Cancer Disease: कैंसर क्या है? कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

कैंसर (cancer disease) कोशिकाओं के असामान्य विकास के चलते फैलने (How does a cancer start?) वाली बीमारी है. यह कोशिकाएं शरीर के किसी भी हिस्से की हो सकती हैं.

बदलती लाइफ स्टाइल ने कई बीमारियों को जन्म दिया है. शुगर, (Diabetes and hypertension) हाइपरटेंशन, थॉयराइड  (thyroid disease) के साथ ऐसी कई गंभीर बीमारियां हैं जो एक समय के बाद जानलेवा साबित होती हैं. लेकिन इन्हीं बीमारियों में एक जानलेवा बीमारी है (cancer in hindi) कैंसर.

बीते कुछ दशकों में कैंसर जैसी बीमारी ने भारत में तेजी से पैर पसारे हैं. कैंसर ना केवल रोगी की जान ले लेता है बल्कि उसे आर्थिक और सामाजिक रूप से भी तबाह कर देता है. महंगा, पीड़ादायक उपचार और ठीक होने की कोई गारंटी नहीं और असामान्य जिंदगी जो अक्सर  मृत्यु के समीप होती है, (cancer meaning) यही कैंसर है.

भारत में कैंसर के आंकड़ों पर नजर डालें तो हाला भयावह नजर आते हैं. (National cancer registry programme report) नैशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम रिपोर्ट 2020 के डाटा के अनुसार पिछले 4 सालों में भारत में कैसर के 10 फीसदी मामले बढ़े हैं और इस समय तकरीबन 13.9 लाख केस है और यह मामले इसी गति से बढ़ते रहे तो 2025 तक भारत में 15 लाख से ज्यादा केस होंगे. गौर करने वाली बात है कि भारत में पुरुषों से ज्यादा कैंसर के मामले स्त्रियों में है.

कैंसर क्या है (what is cancer)
कैंसर (cancer disease) कोशिकाओं के असामान्य विकास के चलते फैलने (How does a cancer start?) वाली बीमारी है. यह कोशिकाएं शरीर के किसी भी हिस्से की हो सकती हैं. कैंसर शब्द यानी की कर्क शब्द इसलिए प्रयोग किया जाता है क्योंकि इसमें कोशिकाएं बिना किसी कंट्रोल के विभाजित होती हैं साथ ही अन्य ऊतकों को भी प्रभावित करती है.

यहां गौर करने वाली बात है कि कोशिकाओं के भीतर जो परिवर्तन होता है वह अनुवांशिक स्तर पर होता है और यह बदलाव करने वाले कुछ खास एजेंट्स होते हैं जिसमें तंबाकू, वायरस, सूर्य का प्रकाश, रेडिएशन के रूप में हो सकते हैं. कैंसर की कोशिकाओं रक्त और लसीका प्रणाली के माध्यम से शरीर के अन्य भागों में फैल सकती हैं.

कैंसर के लक्षण- (cancer symptoms in hindi)
कैंसर के कुछ असामान्य लक्षण नहीं होते लेकिन एक समय के बाद जरूरी है कि इन लक्षणों पर गौर किया जाए और यदि शरीर में कैंसर के लक्षण दिखाई देते हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें.

  • वजन में बिना किसी कारण के वृद्धि या कमी.
    स्वर बैठना या खांसी ना हटना.
  • स्तन या शरीर के किसी अन्य भाग में कड़ापन या गांठ होना. यह स्तन कैंसर हो सकता है. बेहतर है कि डॉक्टर को दिखाएं.
  • शरीर में तिल होना सामान्य बात है लेकिन यदि एक नया तिल दिखाई दे या मौजूदा तिल में कोई परिवर्तन दिखाई दे.
  • कोई ख़राश जो लंबे समय से ठीक नहीं हो पा रही या लगातार खांसी बनी हो जो बार-बार लौटती हो. 
  • आंत्र या मूत्राशय की आदतों में परिवर्तन.
  • खाने के बाद असुविधा महसूस करना.
  • निगलने के समय कठिनाई होना.
  • असामान्य रक्तस्राव या डिस्चार्ज.
  • कमजोरी लगना या बहुत थकावट महसूस करना.
  • शरीर के किसी भी अंग में घाव या नासूर, जो न भरें.
  • इस बात का ध्यान रखें कि कैंसर कई तरह का होता है. चाहे वह ब्लड कैंसर हो या फेफड़े का कैंसर या फिर मस्तिष्क के भीतर ट्यूमर के रूप में, हर कैंसर के लक्षण अलग-अलग होते हैं. ऊपर दिए गए ये लक्षण सामान्य से लक्षण हैं जो शरीर में दिखाई देते हैं.
  • कैंसर के प्रकार- (types of cancer)
    मानव शरीर को करीब 100 से अधिक प्रकार के कैंसर प्रभावित कर सकते हैं. (cancer causes) कुछ सामान्य प्रकार के कैंसर जो ज्यादातर देखें जाते हैं.
    रक्त कैंसर
  • मूत्राशय कैंसर
  • मेलेनोमा स्तन कैंसर
  • फेफड़े का कैंसर
  • प्रोस्टेट कैंसर
  • त्वचा कैंसर
  • कोलोरेक्टल कैंसर
  • गैर-हॉजकिन लिंफोमा
  • किडनी कैंसर
  • ल्यूकेमिया

