Ringing in ears : कान में आवाज आने का इलाज, टिनिटिस नियंत्रित कैसे करें?

कान की बीमारी (Ear disease) कई लोगों को होती है लेकिन उन्हें इसकी भनक तक नहीं रहती की उनके कान में कोई गंभीर समस्या है. कान से जुड़ा एक रोग है 'कान बजना' (ringing in ears) जिसे टिनिटस (tinnitus) कहते हैं. इसमें व्यक्ति के कान में आवाज़ आती है लेकिन दूसरे व्यक्ति को वो आवाज़ नहीं आती. इसे आम तौर पर कान बजना भी कहते हैं. कई लोग इसे नजर अंदाज़ कर जाते हैं और इस पर ध्यान नहीं देते हैं लेकिन इस पर ध्यान नहीं देने का अंजाम बहुत ही घातक हो सकता है.

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कान की बीमारी (Ear disease) कई लोगों को होती है लेकिन उन्हें इसकी भनक तक नहीं रहती की उनके कान में कोई गंभीर समस्या है. कान से जुड़ा एक रोग है ‘कान बजना’ (ringing in ears) जिसे टिनिटस (tinnitus) कहते हैं. इसमें व्यक्ति के कान में आवाज़ आती है लेकिन दूसरे व्यक्ति को वो आवाज़ नहीं आती. इसे आम तौर पर कान बजना भी कहते हैं. कई लोग इसे नजर अंदाज़ कर जाते हैं और इस पर ध्यान नहीं देते हैं लेकिन इस पर ध्यान नहीं देने का अंजाम बहुत ही घातक हो सकता है.

टिनिटिस क्या है? (what is tinnitus?)

टिनिटिस (ringing in ears) कान का एक रोग है. इसमें बगैर किसी कारण के व्यक्ति के कानों में आवाज़ गूँजती है. वो आवाज़ किसी दूसरे व्यक्ति को नहीं आती. अगर ये किसी को बोलते भी है तो कोई यकीन नहीं करता है. टिनिटिस (tinnitus) को रक्तवाहिनियों तथा उम्र के साथ सुनने की क्षमता के कम होने से भी जोड़ा जाता है.

टिनिटिस कितने प्रकार का होता है? (types of tinnitus)

टिनिटिस दो तरह के होते हैं. एक तो होता है सब्जेक्टिव (subjective tinnitus) जिसे आप सुन सकते हैं. इसकी आवाज आपको सुनाई देती है जो ध्वनि को समझने वाली नसों तथा मस्तिष्क के बीच हुई समस्या के कारण आती है. दूसरा टिनिटिस होता है ऑबजेक्टिव टिनिटिस (objective tinnitus). ये एक दुर्लभ तरह का टिनिटिस है जो मध्य कान की हड्डी में उत्पन्न हुई समस्या के कारण होता है. इसका पता डॉक्टर कुछ परीक्षणों के बाद लगा पाते हैं.

कान क्यों बजते हैं? (why ear ringing?)

कई लोग इस बात से परेशान हैं की उनके कान क्यों बजते हैं (sudden ringing in ear), कान में सीटी की आवाज क्यों आती है (whistle ringging in ear), कान में घंटियाँ क्यों बजती है? ये सभी टिनिटिस (tinnitus) कहलाते हैं और अभी तक स्पष्ट रूप से कह पाना की टिनिटिस क्यों होता है संभव नहीं है. इसके बारे में डॉक्टर कहते हैं की इससे सुनने की क्षमता खत्म या कम हो सकती है. टिनिटिस समय के साथ बढ़ता जाता है, कई मामलों में ये अचानक बढ़ जाता है. टिनिटिस होने की कोई खास वजह नहीं हैं फिर भी कुछ सामान्य कारण है जिनके द्वारा माना जाता है की टिनिटिस हो सकता है. टिनिटिस होने के कारण (tinnitus causes) निम्न हैं –

– लगातार तेज आवाज सुनना जिसके कारण कानो के अंदरूनी हिस्से को क्षति पहुचती है.
– कान में मैल या वैक्स का भर जाना. कई बार मैल नहीं निकालने के कारण भी टिनिटिस के लक्षण नजर आते हैं.
– कान के बीच के हिस्से में संक्रमण का होना या फिर इस हिस्से की हड्डी में असमान्य वृद्धि होना.
– कान में पस बनने की वजह से.
– किसी गंभीर चोट के कारण कान के पर्दे में छेद हो जाने की वजह से.
– सर्दी या फ्लू के कारण नाक बंद होने पर कान पर दबाव पड़ने पर.
– शरीर में एनीमिया या खून की कमी होने के कारण.

