स्मार्टफोन और गैजेट्स के दौर में कितनी सेफ हैं आपकी आंखें?

लाइफ स्मार्ट हो चुकी है. 24 घंटे गैजेट्स हमारे सामने हैं और उनके बिना हमारी जिंदगी अधूरी सी हो गई है. गैजेट्स आने से जिंदगी सरल हो गई है, लेकिन इन गैजेट्स का सअसे बड़ा खामियाजा हमारी आंखों ने उठाया है.

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लाइफ स्मार्ट हो चुकी है. 24 घंटे गैजेट्स हमारे सामने हैं और उनके बिना हमारी जिंदगी अधूरी सी हो गई है. गैजेट्स आने से जिंदगी सरल हो गई है, लेकिन इन गैजेट्स का सअसे बड़ा खामियाजा हमारी आंखों ने उठाया है.

जी हां आंखें हमारे शरीर का बहुत ही महत्त्वपूर्ण अंग हैं. इनके बिना सारा जीवन अंधकारमय है पर आज इसी महत्त्वपूर्ण अंग को हमारी लापरवाही का शिकार होना पड़ रहा है.

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आज दुनिया में आधी से अधिक जनसंख्या दृष्टि कमजोर होने के कारण चश्मे या लैंस के मोहताज तो हैं ही, साथ ही आंखों के रोगों की भी शिकार है.

प्रदूषण, टीवी, कंप्यूटर व तेज रोशनी के कारण आंखों पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ रहा है. कंप्यूटर ने जहां मनुष्य के काम को आसान किया है वहीं आंखों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है.

क्या जरूरी है आंखों के लिए?

कंप्यूटर पर काम करते समय आंखों के झपकने की क्रिया पर बहुत प्रभाव पड़ता है. आंखों का झपकना एक सामान्य व आंखों के लिए फायदेमंद क्रिया है.

प्रायः हमारी आंखें प्रति मिनट 14 बार झपकती हैं पर जब आप कंप्यूटर पर कार्य कर रहे होते हैं तो यह क्रिया घटकर प्रति मिनट 5 बार हो जाती है. आंखों का झपकाना आंखों को आराम पहुंचाता है व आंखों में नमी का संतुलन बनाए रखता है.

कितनी बार आंखें झपकते हैं आप?

आंखों के ऊपरी आईलिड के नीचे लेकरिमल ग्लैंड एक एंटीसेप्टिक स्राव उत्पन्न करते हैं. जब आंख झपकती है और यह स्राव आंखों को साफ करता है. जब आंख सामान्य नहीं झपकती तो आंखों में सूखापन, खुलजाहट या आंखें लाल होना जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है व यह कंप्यूटर विजिन सिंड्रोम का लक्षण भी हो सकता है जिससे भविष्य में आंखों की कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, इसलिए आंखों की झपकने की क्रिया पर ध्यान दें.

 

Image source : pixabay.com

अपनी आंखों को बचाएं

पढ़ते समय आंखें कम से कम दो-तीन सेकण्ड के पश्चात झपकाएं और कंप्यूटर पर कार्य करते समय हर पांच छः शब्दों के उपरांत. इसके अतिरिक्त आंखों संबंधी कुछ महत्त्वपूर्ण बातों पर ध्यान दें. जब भी पढ़ रहे हैं तो रोशनी कभी भी आगे से नहीं बल्कि आपके पीछे से किताब पर पड़नी चाहिए. कभी-भी दूर की चीज को देखने या पढ़ने के लिए आंखों को पूरी तरह खोल कर न देखें अर्थात आपकी आईलिड आधी खुली होनी चाहिए.

कंप्यूटर पर कैसे देखें?

कंप्यूटर के आगे काम करते समय ध्यान रखें कि आपका आई लेवल और कंप्यूटर स्क्रीन के स्तर में चार या पांच इंच ऊंचा होना चाहिए, जिससे आपकी आई लिड आधी बंद रहे. अगर कंप्यूटर मॉनीटर पर आई रिफ्लेक्शन स्क्रीन लगी हो तो आपकी आंखों के लिए अच्छा है.

कंप्यूटर पर हर एक घंटा कार्य करने के पश्चात् अपनी आंखों को 5-10 मिनट आराम दें. आपकी बैठने की स्थिति भी सही होनी चाहिए जिससे आपकी  गर्दन व पीठ की मांसपेशियों पर प्रेशर न पड़े.

कैसे करें आंखों की एक्सरसाइज

आंखों के व्यायाम के द्वारा भी आंखों को स्वस्थ रखा जा सकता है. आंखों से ऊपर की ओर देखें, फिर नीचे की ओर. इस क्रिया को भी 4-5 बार दोहराएं. किसी भी दीवार पर पेंसिल की सहायता से एक बिंदु बनाएं और इस बिंदु पर अपनी आंखों का फोकस कुछ देर तक केन्द्रित करें.

रोजाना आंखों का यह व्यायाम करने से आंखों का स्वास्थ्य कायम रहता है. इसके अतिरिक्त आंखों को दो-तीन बार दिन में आराम दें. आंखें बंद करें व अपनी हथेली को उन पर रखें ताकि आंखों में प्रकाश न जाए. आंखों को दिन में दो-तीन बार पानी से साफ करें.

डाइट का भी रखें ध्यान

आंखों पर आपकी डाइट भी प्रभाव डालती है. हमारी आंखों की दृष्टि के लिए विटामिन ए बहुत अच्छा है इसलिए विटामिन ए युक्त हरी सब्जियां पालक, मेथी, गाजर, पपीता, टमाटर, अकुंरित दालों, मछली, दूध, अण्डे को अपनी डाइट में शामिल करें. 

(नोट : यह लेख आपकी जागरूकतासतर्कता और समझ बढ़ाने के लिए साझा किया गया है. यदि किसी बीमारी के पेशेंट हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें.)