World Diabetes Day 2021: ब्लड शुगर के शुरुआती लक्षण, तुरंत दिखाएं डॉक्टर को

ब्लड शुगर को एक साइलेंट किलर कहा जाता है. रक्त में शर्करा का स्तर बढ़ने के कई लक्षण होते हैं. यदि समय रहते डॉक्टर से सलाह ली जाए तो इस गंभीर बीमारी को नियंत्रण में रखा जा सकता है.

डायबिटीज को साइलेंट किलर कहा जाता है. (diabetes silent killer disease) शुगर एक ऐसा रोग है जिसका समय रहते आपको पता नहीं चला तो यह ना केवल अंदर के अंगों को क्षति पहुंचाता है बल्कि असमय मृत्यु कारण भी बनता है. भारत में बीते कुल सालों में शुगर पेशेंट्स की संख्या तेजी से बढ़ी है.

आंकड़ों की बात करें तो उसका हिसाब-किताब तो लगातार बढ़ा है क्योंकि हाल के वर्षों में युवा यहां तक कि 18 साल से कम उम्र के बच्चे भी मधुमेह जैसे गंभीर रोग के शिकार हुए हैं. स्थितियां तो यहां तक बदली हैं कि जन्म से ही बच्चे शुगर लेकर पैदा हुए हैं.

शुगर के लक्षण और कारण (diabetes ke lakshan hindi mai)

ऐसा नहीं है कि शुगर को कंट्रोल नहीं किया जा सकता है. (diabetes symptoms) शुगर का सही समय पर पता चलना और उसके लक्षणों को पहचानकर (how to prevent diabetes) मधुमेह का इलाज (blood sugar) किया जा सकता है. शुगर नियंत्रण के लिए जरूरी है लाइफ स्टाइल को बदलना और खान-पान की आदतों में बदलाव लाना.

आइए जानते हैं शुगर के लक्षण-

-शरीर में जब शुगर का स्तर बढ़ने लगे तो थकान ज्यादा रहने लगती है. रोगी में चिड़चिड़ापन रहने लगता है.  इसके अतिरिक्त कई लोगों में नींद ना आने की समस्या भी शुरू हो जाती है.

– शरीर में ब्लड शुगर बढ़ने पर नजरें कमजोर हो जाती है. आंखों की रौशनी कम होने का कारण छोटी-छोटी ब्लड वेसल्स का नष्ट हो जाना होता है. ध्यान रखें कि यदि इसका समय पर इलाज नहीं किया अंधापन भी आ सकता है.

-खुजली होना भी शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ने के कारण होता है. यह खुजली जेनाइटल एरिया में होता है. रक्त में शर्करा की मात्रा से यूरिन यीस्ट भी हो सकता है.

-लगातार भूख लगना भी डायबिटीज का लक्षण है. जिन लोगों को शुगर रहती है उन्हें बार-बार भूख लगती है. इसकी वजह होती है शुगर पेशेंट्स में ब्लडस्ट्रीम से ग्लूकोज बॉडी सेल्स तक नहीं पहुंच पाते हैं जिससे ये समस्या होती है.

-शुगर होने पर मरीज को बार-बार पेशाब होती है क्योंकि शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ने कारण दोनों ही किडनी शरीर में बढ़े हुए ग्लूकोज को बाहर निकालने का कार्य करती है.

-शुगर के मरीज बार-बार पेशाब करने जाते हैं लिहाजा शरीर में पानी की मात्रा भी कम होने लगती है लिहाजा पेशेंट को बार-बार प्यास लगती है.

-शुगर के चलते कई लोगों के वजन में भी तेजी से गिरावट आने लगती है. यदि इस तरह के संकेत मिले तो आप तुरंत डॉक्टर से सलाह लें.

-डायबिटीज के रोगियों के लिए किसी भी तरह के घाव भरने में बहुत समय लगता है क्योंकि रक्त में शर्करा की मात्रा ज्यादा होती है लिहाजा शरीर को रिकवर करने में समय लगता है. 

यदि आपको उपरोक्त् में से किसी भी तरह के लक्षण अपने शरीर में दिखाई दें तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें. बिना डॉक्टरी सलाह के अंदाजा ना लगाए कि आपको शुगर हो सकती है. मानव शरीर की संरचना इतनी जटिल है कि कई बार एक ही बीमारी के लक्षण कई लोगों में अलग-अलग होते हैं लिहाजा बेहतर होगा कि किसी भी तरह का उपाय मन से ना करें और डॉक्टर से सलाह लें.

नोट: यह लेख आपकी जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किया गया है. यदि किसी बीमारी के पेशेंट हैं अथवा उपरोक्त लेख में दर्शाए गए लक्षण, शरीर में महसूस करते हैं तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें. मन से किया गया किसी भी तरह का इलाज नुकसादायक हो सकता है. 

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