Dmart Case Study: सिंगल रूम अपार्टमेंट में रहते थे राधाकिशन दमानी, कैसे बने भारत के अमीर व्यक्ति

Dmart शेयर के बढ़ते दाम ने दमानी की संपत्ति में भी वृद्धि की और उन्हें देश का सबसे अमीर व्यक्ति बना दिया. साल 2020 में वे देश के टॉप 10 अमीरों में शामिल हैं. उनके शेयर के दामों ने उन्हें इतना अमीर बना दिया था कि उनकी संपत्ति की कीमत मुकेश अंबानी के करीब पहुँच गई थी.

भारत में टॉप 10 अमीरों की बात की जाए तो उसमें राधाकिशन दमानी (RadhaKishan Damani Biography) का नाम जरूर होता है.  राधाकिशन दमानी एक ऐसे व्यक्ति हैं जिनहोने शेयरमार्केट में अपना पैसा लगाकर खूब प्रॉफ़िट कमाया. साथ ही भारतीय लोगों के शॉपिंग करने का तरीका भी बदला. राधाकिशन दमानी कैसे भारत के टॉप 10 अमीर बने और उन्होने कैसे अपना बिजनेस शुरू किया. ये सारी बाते आप इस लेख में पढ़ेंगे.

राधाकिशन दमानी जीवनी | RadhaKishan Damani Biography

राधाकिशन दमानी का जन्म 1 जनवरी 1954 को एक माहेश्वरी परिवार में हुआ था. बचपन में वे मुंबई में सिंगल रूम अपार्टमेंट में रहते थे. दमानी ने अपने कॉलेज की पढ़ाई मुंबई यूनिवर्सिटी से की थी. वे वहाँ कॉमर्स में ग्रेजुएशन कर रहे थे लेकिन ग्रेजुएशन पूरा होने के एक साल पहले ही उन्होने कॉलेज छोड़ दिया और खुद का Ball bearing business शुरू किया.

राधाकिशन दमानी कैसे अमीर बने? | How Radhakishan Damani become rich?

राधाकिशन दमानी जब Ball bearing business कर रहे थे तब उनके पिता Dalal street में काम करते थे. इस वजह से उनका इन्टरेस्ट शेयर मार्केट में काफी ज्यादा था. पिता की मृत्यु होने के बाद उन्होने अपना बिजनेस छोड़कर शेयर मार्केट में स्टॉक ब्रोकिंग का काम शुरू किया. शुरुवात में उन्होने Short Selling Stocks की मदद से खूब पैसा कमाया. इस वजह से उनका नाम हर्षद मेहता स्कैम में भी आया था. लेकिन तब तक राधाकिशन दमानी इस मामले से काफी दूर जा चुके थे और शेयरमार्केट में खूब पैसा बना चुके थे.

Dmart कैसे शुरू हुआ? | Dmart Case study hindi

साल 2002 में राधाकिशन दमानी शेयरमार्केट में पैसा लगाने के अलावा खुद का कोई बिजनेस करना चाहते थे. इस उद्देश्य से उन्होने सुपरमार्केट बिजनेस में कदम रखा. उस समय तक बिग बाजार जैसी कंपनियाँ अपना कारोबार भारत में जमा चुकी थी. लेकिन फिर भी दमानी ने रिस्क लिया और 15 मई 2002 को महाराष्ट्र के पवई में अपना पहला सुपरमार्केट Dmart ओपन किया. उनका पहला स्टोर काफी सफल रहा. जिसके बाद पूरे भारत में उन्होने Dmart Suparmarket की चेन बना दी. Dmart के वर्तमान में भारत में 190 से भी ज्यादा स्टोर हैं.

 Dmart कैसे सफल हुआ? | Why Dmart Success in India?

Dmart को सफल करने का सारा श्रेय राधाकिशन दमानी को जाता है. एक तरफ जहां सारे सुपरमार्केट दिखावे पर फोकस करते हैं वहीं Dmart अच्छे प्रॉडक्ट को कम दाम पर देने पर फोकस करता है. Dmart की कम कीमतों के चलते जो लोग सुपरमार्केट से शॉपिंग नहीं भी करते थे वे भी अब Dmart से शॉपिंग करते हैं. Dmart काफी सोच-समझकर अपने हर स्टोर को खोलता है और उसमें कम से कम निवेश करने की कोशिश करता है. उनका ध्यान चमक-धमक से ज्यादा कस्टमर की संतुष्टि पर होता है. अगर आप Dmart गए हैं तो आपने पाया होगा कि वहाँ आपको हमेशा डिस्काउंट मिलता है जबकि अन्य सुपरमार्केट कीमत को बढ़ाकर उस पर डिस्काउंट देने का दावा करते हैं जिससे कस्टमर को कोई फायदा नहीं होता है. दमानी ने अपने दिमाग से लोगों का दिल जीता और आज Dmart देश में सफल सुपर मार्केट चेन चला रहा है.

राधाकिशन दमानी अमीर कैसे बने? | Secret of Radhakishan Damani Success

राधाकिशन दमानी शुरू से ही शेयरमार्केट से जुड़े रहे. शुरू में तो दमानी ने शेयर को खरीद और बेचकर पैसा कमाया लेकिन उनकी संपत्ति में वृद्धि Dmart के कारण हुई. Dmart को उन्होने 21 मार्च 2017 को शेयरमार्केट में लिस्ट किया था. इसके IPO आते ही बिकना शुरू हो गए और लोगों ने इनके शेयर पर खूब विश्वास दिखाया. इसी की बदौलत Dmart ने ढाई सालों के अंदर अपने निवेशकों को 290 प्रतिशत तक का रिटर्न दिया जो बहुत ज्यादा होता है.

Dmart शेयर के बढ़ते दाम ने दमानी की संपत्ति में भी वृद्धि की और उन्हें देश का सबसे अमीर व्यक्ति बना दिया. साल 2020 में वे देश के टॉप 10 अमीरों में शामिल हैं. उनके शेयर के दामों ने उन्हें इतना अमीर बना दिया था कि उनकी संपत्ति की कीमत मुकेश अंबानी के करीब पहुँच गई थी. कई बार वे मुकेश अंबानी के बाद दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बने रहे. आज वे अपने दिमाग के बदौलत खुद तो मुनाफा कमा ही रहे हैं साथ ही लोगों को भी मुनाफा दे रहे हैं.

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