Jamshed Tata Biography: भारत के पहले उद्योगपति, 14 की उम्र से शुरू किया था बिजनेस

भारतीय उद्योग के जनक कहे जाने वाले जमशेद टाटा का भारतीय उद्योग जगत में महत्वपूर्ण योगदान है. जमशेद जी भारत के पहले उद्योगपति थे (First Industrialist in India) जिन्होने भारत की पहली मिश्र कंपनी टाटा ग्रुप की स्थापना की.

भारत में उद्योग जगत काफी बड़ा हो चुका है. लेकिन क्या आप उस व्यक्ति के बारे में जानते हैं जिसने भारत में उद्योग की नींव रखी थी? क्या आप जानते हैं कि भारतीय उद्योग का जनक (Father Of Indian Industry) किसे कहा जाता है. अगर आप इस बारे में नहीं जानते हैं तो इस लेख में आपको उस महान व्यक्ति के बारे में जानकारी मिलेगी. जिसने भारत को उद्योग जगत में एक अलग मुकाम पर लाकर खड़ा कर दिया.

जमशेद टाटा जीवनी | Jamshed Tata Biography Hindi

भारतीय उद्योग के जनक कहे जाने वाले जमशेद टाटा का भारतीय उद्योग जगत में महत्वपूर्ण योगदान है. जमशेद जी भारत के पहले उद्योगपति थे (First Industrialist in India) जिन्होने भारत की पहली मिश्र कंपनी टाटा ग्रुप की स्थापना की. टाटा आज भारत की सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार है और विदेशों तक टाटा ग्रुप का डंका बजता है.

जमशेद टाटा का प्रारम्भिक जीवन | Jamshed Tata Life facts

भारत के महान उद्योगपति जमशेद टाटा का जन्म 3 मार्च 1839 को गुजरात के नवसारी में हुआ था. जमशेद एक पारसी परिवार से थे. उनके पिता नुसीरवानजी टाटा और माता जीवनबाई टाटा थी. अपने स्कूल के दिनों में वे एक होनहार छात्र थे. उन्होने मुंबई के एल्फिंस्टन कॉलेज से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया था. उनकी बुद्धिमत्ता को देखते हुए उनकी डिग्री खत्म होने पर कॉलेज के प्रिंसिपल ने जमशेद जी की पूरी फीस वापस लौटाने का निर्णय लिया था. उनका विवाह 16 साल की उम्र में हीरबाई दबू के साथ हुआ था.

जमशेद टाटा बिजनेस में कैसे आए? | How Jamshed Tata started business in India?

जमशेद टाटा एक होनहार स्टूडेंट थे. चाहते तो किसी अच्छे संस्थान में नौकरी करके पैसा कमा सकते थे लेकिन बिजनेस उनके खून में था. जमशेद जी ने 14 साल की उम्र से ही व्यापार करना शुरू कर दिया था लेकिन उस समय वे पढ़ाई कर रहे थे तो व्यापार पर उनका इतना अधिक ध्यान नहीं था. बिजनेस में वे ग्रेजुएशन के बाद ही आ पाये. साल 1858 से वे अपने पिता के हर काम में सहयोगी होते थे.

जमशेद टाटा की विदेश यात्रा | Jamshed Tata Business in Foreign

साल 1857 का समय था जब भारत अंग्रेजों के विरुद्ध आजादी के लिए विद्रोह कर रहे थे. ऐसे में भारत में उद्योग जगत की रफ्तार थोड़ी धीमी थी. इसलिए जमशेद टाटा के पिता ने उन्हें उद्योग जगत को समझने के लिए हाँगकाँग की यात्रा पर भेज दिया. ताकि वे उद्योग जगत को समझ सके और उसमें रुचि ले सके. अपने पिता की इस इच्छा को जमशेद जी ने खूब निभाया. वे चार साल तक वही रहे और वहाँ टाटा ग्रुप ऑफ कंपनी का कार्यालय खोलने की सोचने लगे. साल 1863 में टाटा ने हाँगकाँग में अपना ऑफिस खोला और उसी दौरान वे जापान और चीन में भी स्थापित हुए.

