बेहतर बिज़नेस और करियर ऑपर्चुनिटी से भरा है रियल स्टेट सेक्टर

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक देश में अभी करीबन दो करोड़ घरों के निर्माण की ज़रूरत है और इसके लिए  सरकार साल 2022 तक देश में ज़रूरतमंदों को करीब 2 करोड़ घर मुहैया कराने का लक्ष्य लेकर भी चल रही है. इस ज़रूरत को पूरा करने में रियल एस्टेट की बड़ी भूमिका है और इसी कारण यह सेक्टर तेजी के साथ उभर रहा है.

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एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक देश में अभी करीबन दो करोड़ घरों के निर्माण की ज़रूरत है और इसके लिए  सरकार साल 2022 तक देश में ज़रूरतमंदों को करीब 2 करोड़ घर मुहैया कराने का लक्ष्य लेकर भी चल रही है. इस ज़रूरत को पूरा करने में रियल एस्टेट सेक्टर की बड़ी भूमिका है और इसी कारण यह सेक्टर तेजी के साथ उभर रहा है.

जॉब से लेकर कमाई तक के अवसर 

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देश की मेट्रो से लेकर टियर टू सिटीज में रियल एस्टेट सेक्टर की पहुंच काफी हद तक हो गई है. यह सेक्टर जॉब और कमाई दोनों के लिए ढेरों मौके उपलब्ध करवाता है. रियल एस्टेट से जुड़कर पैसा कमाने के लिए आपको बड़े इन्वेस्टमेंट की भी ज़रूरत नहीं है. आप अपनी कंसल्टिंग फर्म शुरू करने के साथ ही सेक्टर में जॉब भी कर सकते हैं.

घर से शुरू कर सकते हैं कंसल्टिंग फर्म

कंसल्टिंग फर्म शुरू करने के लिए आपको तीन से चार लोगों की टीम और करीब 50 हजार रुपए की आवश्यकता होगी. अपने घर से ही कंसल्टिंग फर्म का ऑफिस शुरू किया जा सकता है. इसके लिए आपको टेलीफोन कनेक्शन, कंम्प्यूटर या लैपटॉप के साथ ही इंटरनेट कनेक्शन की ज़रूरत होगी.

चुनें अच्छे बिल्डर्स 

ऑफिस शुरू करने के साथ ही आपको बिल्डर्स का भी चुनाव करना ज़रूरी है. जिन बिल्डर्स को आप काम करने के लिए चुनें उनकी मार्केट में अच्‍छी होनी चाहिए. बिल्डर्स का चयन कर उनके प्रोजेक्‍ट को भी जान लें. इससे आपको सेल या कंसल्टिंग देने में हेल्प मिलेगी.

नेटवर्क का करें यूज 

प्रोजेक्ट्स की पूरी जानकारी और नामी बिल्डर्स के साथ जुड़ने से आपको कम प्रयास में ही काफी खरीददार मिलेंगे. खरीरदारों को तलाशने में आप अपने नेटवर्क का भी भरपूर उपयोग करें. अपने फ्रेंड सर्कल के साथ ही रिलेशन में घर या प्लॉट खरीददारों को भी तलाशें.

Real Estate Agent Work

किसी भी स्टेट एजेंट को जो काम करने होते हैं उनमें प्रापर्टी तलाशना, ओनर से प्रापर्टी की डील करना, ग्राहक ढूढ़ना, खरीददार को प्रॉपर्टी दिखाने के साथ ही प्रॉपर्टी का रखरखाव कराने की भी ज़िम्मेदारी होती है. रेंट पर दिलाई जाने वाली प्रापर्टी की डील फाइनल होने पर rent agreement तैयार कराना और ज़मीन बिकने पर रजिस्ट्री करवाना भी एजेंट का ही काम होता है.

इसके साथ ही किराये पर दिलाई गई प्रापर्टी जैसे मकान या दुकान के खाली होते वक़्त उसमें किसी तरह का नुकसान तो नहीं हुआ इसको भी चेक करना स्टेट एजेंट का ही काम होता है. प्रापर्टी डीलर को रेंट पर दी गई प्रापर्टी के बिजली बिल और हाउस टैक्स को भी अदा करना होता है.