MLC क्या होती है, किन केस में बनाई जाती है MLC?

किसी भी अस्पताल में दो तरह के केस रजिस्टर होते हैं. एक होते हैं Non MLC और दूसरे होते हैं MLC. MLC का पूरा नाम (MLC Full Form) Medico Legal Cases होता है.

MLC Kya hai? किसी व्यक्ति का कोई एक्सीडेंट हो जाता है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया जाता है तो उसे अस्पताल में MLC बनवाने के लिए कहा जाता है, या फिर उसके केस को एमएलसी के तहत रजिस्टर किया जाता है. तब हमारे जेहन में सवाल आता है कि MLC Kya hai? MLC कौन रजिस्टर करता है? MLC के तहत कौन से केस रजिस्टर होते हैं? Non MLC क्या होता है?

एमएलसी के बारे में यदि आप ज्यादा कुछ नहीं जानते हैं तो इस लेख में आप एमएलसी से जुड़े सभी सवालों के जवाब को जान पाएंगे.

एमएलसी क्या है? (What is MLC in Medical field?) 

किसी भी अस्पताल में दो तरह के केस रजिस्टर होते हैं. एक होते हैं Non MLC और दूसरे होते हैं MLC. MLC का पूरा नाम (MLC Full Form) Medico Legal Cases होता है.

एक व्यक्ति को हॉस्पिटल में तब भर्ती किया जाता है जब या तो उसे कोई बीमारी हो या फिर वो घायल हुआ हो. घायल होने की भी दो स्थिति होती है. कोई व्यक्ति खुद के द्वारा घायल हो सकता है या फिर किसी और व्यक्ति के द्वारा घायल किया जा सकता है.

जब कोई व्यक्ति किसी और की गलती के चलते या फिर किसी और के कारण घायल होता है और उसे अस्पताल में भर्ती करने की नौबत आ जाती है तो ऐसे केस को हॉस्पिटल में MLC के तहत रजिस्टर किया जाता है.

एमएलसी के तहत जो केस रजिस्टर होते हैं वो आगे चलकर कोर्ट तक जाते हैं और कोर्ट में फैसला होता है कि जिस व्यक्ति का नुकसान हुआ है उसे उसका हर्जाना मिले या उसके साथ न्याय हो.

Non MLC क्या होता है? (What is Non MLC Cases?) 

हॉस्पिटल में कई सारे केस Non MLC भी होते हैं. ये वो केस होते हैं जिनमें किसी व्यक्ति को किसी बीमारी के कारण या अंदरूनी परेशानी के कारण भर्ती किया जाता है. इसमें मरीज को भर्ती करने की वजह कोई दूसरा व्यक्ति नहीं होता है. उन्हें Non MLC कहा जाता है.

जैसे किसी व्यक्ति को हार्ट अटैक आया है और उसे हॉस्पिटल में भर्ती किया है तो वो केस Non MLC के तहत ही जाएगा. क्योंकि इसमें किसी और व्यक्ति का दोष नहीं है. ये हार्ट फेलयोर के कारण हुआ है.

एमएलसी के तहत कौन से केस रजिस्टर होते हैं? (Which cases register in MLC?) 

एमएलसी के तहत वो केस रजिस्टर होते हैं जिसमें किसी एक व्यक्ति द्वारा दूसरे को नुकसान पहुंचाया जाता है. इनमें रजिस्टर होने वाले प्रमुख केस आप नीचे लिस्ट में देख सकते हैं.
– वाहन से एक्सीडेंट होना.
– किसी व्यक्ति को जानबूझकर जलाना
– अननैचुरल तरीके से किसी व्यक्ति को मारने की कोशिश करना.
– शारीरिक शोषण करना.
– किसी को जहर देकर मारने की कोशिश करना.
– ऐसे केस जिनमें जानबूझकर किसी व्यक्ति के शरीर को नुकसान पहुंचाया गया हो.

एमएलसी कैसे रजिस्टर होती है? (How to register MLC?) 

जब आप हॉस्पिटल में भर्ती होते हैं तो हॉस्पिटल के द्वारा ही MLC बनाई जाती है. ये एक रिपोर्ट होती है कि आप जो घायल हुए हैं वो कब, कैसे और किन परिस्थितियों में हुए हैं. हॉस्पिटल एमएलसी बनाने के बाद नजदीकी पुलिस थाना को इसकी जानकारी देता है. इसके बाद पुलिस ऑफिसर आकर आपका बयान लेते हैं आपसे घटना के बारे में पूछते हैं और एफ़आईआर दर्ज करते हैं. इसके बाद आपकी सारी रिपोर्ट और घटना की जानकारी की चार्टशीट बनाकर कोर्ट में केस दाखिल किया जाता है.

जब भी कभी किसी वाहन का एक्सीडेंट होता है तो वो एमएलसी केस ही होता है. एमएलसी में आपको अपने साथ हुई घटना की सही-सही जानकारी देनी चाहिए. रिपोर्ट में आपको अपनी चोट के बारे में सबकुछ बताना चाहिए. आपको कहाँ-कहाँ चोट लगी है, हड्डी टूटी है या नहीं, कहाँ खरोच लगी है, कपड़े फटे है या नहीं. ये सारी जानकारी आपको एमएलसी में देनी चाहिए.

यह भी पढ़ें :

Live In Relationship : लिव इन रिलेशनशिप को लेकर भारत में क्या है कानून?

Self Defense क्या होता है, सेल्फ डिफेंस कानून कब लागू होता है?

Bankruptcy Law : क्या है दिवालिया कानून, जानिए दिवालिया बनने के फायदे?

error: Content is protected !!