कितने काम का है मल्टीमीडिया कोर्स और कॅरियर

डिजिटल इंडिया के दौर में मल्टीमीडिया एक ऐसा ऑप्शन है जिसमे कि अच्छा करियर है. यह एक ऐसी टैक्नीक है जिसमें अनेक माध्यमों से जैसे आॅडियो, वीडियो, टैक्स्ट, ग्राफिक्स, एनीमेशन, थ्रीडी व स्पेशल इफेक्ट मिलकर कंप्यूटर को इंटरएक्टिव बनाते हैं.

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डिजिटल इंडिया के दौर में मल्टीमीडिया एक ऐसा ऑप्शन है जिसमे कि अच्छा करियर है. यह एक ऐसी टेेक्निक है जिसमें अनेक माध्यमों से जैसे आॅडियो, वीडियो, टैक्स्ट, ग्राफिक्स, एनीमेशन, थ्रीडी व स्पेशल इफेक्ट मिलकर कंप्यूटर को इंटरएक्टिव बनाते हैं.

सूचना क्रांति के इस दौर में ग्राफिक डिजाइनिंग काफी डिमांड में है. कंप्यूटर द्वारा की जाने वाली इस टैक्नीक को एनिमेशन कहते हैं. किसी भी टीवी चैनल पर आप स्पेशल इफैक्ट्स, रंगारंग ग्राफिक्स तथा एनीमेशन की शानदार झलक देख सकते है.

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मार्कैट में है डिमांड 

पिछले कुछ सालों में फिल्म, एडवरटाइजिंग, एजुकेशन, टी.वी, प्रिन्टिंग इंटरनेट के अलावा, होर्डिंग, रंगीन बैनर्स, व पोस्टर्स पर भी इसका उपयोग बढ़ा है. आज हर चीज को खूबसूरती के साथ पेश करने का चलन है. ऐसे में कलर्स व इलस्ट्रेशन ने डिजाइनिंग के लिए नए आयाम खोल दिए हैं.

ग्राफिक एनिमेशन, फिल्म डिजाइन के साथ ही कैरीकेचर टेेक्निक का भी बहुत फास्ट डेवलपमेंट देखने में आता है. (कैड कंप्यूटर एडेड डिजाइनिंग) 3-D ग्राफिक्स आज के युवाओं को खूब लुभा रहे हैं. कार्टून फिल्में अब सिर्फ बच्चे ही एंजॉय नहीं करते. बड़े भी इसे उतना ही एंजाॅय कर रहे हैं. इस में अच्छी कमाई देखते हुए कई लोग इसमें अपना करियर बनाने में दिलचस्पी लेने लगे हैं.

आईटी सेक्टर में आवश्यक है मल्टीमीडिया-

इसमें सब से बड़ा फायदा यह है कि इसके लिए कोई उच्च शिक्षा की आवश्यकता नहीं है. इंग्लिश पर अच्छा कमांड होना काफी है. आईटी सेक्टर में सबसे अधिक प्रभावशाली माध्यम है इंटरनेट. इसमें वेबसाइट्स खास तरीके से डिजाइन की जाती है. इन्हे वेबपेज कहा जाता है. हाई स्टैंडर्ड की वेबसाइट्स मल्टीमीडिया को एक्सप्लाॅयट कर विचारों को ज़िंदा करती है.

मल्टीमीडिया टेेक्निक जैसे फ्रंटपेज, ड्रीमवीवर, पेजमील तथा फ्लैश की अच्छी जानकारी रखने वाले बहुत डिमांड में हैं. वे ग्राफिक डिजाइनर, वेब एनीमेटर, वेब डिजाइनर, वेब साइट कंस्ट्रक्टर, इंटरएक्टिव साइट डेवलपर, वेबसाइट एडमिनिस्ट्रेट, ई-बिजनेस, पोर्टल डिजाइनर तथा वेब डेटाबेस मैनेजर कुछ भी बन सकते हैं.

एडमिशन के लिए जरूरी शिक्षा-

ग्राफिक डिजाइनिंग में एडमिशन के लिए 12वीं क्लास पास होना जरूरी है. सिलेक्शन के लिए लिखित एग्जाम देना होता है. कमर्शियल आर्ट और मल्टीमीडिया के कोर्स में एडमिशन देते समय साइंस और मैथ्स के बैकग्राउंड वाले स्टूडेंट्स को प्रिफरेंस दी जाती है. सैंस आॅफ हयूमर, रिच इमेजिनेशन, क्रिएटिविटी तथा अच्छी ड्राइंग बनाने का आर्ट होना जरूरी है. इसमें जॉब की अनेक संभावनाएं हैं.

इसमें सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसके लिए कोई उच्च शिक्षा की आवश्यकता नहीं है. इंग्लिश पर अच्छा कमांड होना काफी है, लेकिन कैरियर में आगे बढ़ने, ऊंचाइयां नापने के लिये अच्छी पर्सनाल्टी, कंप्यूटर की गहरी नॉलेज, काम के प्रति लगन और अच्छा पीआर तथा टीम फीलिंग होना भी काफी मायने रखता है. अच्छे खासे अनुभव के बाद तगड़ी कमाई के साथ फॉरेन ट्रिप लगने आम बात हैं.

इन क्षेत्रों में मौके-

मल्टीमीडिया की पढ़ाई करके टीवी, रेडियो, न्यूजपेपर, फैशन डिजाइनिंग, इंटीरियर डेकोरेशन, ज्वेलरी, शिक्षा, उत्पादन और निर्माण में तो अच्छी संभावनाएं हैं ही, इसके अलावा गेमिंग विशेषज्ञों के लिए डिजिटल गेम बनाने वाली कंपनियों में अवसर हैं।

प्रमुख इंस्टीट्यूट –

फ्लैश एंड मीडिया, प्रीत विहार, दिल्ली

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, अहमदाबाद

माया एकेडमी ऑफ एडवांस सिनेमेटिक्स, साउथ एक्स, नई दिल्ली

सेंटर फॉर इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन एंड टेक्नॉलॉजी ऑफ इंडिया, मोहाली, चंडीगढ़

एरिना मल्टीमीडिया, नई दिल्ली

रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ग्राफिक कम्यूनिकेशन एंड टेक्नॉलाजी, पुणे

(नोट : यह लेख आपकी जागरूकता बढ़ाने के लिए साझा किया गया है. ज्यादा जानकारी के लिए आप एक्सपर्ट से सलाह ले सकते हैं.)