पीएमजेई: कौन है असली हकदार?

यदि आपके पास लैंडलाइन, फ्रिज और बाइक जैसी सुविधाएं हैं तो अब आप "प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना" का लाभ नहीं ले सकेंगे. योजना के लाभार्थियों के नाम पर गड़बड़ी सामने आने के बाद सरकार की ओर से योजना की पात्रता में कुछ बदलाव कर दिए गए हैं. यदि आपके पास लैंडलाइन, फ्रिज और बाइक जैसी सुविधाएं हैं तो अब आप "प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना" का लाभ नहीं ले सकेंगे. योजना के लाभार्थियों के नाम पर गड़बड़ी सामने आने के बाद सरकार की ओर से योजना की पात्रता में कुछ बदलाव कर दिए गए हैं.

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यदि आपके पास लैंडलाइन, फ्रिज और बाइक जैसी सुविधाएं हैं तो अब आप “प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना” का लाभ नहीं ले सकेंगे. योजना के लाभार्थियों के नाम पर गड़बड़ी सामने आने के बाद सरकार की ओर से योजना की पात्रता में कुछ बदलाव कर दिए गए हैं.

रसूखदार बन गए योजना के लाभार्थी 

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राष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसी ने योजना के तहत देश के 10.74 करोड़ गरीब परिवारों को लाभार्थी बनाया है. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार योजना में ऐसे लाभार्थी शामिल हो गए हैं, जो कि योजना की पात्रता नहीं रखते. अपात्र लोगों के नाम जुड़ने से योजना की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं.

जोड़ी गई नयी शर्तें 

फर्जी लाभार्थियों के नाम सामने आने के बाद सरकार ने योजना को लेकर कुछ नयी शर्तें लागू कर दी हैं. इन शर्तों के अनुसार जिस लोगों के पास दो, तीन या चार पहियों वाले वाहन हैं, वो इस योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे. इसके अलावा सरकारी कर्मचारी भी योजना के लाभार्थी नहीं होंगे.

10 हजार से अधिक आय वाले होंगे बाहर 

शर्तों के अनुसार सरकार में पंजीकृत गैर कृषि उद्यमी, 10 हजार प्रति माह से ज्यादा की आय वाले, आयकर दाता, प्रोफेशनल टैक्स दाता, पक्की दिवार और छत समेत तीन से ज्यादा कमरों वाले घर के मालिक, रेफ्रिजरेटर और  लेंडलाइन फोन रखने वाले लोगों को भी योजना से बाहर किया जाएगा.

किसान कार्ड रखने वाले भी नहीं ले सकेंगे लाभ 

सरकार ने उन लोगों को भी “प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना” से बाहर का रास्ता दिखा दिया है, जिनके पास 50 हजार रुपए से ऊपर क्रेडिट लिमिट वाले किसान क्रेडिट कार्ड हैं, तीन से चार पहियों वाले कृषि उपकरण हों, एक सिंचाई उपकरण के साथ ढाई एकड़ से ज्यादा जमीन हो.

फिशबोट होने पर भी नहीं मिलेगा लाभ 

वहीं पांच एकड़ या इससे अधिक सिंचित भूमि के साथ दो से ज्यादा मौसमी फसल उगाने वाले और एक सिंचाई उपकरण के साथ साढ़े सात एकड़ से ज्यादा कृषि भूमि होने पर भी किसान योजना में शामिल नहीं होंगे. साथ ही  फिशबोट रखने वाले मछुआरे भी योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे.

जिलाधिकारी करेंगे जांच 

सरकार ने एक सर्कुलर जारी किया है, जिसमें सभी जिला कलेक्टरों और उपायुक्तों को योजना के फर्जी लाभार्थियों की जांच कराने को कहा गया है. जांच में फर्जी पाए जाने वालों को योजना की सूची से बाहर किया जाए. गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले 50 करोड़ लोगों को योजना का लाभार्थी बनाया गया है.

ऐसे पता करें अपना स्टेटस

यदि आप इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको सबसे पहले mera.pmjay.gov.in पर जाना होगा. यहां अपना मोबाइल नंबर डालकर नीचे दिख रहे कैप्चा कोड को भरें. कैप्चा लेटर्स डालने के बाद आपको Generate OTP बटन पर क्लिक करना होगा. फिर आपके नंबर पर एक टेक्स्ट मैसेज आएगा जिसे आपको OTP में डालकर Verify OTP पर क्लिक करना होगा.