Tonsillitis : गले में टॉन्सिल्स के लक्षण, गले में टॉन्सिल्स का इलाज और घरेलू उपाय

कई बार बचपन या किशोरावस्था वाले बच्चों के गले में अंदर सूजन आ जाती है जिसे हम 'टॉन्सिल्स' (tonsils) कहते हैं. ये सामान्य तौर पर बचपन और किशोरावस्था में ज्यादा देखी गई है. दरअसल इस बीमारी का नाम 'टॉन्सिल्स' (tonsils) नहीं बल्कि 'टॉन्सिलाइटिस' (tonsillitis) है. टॉन्सिल्स गले में वो हिस्सा है जो प्रभावित होता है और सूजन होने का कारण बनता है.

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कई बार बचपन या किशोरावस्था वाले बच्चों के गले में अंदर सूजन आ जाती है जिसे हम ‘टॉन्सिल्स’ (tonsils) कहते हैं. ये सामान्य तौर पर बचपन और किशोरावस्था में ज्यादा देखी गई है. दरअसल इस बीमारी का नाम ‘टॉन्सिल्स’ (tonsils) नहीं बल्कि ‘टॉन्सिलाइटिस’ (tonsillitis) है. टॉन्सिल्स गले में वो हिस्सा है जो प्रभावित होता है और सूजन होने का कारण बनता है.

टॉन्सिल्स गले के पीछे स्थित नरम ऊतक (tissue) का जोड़ा होता है. ये हमारे शरीर में लासिका प्रणाली (lymphatic system) का हिस्सा होता है. ये गले में संक्रमण होने से रोकता है. लेकिन जब ये खुद संक्रमित हो जाते हैं तो गले में खराश और टॉन्सिल्स में सूजन (swelling in tonsils) आ जाती है. टॉन्सिल्स की पहचान के लिए हमें इसके लक्षण के बारे में जरूर पता होना चाहिए.

गले में टॉन्सिल्स के लक्षण (tonsillitis symptoms)

टॉन्सिल्स के लक्षण (tonsillitis symptoms) काफी सामान्य होते हैं जो आसानी से नजर आ जाते हैं. ये आपको आमतौर पर स्कूली बच्चों में देखने को मिलेंगे. टॉन्सिल्स के लक्षण निम्न हैं :-

– सूजे हुए और लाल टॉन्सिल्स
– टॉन्सिल्स पर सफ़ेद या पीले रंग के धब्बे होना
– खाना या पानी निगलने में परेशानी होना
– गले में खराश होना
– गर्दन में अकड़न होना
– पेट दर्द
– साँसो में बदबू आना
– गले में दर्द होना
– स्वभाव में चिड़चिड़ा होना

गले में टॉन्सिल्स बढ्ने का कारण (tonsillitis causes)

शरीर पर बाहरी रोगों के आक्रमण होने पर सबसे पहले टॉन्सिल्स (tonsils) हमारी रक्षा करते हैं इसलिए उन पर संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा रहता है. टॉन्सिलाइटिस (tonsillitis) के होने के दो कारण है. ये या तो वायरस के कारण होता है या फिर बैक्टीरिया के कारण. वायरस में सर्दी, जुखाम या फ्लू का बुखार इसे प्रभावित कर सकता है. वही कुछ विशेष बैक्टीरिया टॉन्सिलाइटिस का कारण बनते हैं. इनसे बचाव आमतौर पर देखा जाए तो इतना संभव नहीं है क्योंकि कौन सा वायरस और बैक्टीरिया कब हमला कर दे इसके बारे में कोई नहीं जानता.

टॉन्सिल्स से बचाव (tonsillitis prevention)

टॉन्सिलाइटिस के कारण (tonsillitis causes) से आप जान गए होंगे की ये वाइरस और बैक्टीरिया के कारण होता है. इनकी रोकथाम (tonsillitis prevention) के लिए आप जितना हो सके उतना सफाई पर ध्यान दें. आप टॉन्सिलाइटिस से बचाव (tonsillitis prevention) के लिए बच्चों को निम्न बातें बता सकते हैं.

