Period problems: अनियमित पीरियड्स के कारण और इलाज

खान-पान और बदलती लाइफ स्टाइल के कारण पीरियड्स में प्रॉब्लम होना एक आम बात है. दरअसल, जो भी खाते हैं उसका प्रभाव पीरियड्स पर भी पड़ता है. कुछ लोगों की आदत होती है कि वे अपनी भूख से अधिक खाते हैं और कुछ लंबे समय तक भूखे रहते हैं. दोनों ही आदतें हानिकारक हैं. पौष्टिक आहार लेने से पीरियड्स सिस्टम अधिकतर ठीक रहता है.

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लड़कियों और महिलाओं में पीरियड्स या मेंस्ट्रुअल प्रॉब्लम एक सामान्य और प्राकृतिक क्रिया है. लेकिन बदलती लाइफ स्टाइल, खान-पान के बदलाव के कारण यह नैसर्गिक प्रक्रिया बेहद पीड़ादायी हो गई है. महिलाओं और लड़कियों दोनों में ही मासिक धर्म की अनियमितता, उसमें परेशानी और इसके अलावा अतिरिक्त रक्त स्त्राव ने कई गंभीर बीमारियों को भी जन्म दिया है. दरअसल, पीरियड्स नॉर्मल या सामान्य हो इसलिए जरूरी है कि लड़कियां और महिलाएं दोनों ही जीवनशैली को सामान्य बनाएं और खान-पान का ध्यान रखें.

पीरियड नियमित करने के उपाय (How to get regular periods naturally)

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महिलाओं और विशेष से लड़कियों को को पीरियड्स रेगुलर ना होना आम बात हो गई है. खान-पान और बदलती लाइफ स्टाइल इसकी एक बड़ी वजह है. हर लड़की के लिए पीरियड्स साइकल का टाइम अलग-अलग होता है और उसी प्रकार उसके बंद होने का समय भी अलग है. इस बीच कभी पीरियड्स मिस हो जाते हैं या कभी 15 से 20 दिन बाद फिर से होते हैं.

खान-पान एक बड़ी वजह (irregular periods reasons and treatment)

पीरियड साइकल में चेंज आना या कुछ परेशानी होना एक आम बात है. कई बार पीरियड्स अपने आप नॉर्मल हो जाते हैं और जब नॉर्मल नहीं होते तो कई लड़कियां बेहद परेशान हो जाती हैं. जिसके बाद वह डॉक्टर से कंसल्ट करती हैं. हम जो भी खाते हैं उसका प्रभाव पीरियड्स पर भी पड़ता है. कुछ लोगों की आदत होती है कि वे अपनी भूख से अधिक खाते हैं और कुछ लंबे समय तक भूखे रहते हैं.

दोनों ही आदतें हानिकारक हैं. पौष्टिक आहार लेने से पीरियड्स सिस्टम अधिकतर ठीक रहता है. अपौष्टिक आहार इस साइकल को बिगाड़ने में मदद करता है. इसके अलावा वेट का अधिक बढ़ना या वेट का कम होना, दोनों ही शरीर पर प्रभाव डालते हैं जिससे पीरियड्स सिस्टम गड़बड़ा सकता है. अपने वजन पर नजर रखें.

मासिक धर्म का अनियमित होने की वजह हार्मोनल असंतुलन (irregular periods causes and effects in hindi)

कभी-कभी कुछ बड़ी बीमारी होने से भी मेंस्ट्रुअल प्रॉब्लम्स आती है, जैसे टीबी या लिवर का खराब होना. यह एक कारण हो सकता है पर ऐसा कम लोगों के साथ होता है. तनावभरी लाइफ स्टाइल व बर्थ कंट्रोल के लिए ली जाने वाली दवाइयां भी असर डालती हैं.

कभी-कभी हार्मोनल परिवर्तन भी इसका कारण बनते हैं. कई बार सभी कारण ठीक होते हैं पर फिर भी डिस्टर्बेंस होती है. ऐसी स्थिति में मुकाबला करें. फिर भी स्थिति कंट्रोल में न आए तो डॉक्टर से सलाह लें.

Image source. Pixabay.com
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अनियमित मासिक धर्म के कारण (Menstruation while Breastfeeding causes and treatment)  

ब्रेस्ट फीडिंग करवाने वाली महिलाओं में पीरियड्स मिस होना एक कॉमन प्रॉब्लम है. जो माएं एक साल तक बच्चों को ब्रेस्ट फीड करवाती हैं उनके पीरियड्स अनियमित रहते हैं. कुछ दवाएं भी इस परिस्थिति के लिए जिम्मेदार रहती हैं जिससे पीरियड्स या तो बहुत कम होते हैं या हैवी.

इस बारे में डॉक्टर से परामर्श करें. बिना डॉक्टरी परामर्श के स्वयं कोई फैसला न लें. कीमोथेरेपी, किसी भी तरह की सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी वगैरह से भी ऐसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है.

पीरियड्स लाने के उपाय (Exercise for irregular periods in hindi)

हैवी एक्सरसाइज या बहुत अधिक परिश्रम करने से भी पीरियड्स अनियमित होते हैं. अपनी लाइफ स्टाइल पर नजर रखें. रेगुलर एक्सरसाइज करते रहें, पौष्टिक आहार लें, तनाव को हावी न होने दें. अधिक चाय, कॉफी, अल्कोहल का सेवन न करें. न ही अधिक नमक और चीनी का सेवन करें. तले हुए खाद्य पदार्थ और जंक फूड का सेवन न करें.

(नोट : यह लेख आपकी जागरूकतासतर्कता और समझ बढ़ाने के लिए साझा किया गया है. यदि किसी बीमारी के पेशेंट हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें.)