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श्रावण मास और भगवान शिव

ओशो की बात: “शिव सूत्र: चैतन्य ही मैं हूं और सब ‘पर’ है, पराया है

इस जगत में, सिर्फ चैतन्य ही तुम्हारा अपना है. आत्मा का अर्थ होता है, अपना; शेष सब पराया है. शेष कितना ही अपना लगे, पराया है. मित्र हों, प्रियजन हों, परिवार के लोग हों, धन हो, यश, पद-प्रतिष्ठा हो, बड़ा साम्राज्य हो, वह सब जिसे तुम कहते हो मेरा, वहां धोखा है. क्योंकि वह सभी मृत्यु तुमसे छीन लेगी.
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Mahashivratri 2021: क्यों पसंद है शिव को बिल्व पत्र? कैसें…

शिव जी को बिल्व पत्र क्यों प्रिय है इसकी मूलकथा योगिनीतंत्रम में आती है, जिसमें नारद जी से भगवान शिव ने बिल्व पत्र पसंद होने की कथा विस्तार से कही है. इस ग्रंथ…
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आखिर भगवान शिव को क्यों पसंद है श्रावण मास

28 जुलाई से श्रावण मास का आरंभ हो रहा है. इस दिन शनिवार  है जो बेहद खास है. यह महीना भगवान शिव को समर्पित है. श्रावण मास के ये 30 दिन भगवान शिव की आराधना, पूजा…
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