कान बजने का बचाव कैसे करें (how to stop ringing ears?)

अगर आप चाहते हैं की आपके कान न बजें या फिर आपके साथ ऐसा कुछ ना हो तो आप जितना हो सके उतना तेज आवाज वाली जगह से दूर रहें क्योंकि इससे आपकी सुनने की क्षमता भी खत्म हो सकती है. अगर आप तेज आवाज वाली जगह जा रहे हैं तो कान में earplugs लगाएँ जिससे बाहर का शोर ना सुनाई दे.

इसके अलावा कान का मैल साफ करते रहें. अगर कान में कोई संक्रमण है या कान बह रहा है तो आप डॉक्टर को दिखाएँ. अपने सिर को किसी भी चोट से बचा के रखें क्योंकि सिर वो हिस्सा होता है जहां चोट लगने के कारण शरीर के कई हिस्से प्रभावित हो जाते हैं.

कान बजने का इलाज (ear ringing treatment)

किसी व्यक्ति को कान बजने की समस्या (tinnitus treatment) है तो उसे इसके लिए सीधे तौर पर डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए क्योंकि कान बजने की समस्या का कारण अलग-अलग होता है. इनके कारणों को देखते हुए डॉक्टर अलग-अलग दवाइयाँ और थेरेपी के बारे में बताते हैं. कई लोगों में कान बजने की समस्या अपने आप ही सही हो जाती है लेकिन तब जब ये उनमें कम हो और शुरुवाती दौर पर हो अगर किसी व्यक्ति को शुरुवाती दौर में ही ज्यादा है तो फिर उसे डॉक्टर का परामर्श लेना ही उचित रहता है.

– अगर किसी व्यक्ति के कान सुनने की क्षमता की वजह से बजते हैं तो फिर वो hearing equipment द्वारा कान बजने की समस्या पर काबू पा सकता है.

– कई लोगों में मानसिक परेशानी भी कान बजने का कारण होती है जिसके लिए उन्हें संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी के बारे में सलाह दी जाती है जिसे मनोचिकित्सक करता है.

– कई लोगों के कान एक दम शांत माहौल में बजते हैं. इस तरह की समस्या होने पर आप मोबाइल, रेडियो या टीवी पर हल्की आवाज में गाने या अपनी पसंद का संगीत सुन सकते हैं जिससे आपके कानों के अंदर से आने वाली आवाज कम हो जाए.

– कई बार कान में ट्यूमर या फिर नसों में समस्या होने के कारण कान बजते हैं. इस समस्या में डॉक्टर सर्जरी करने की सलाह देते हैं. अगर ट्यूमर को दवाइयों द्वारा काबू नहीं किया जा रहा हो तो.

– कान बजना या टिनिटिस एक घातक बीमारी है क्योंकि ये आपको किसी भी जगह परेशान कर सकती है. अगर आप ऑफिस में काम कर रहे हैं तो आप काम पर ध्यान केन्द्रित नहीं कर पाएंगे. अगर सो रहे हैं और कान में आवाज आ रही है तो आपकी नींद पूरी नहीं हो पाएगी. आप चाहे तो इसके लक्षण नजर आते ही डॉक्टर का परामर्श लें. पता लगाएँ की किस कारण आपके कानों में आवाज आ रही है. इसके बाद उसका बचाव करें.

नोट: यह लेख आपकी जानकारी और जागरूकता बढ़ाने के लिए साझा किया गया है. यदि आप संबंधित बीमारी से ग्रस्त हैं अथवा बीमारी के लक्षण महसूस होते हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें. बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी भी तरह के उपाय ना करें और बीमारी को लेकर धारणा ना बनाएं. ऐसा करना सेहत के लिए नुकसानदायक है.

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