कार लोन : कहीं ज्यादा तो नहीं चुका रहे पैसा?

कार और मकान हम सभी का सपना होता है और इन दोनों सपनों को पूरा करने के लिए हम जीतोड़ मेहनत भी करते हैं. अक्सर जीतोड़ मेहनत के बाद हम-आप में से कई लोगों अक्सर मकान का सपना पूरा करने को ही प्राथमिकता देते हैं. Financial problem के कारण आपके इस अधूरे सपने को पूरा करने के लिए आप लोन ले सकते हैं. 

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कार और मकान हम सभी का सपना होता है और इन दोनों सपनों को पूरा करने के लिए हम जीतोड़ मेहनत भी करते हैं. अक्सर जीतोड़ मेहनत के बाद हम-आप में से कई लोगों अक्सर मकान का सपना पूरा करने को ही प्राथमिकता देते हैं. Financial problem के कारण आपके इस अधूरे सपने को पूरा करने के लिए आप लोन ले सकते हैं. 

Loan लेते समय रखें इन बातों का ध्यान 

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कार खरीदने के सपने को पूरा करने के लिए आप लोन ले सकते हैं. लोन लेने से पहले आप कुछ बिंदुओं पर ध्यान दें तो काफी फायदे में रह सकते हैं. 

ब्याज दर, प्री-पेमेंट और फोरक्लोजर यानि निश्चित अवधि से पहले लोन की शेष रकम चुकाने की लागत पर विचार करना आपके लिए फायदेमंद होगा. इसके लिए आप लोन लेने से पहले बैंकों या जिस कंपनी से लोन लेने का मन बना रहे हैं, उसके साथ इन मुद्दों पर चर्चा कर लें. 

करें Loan का Comparison

लोन लेने से पहले आप विभिन्न बैंकों और कर्ज देने वाली संस्थाओं में जाकर लोन पर मिलने रकम, उस पर लगने वाला ब्याज दोनों की ही तुलना कर लें.

इससे आपको यह पता चल जाएगा कि किस जगह से आपको कम ब्याज पर अधिक लोन मिल सकता है. इस बात का ध्यान रखें कि आपको कार की कुल कीमत का 20 फीसदी पैसा ही अपनी जेब से लगाना है.बैंक

या अन्य लोन देने वाली संस्था आपको जो शेष 80% लोन दे रही है वो कार की शोरूम प्राइस पर दिया जाएगा या ऑन रोड प्राइस पर.

Foreclosure Charge and Interest Rate

लोन लेते वक्त बैंक या संस्था से विशेष तौर पर ब्याज दर के अलावा प्रोसेसिंग फीस, फोरक्लोजर चार्ज, पार्ट प्री-पेमेंट चार्ज आदि की भी जानकारी हासिल करें. 

विभिन्न बैंकों/संस्थानों की ब्याज दरों की तुलना करना भी आवश्यक है. यदि आप प्री-पेमेंट करना चाहते हैं तो लोन वहीं से लें, जहां कम प्री-पेमेंट और फोरक्लोजर चार्ज लगे. 

लोन अवधि पर भी करें विचार 

बैंक या लोन देने वाली संस्था से लोन अवधि के बारे में भी चर्चा कर लें. आपको एक से सात साल तक की समय सीमा के लिए लोन प्राप्त हो सकता है.

जितने लंबे समय के लिए लोन लेंगे ईएमआई उतनी ही काम होगी, लेकिन ब्याज बढ़ता जायगा. तय करें कि यदि कोई और लोन चल रहा है तो सभी ईएमआई मिलाकर आपकी सैलरी के 35 प्रतिशत से ज्यादा न हो.

No Objection Certificate

बैंक या संस्था जहां से आपने लोन ले रखा है वहां से आपको लोन चुकाते ही नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट ले लेना है. नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट की एक कॉपी इंश्योरेंस कंपनी को दें और एक आरटीओ दफ्तर में जमा करवा दें. ताकि आपके नाम पर नया रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी किया जा सके.