आखिर भगवान शिव को क्यों पसंद है श्रावण मास

28 जुलाई से श्रावण मास का आरंभ हो रहा है. इस दिन शनिवार  है जो बेहद खास है. यह महीना भगवान शिव को समर्पित है. श्रावण मास के ये 30 दिन भगवान शिव की आराधना, पूजा और उनके प्रति आस्था के दिन हैं.

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28 जुलाई से श्रावण मास का आरंभ हो रहा है. इस दिन शनिवार  है जो बेहद खास है. यह महीना भगवान शिव को समर्पित है. श्रावण मास के ये 30 दिन भगवान शिव की आराधना, पूजा और उनके प्रति आस्था के दिन हैं. जो शिवभक्त हैं वे श्रावण मास में सोमवार को शंकर जी की विशेष पूजा करते हैं.

शंकर जी का अभिषेक श्रावण मास में विशेष महत्व रखता है. हर व्यक्ति श्रावण मास में भगवान शिव का भले ही अभिषेक ना कर पाए लेकिन वह बिल्व पत्र जरूर अर्पित करता है.

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क्यो श्रावण मास पसंद है शिव को 

शिवभक्ति का मास सावन पूरी दुनिया में शिव भक्तों को प्रिय है. इस पूरे मास में शिव मंदिरों में विशेष विशेष अनुष्ठान होते हैं.

इन दिनों देवों के देव महादेव अपने भक्तों को विशेष आशीर्वाद देते हैं. इस बार सावन का महीना 29 दिन का ही होगा और कई विशेष योग-संयोग भी रहेंगे. 

ज्योतिष के मुताबिक मानें तो सूर्य कर्क राशि में गोचर करने पर शिव भक्ति का सावन महीना शुरू होता है. सूर्य गर्म है जबकि चन्द्रमा शीलता प्रदान करता है. ऐसे में सूर्य के कर्क राशि में आने से बारिश शुरू होती है.

माना जाता है कि बारिश के महीने में ठंडक होने, मौसम में शुष्कता कम होने के चलते समुद्र मंथन से निकला विष ग्रहण करने वाले महादेव शिव को यह महीना ठण्डक देता है. यही वजह है कि शिव को सावन महीना प्रिय है.

श्रावण मास इसलिए भी प्रिय है शिव को 

शिव को श्रावण मास प्रिय होने की एक और मान्यता हमारे शास्त्रों से जुड़ी है. मान्यता है कि ब्रह्मा के पुत्र प्रजापति दक्ष की पुत्री और माता सती जब हिमालय राज के घर पार्वती के रूप में जन्मीं तो उन्होंने भगवान शिव को दोबारा पति रूप में प्राप्त करने के लिए श्रावण मास में कठोर तपस्या की.

इस तपस्या से शिव बहुत प्रसन्न हुए और उनकी मनोकामना पूरी की. इसी माह में सती को खो चुके शिव ने दोबारा अपनी पत्नी को प्राप्त किया इसलिए भी शिव को ये सावन महीना बहुत प्रिय है.

यही कारण है कि इस महीने लड़कियां अच्छे वर के लिए शिव जी की विशेष पूजा आराधना करती हैं.

शिव हर दुख  से मुक्ति देंगे 

कहते हैं भगवान शिव बहुत भोले हैं. यदि उनसे सच्चे मन से प्रार्थना की जाए और उन्हें याद किया जाए तो वे हर पीड़ा और दुख को हर लेते हैं.

इस बार शनिवार से श्रावण महीना शुरू होने जा रहा है ऐसे में यदि आप शनि की साढ़े साती से पीड़ित हैं या फिर आपकी कुंडली में शनि पीड़ित हैं तो इस श्रावण माह के पहले दिन भगवान शिव की विशेष पूजा करें.

वैसे आप चाहें तो भगवान शिव की बारह महीने पूजा कर सकते हैं. लेकिन यदि आप सावन महीने में शिव जी को बिल्व पत्र और उनका अभिषेक करेंगे तो आपकी हर परेशानी दूर होगी और बिगड़े हुए काम बनने लगेंगे.