कैंसर के कारण- (causes of cancer)
धूम्रपान-सिगरेट या बीडी, के सेवन से मुंह, गले, फेंफडे, पेट और मूत्राशय का कैंसर होता है. (cancer kyon hota hai)
तम्‍बाकू, पान, सुपारी, पान मसालों, एवं गुटकों के सेवन से मुंह, जीभ खाने की नली, पेट, गले, गुर्दे और अग्‍नाशय (पेनक्रियाज) का कैंसर होता है.
शराब के सेवन से श्‍वांस नली, भोजन नली, और तालु में कैंसर होता है.
धीमी आंच व धुएं मे पका भोजन (स्‍मोक्‍ड) और अधिक नमक लगा कर संरक्षित भोजन, तले हुए भोजन और कम प्राकृतिक रेशों वाला भोजन (रिफाइन्‍ड) सेवन करने से बडी आंतो का कैंसर होता है.
कुछ रसायन और दवाईयों से पेट, यकृत(लीवर) मूत्राशय के कैंसर होता है.
लगातार और बार-बार घाव पैदा करने वाली परिस्थितियों से त्‍वचा, जीभ, होंठ, गुर्दे, पित्‍ताशय, मुत्राशय का कैंसर होता है.
कम उम्र में यौन सम्‍बन्‍ध और अनेक पुरूषों से यौन सम्‍बन्‍ध द्वारा बच्‍चेदानी के मुंह का कैंसर होता है.

कैंसर से बचाव के उपाय- (cancer ke bare me jankari in hindi)
धूम्रपान, तम्‍बाकु, सुपारी, चना, पान, मसाला, गुटका, शराब आदि का सेवन न करें.
विटामिन युक्‍त और रेशे वाला ( हरी सब्‍जी, फल, अनाज, दालें) पौष्टिक भोजन खायें.
कीटनाशक एवं खाद्य संरक्षण रसायणों से युक्‍त भोजन धोकर खायें.
अधिक तलें, भुने, बार-बार गर्म किये तेल में बने और अधिक नमक में सरंक्षित भोजन न खायें.
अपना वजन सामान्‍य रखें.
नियमित व्‍यायाम करें नियमित जीवन बिताएं.
साफ-सुथरे, प्रदूषण रहित वातावरण की रचना करने में योगदान दें.
प्रारम्भिक अवस्‍था में कैंसर के निदान के लिए निम्‍नलिखित बातों का विशेष ध्‍यान दें
मूंह में सफेद दाग या बार-बार होने वाला घाव.
शरीर में किसी भी अंग या हिस्‍से में गांठ होने पर तुरन्‍त जांच करवाएं.
महिलाएं माहवारी के बाद हर महीने स्‍तनों की जांच स्‍वयं करें. स्‍तनों की जांच स्‍वयं करने का तरीका चिकित्‍सक से सीखें.
दो माहवारी के बीच या माहवारी बन्‍द होने के बाद रक्‍त स्‍त्राव होना खतरे की निशानी है पैप टैस्‍ट करवाएं.
शरीर में या स्‍वास्‍थ्‍य में किसी भी असामान्‍य परिवर्तन को अधिक समय तक न पनपने दें.
नियमित रूप से जांच कराते रहें और अपने चिकित्‍सक से तुरन्‍त सम्‍पर्क करें.
याद रहे- प्रारम्भिक अवस्‍था में निदान होने पर ही सम्‍पूर्ण उपचार सम्‍भव है.

निष्कर्ष-
कैंसर से बचने के सुझाव के रूप में नियमित व्यायाम करके और इस समस्या को रोकने के लिए पौष्टिक आहार योजना का पालन करके एक स्वस्थ जीवन शैली का पालन करना शामिल है. इस समस्या से निपटना तब मुश्किल हो जाता है जब यह बढ़ जाती है. इस बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और मरीज का समय रहते उपचार करना चाहिए.

डिस्क्लेमर नोट: यह लेख आपकी जानकारी और जागरूकता बढ़ाने के लिए साझा किया गया है. इस लेख में कैंसर संबंधी संपूर्ण जानकारी को शामिल नहीं किया गया है. कैंसर एक जानलेवा बीमारी है लेकिन इसका बचाव और इलाज दोनों है. कैंसर के संबंध में किसी भी तरह की जानकारी अपने डॉक्टर से ही लें.

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