डाइट चार्ट में शामिल करें देसी घी, कैंसर से लड़ने में है मददगार

आयुर्वेद में गाय के घी को अमृत बताते हुए इसको खाने के कई फायदे भी बताए गए हैं. इसे आयुर्वेदिक औषधि के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है. वहीं कुछ लोग घी को मोटापे का कारण मानते हुए अपने डाइट चार्ट से बाहर रखते हैं. संतुलित मात्रा में घी का सेवन मोटापे का कारण नहीं बन सकता है. घी को अपने डाइट चार्ट से बाहर रखने से जरूर आपको कई नुकसान हो सकते हैं.

0 437

आयुर्वेद में गाय के घी को अमृत बताते हुए इसको खाने के कई फायदे भी बताए गए हैं. इसे आयुर्वेदिक औषधि के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है. वहीं कुछ लोग घी को मोटापे का कारण मानते हुए अपने डाइट चार्ट से बाहर रखते हैं. संतुलित मात्रा में घी का सेवन मोटापे का कारण नहीं बन सकता है. घी को अपने डाइट चार्ट से बाहर रखने से जरूर आपको कई नुकसान हो सकते हैं.

नवजात शिशु के लिए वरदान है घी

सम्बंधित लेख - पढ़िए

आयुर्वेद में नवजात शिशु के लिए दो से पांच बूंद घी देने की सलाह दी जाती है. जन्म से ही गाय का घी और दूध बच्चे के लिए फायदेमंद होता है. इसके साथ ही ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली माताओं के लिए भी गाय के घी का सेवन लाभदायक है. घी के सेवन करने से मां के दूध की पौष्टिक बढ़ती है.

स्वाद ही नहीं सेहत के लिहाज से खाएं घी

बहुत से लोग देसी घी खाने को फैट और वजन बढ़ने के साथ ही साथ दिल से जुड़ी कई बीमारियों का कारण मानते हैं. वहीं कुछ लोग खाने को टेस्टी बनाने के लिए ही इसका उपयोग करते हैं. असल में ये सारी बातें हमारी कम जानकारी का नतीजा हैं.

देसी घी विटमिन से भरपूर सेहत के साथ ही हमारी स्किन और बालों के लिए भी काफी फायदेमंद है. आयुर्वेद में देसी घी को पित्त नाशक माना गया है. जाड़े के मौसम में घी का सेवन खासतौर पर लाभदायी माना गया है. हमारे डाइट चार्ट में डेली एक चम्मच घी को शामिल करना चाहिए, इससे शरीर को कई फायदे होते हैं.

जाने घी के औषधीय गुण (Medicinal properties of ghee)

थकान और कमजोरी होने पर आप एक गिलास गुनगुने दूध में गाय का घी मिलाकर पी लें आपको राहत मिलेगी. यदि आपकी फैमिली आपके खर्राटों से परेशान है तो देसी घी इसकी अचूक दवा है. रात को सोने से पहले घी को हल्का गुनगुना कर एक-एक बूंद नाक में डाल दें इससे खर्राटों की परेशानी दूर हो जाएगी.

गठिया के मरीज देसी घी से जोड़ों पर मालिश करें इससे सूजन व दर्द दोनों से ही राहत मिलेगी. एक चम्मच गाय के घी में एक चौथाई काली मिर्च मिलाकर सुबह खाली पेट व रात को सोते समय खाने से आंखों की रोशनी तेज होगी.

आसानी से डाइजेस्ट होता है घी

देसी घी का सेवन हमें कई प्रकार की बीमारियों से सुरक्षित रखता है. घी हमारे शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम कर दिल की बीमारियों के खतरे को भी कम करता है. घी में ब्यूटिरिक ऐसिड काफी मात्रा में पाया जाता है.साथ ही इसमें सरलता से डाइजेस्ट होने वाले सैचुरेटेड फैट भी होते हैं. इसी कारण यह वनस्पति घी और तेल की तुलना में आसानी से पच जाता है.

कैंसर से बचाए घी (Anti-cancer) 

देसी घी का सेवन शरीर में कैंसर से लड़ने की क्षमता विकसित करता है. साथ ही घी में एंटी-वायरल गुण भी पाए जाते हैं. हर ऐज के लोगों को देसी घी का सेवन फायदेमंद है. इसमें पाए जाने वाले विटमिनस और पोषक तत्व हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ ही शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाते हैं. घी के एंटी ऑक्सिडेंट गुण चेहरे को चमकदार बनाते हैं. चेहरे पर देसी घी से मसाज करने स्किन सॉफ्ट होती है. 

Review Points

देसी घी खाने के कई फायदे हैं, लेकिन घी को खरीदते समय आपको इसकी शुद्धता को बारीकी से परख लेना आवश्यक है. क्यों कि देसी शुद्ध घी सेहत के लिए जितना लाभदायक है अशुद्ध घी का सेवन आपको उतना ही नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए घी खरीदते समय इस बात का ध्यान रखें कि कहीं उसमें मिलावट तो नहीं है. 

(नोट : यह लेख आपकी जागरूकता, सतर्कता और समझ बढ़ाने के लिए साझा किया गया है. यदि किसी बीमारी के पेशेंट हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें.)

error: Content is protected !!