जमशेद टाटा ने बिजनेस कैसे शुरू किया? | Jamshed Tata Business Details 

जमशेद टाटा 29 वर्षों तक अपने पिता के साथ काम करते रहे. उन्होने उद्योग जगत की बारीकियों को समझा और इसके बाद उन्होने खुद का बिजनेस करने का निर्णय लिया. साल 1868 में उन्होने 21 हजार रुपये के साथ खुद का बिजनेस शुरू किया. जिसमें उन्होने एक दिवालिया तेल मेल को खरीदा और उसे एक कॉटन मिल में बदल दिया. इसका नाम Alexander Mill रखा गया. इस मिल से जमशेद जी ने काफी मुनाफा कमाया और बाद में उन्होने इसे बेच दिया.

Alexander Mill को बेचकर जो पैसा उन्हें मिला उससे उन्होने नागपुर में एक नई कॉटन मिल शुरू की. इसका नाम Empress Mill था. ये मिल भी उनके लिए सफल रही. इस मिल के बने कपड़े भारत में तो उपयोग किए ही जाते थे साथ ही इन्हें जापान, कोरिया, चीन जैसे देशों में भी निर्यात किया जाता था. उनकी मिल को एक स्वदेशी मिल कहा जाता था और उस समय के लोग उनका खूब समर्थन करते थे.

ताज होटल कैसे बना? | Founder of Taj Hotel

मुंबई में जिस ताज होटल को आप देखते हैं उसे बनवाने वाले कोई और नहीं बल्कि जमशेद जी टाटा है. इसके पीछे भी दिलचस्प कहानी है. बात उस समय की है जब भारत पर अंग्रेजों का राज हुआ करता था. उस समय वाटसन होटल में एक फिल्म लगी हुई थी. जमशेद जी फिल्म को देखना चाहते थे लेकिन फिल्म देखने का निमंत्रण सिर्फ अंग्रेजों के पास था. होटल के बाहर बोर्ड पर साफ-साफ लिखा था कि भारतीय अंदर नहीं आ सकते. इस बात से आहत होकर जमशेद जी ने एक ऐसा होटल बनाने का सोचा जहां भारतीय लोग आ सके. उन्होने दो सालों के अंदर 1903 में ताज होटल का निर्माण करवा दिया और फिर होटल के बाहर एक बोर्ड लगवाया जिसमें लिखा था. अंग्रेज़ अंदर नहीं जा सकते. उस समय का ताज होटल आज भी दुनियाभर के टॉप होटल की गिनती में आता है.

टाटा का इस्पात बिजनेस | Steel Business of Tata

भारत में जिस टाटा स्टील का स्वरूप आज आप देखते हैं उसे तैयार करने वाले और शुरू करने वाले भी जमशेद जी टाटा ही है. जमशेद जी ने टाटा स्टील को स्थापित किया. और भारत में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा दिया. इसके अलावा उन्होने पश्चिमी घाटों से बिजली उत्पन्न करने की योजना बनाई जिसकी नीव साल 1911 में राखी गई.

कर्मचारियों को दी सुविधाएं

जब भारत अंग्रेजों की गुलामी की जंजीर में जकड़ा हुआ था ऐसे समय में जमशेद जी भारत में उद्योग को स्थापित कर रहे थे. वे सच्चे देशभक्त तो थे ही साथ ही अपने कर्मचारियों के प्रति भी काफी वफादार थे. उन्होने अपने कर्मचारियों को कई तरह की सुविधा दी जैसे पेंशन, एक्सीडेंट मुआवजा, मेडिकल सुविधाएं आदि.

जमशेद टाटा ने भारत में उद्योग स्थापित करके भारत की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया. उन्होने अपने उद्योग को स्थापित करने के लिए झारखंड में जमशेदपुर को बनवाया. ये भारत का पहला ऐसा शहर था जिसे प्लान करके बनाया गया था. आज ये झारखंड की सबसे बड़ी सिटी है और यहाँ सबसे ज्यादा जनसंख्या निवास करती है.

जमशेद टाटा की मृत्यु 64 साल की उम्र में 19 मई 1904 को हुई. उनके बाद उनका कारोबार उनके पुत्र दोराबजी टाटा और रतन टाटा ने संभाला.

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