मुल्को के बीच में मानवता बंट कर रह गई. पाकिस्तान से सटे गांवों, शहरों और कस्बों में लोग विस्थापन के लिए कूच करने लगे. मन को मारकर, अपना सबकुछ एक झटके में छोड़कर. Image source: Wikipedia

भारत के विभाजन से करोड़ों लोग प्रभावित हुए. विभाजन के दौरान हुई हिंसा में करीब 5 लाख लोग मारे गए और करीब 1.45 करोड़ शरणार्थी अपना घर-बार छोड़कर जाने को मजबूर हुए.Image source: flickr Saktishree DM

यह मानवता के इतिहास की सबसे बड़ी विस्थापन की त्रासदी थी. पूरी दुनिया इस बंटवारे को देखकर सन्न थी. Image source: flickr Saktishree DM

ट्रेन, बैलगाड़ी, ट्रक और जिसे जिन साधनों से जाने को मिला वे पाकिस्तान चले गए और कई पाकिस्तान से हिंदुस्तान आए. Image source: flickr Saktishree DM

बहुत से विद्वानों का मत है कि ब्रिटिश सरकार ने विभाजन की प्रक्रिया को ठीक से नहीं संभाला. चूंकि स्वतंत्रता की घोषणा पहले और विभाजन की घोषणा बाद में की गई, देश में शांति कायम रखने की जिम्मेवारी भारत और पाकिस्तान की नई सरकारों के पर आई. किसी ने यह नहीं सोचा था कि बहुत से लोग इधर से उधर जाएंगे. लोगों का विचार था कि दोनों देशों में अल्पमत संप्रदाय के लोगों के लिए सुरक्षा का इंतज़ाम किया जाएगा. लेकिन दोनों देशों की नयी सरकारों के पास हिंसा और अपराध से निबटने के लिए आवश्यक इंतज़ाम नहीं था. फलस्वरूप दंगा फ़साद हुआ और बहुत से लोगों की जाने गईं और बहुत से लोगों को घर छोड़कर भागना पड़ा. अंदाज़ा लगाया जाता है कि इस दौरान लगभग 5 लाख से 30 लाख लोग मारे गये.  Image source: flickr Saktishree DMDM (Text Input: Wikipedia)