– अपने हाथों को शौचालाय जाने के बाद ज़रूर धोये और थोड़े-थोड़े समय पर अपने हाथों को साबुन या सेनीटाइजर से धोते रहें.
– अपने भोजन, पानी, बर्तन या पानी की बोतल को शेयर करने से बचें. इससे सबसे ज्यादा संक्रमण का खतरा रहता है.
– अगर टॉन्सिलाइटिस के लक्षण नजर आ रहे हैं तो तुरंत अपना टूथ ब्रश बदल दें.
– अगर टॉन्सिलाइटिस हो गया है तो बच्चों को घर पर ही रखें.
– डॉक्टर से सलाह लें की बच्चे को कब स्कूल भेज सकते हैं.
– खाँसते या छीकते समय मुँह पर कपड़ा रखें और अपने हाथों को बार-बार धोएँ.

गले में टॉन्सिल्स का इलाज (tonsillitis treatment)

टॉन्सिलाइटिस (tonsillitis) के लक्षण बच्चे में नजर आते ही उसे डॉक्टर को दिखाए और इस बात का ध्यान रखें की उसकी वजह से दूसरे बच्चे को वो संक्रमण ना हो. टॉन्सिलाइटिस (tonsillitis) होने की स्थिति में डॉक्टर को दिखाना ही सबसे बेहतर होता है. वे इसकी गंभीरता को देखते हुए इसका इलाज करते हैं.

टॉन्सिलाइटिस (tonsillitis) अगर सामान्य स्थिति में होता है तो उसे दवाइयों के जरिये ठीक किया जा सकता है लेकिन अगर एक ही साल में 7 बार से ज्यादा बार टॉन्सिलाइटिस (tonsillitis) हो रहा है तो उसे सर्जरी के जरिये ठीक करने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा यदि टॉन्सिलाइटिस के कारण सांस लेने में ज्यादा दिक्कत हो रही है तो फिर डॉक्टर टॉन्सिलेक्टोमी की सलाह देते हैं.

गले में टॉन्सिल्स का घरेलू इलाज (tonsillitis home remedies)

टॉन्सिलाइटिस (tonsillitis home remedy) को दूर करने के लिए आप घरेलू उपाय का सहारा भी ले सकते हैं लेकिन इन घरेलू उपायों को आप टॉन्सिलाइटिस के शुरुवाती दौर में ही उपयोग करें. अगर समस्या ज्यादा है या खत्म नहीं हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. इसके अलावा यदि डॉक्टर से पूछ कर आप घरेलू उपाय अपनाते हैं तो और भी अच्छा होगा.

– आप पानी में ताजा अदरक पीस कर मिलाये और नींबू का रस मिलाएँ. इस पानी से आप हर आधे घंटे में गरारे करते रहें. यह एक गरम पेय है जिसके कारण आपके गले में आराम मिलेगा. इसके अलावा आप अदरक वाली चाय भी पी सकते हैं.

– आप दूध में कच्चा पपीता मिलकर भी गरारे कर सकते हैं. इससे भी टॉन्सिल्स में आराम मिलता है.

– इसके अलावा एक कप गर्म दूध में आधा चम्मच पिसी हुई हल्दी मिलाकर पीने से भी जल्द ही टॉन्सिल्स ठीक हो जाते हैं.

– आप गुनगुने या हल्के गरम पानी में एक चम्मच सेंधा नमक मिलकर भी गरारे कर सकते हैं. सेंधा नमक के गरारे करने पर आपके गले से बैक्टीरिया का असर खत्म हो जाता है.

– अगर टॉन्सिल्स के कारण गले में दर्द हो रहा है तो गरम पानी में नींबू के साथ शहद मिलकर गरारे कर सकते हैं. इससे गले के दर्द में आराम मिलता है.

नोट: यह लेख आपकी जानकारी और जागरूकता बढ़ाने के लिए साझा किया गया है. यदि आप संबंधित बीमारी से ग्रस्त हैं अथवा बीमारी के लक्षण महसूस होते हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें. बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी भी तरह के उपाय ना करें और बीमारी को लेकर धारणा ना बनाएं. ऐसा करना सेहत के लिए नुकसानदायक है.

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