Zed Plus Security क्या होती है, ज़ेड प्लस सिक्योरिटी कैसे मिलती है?

Z plus security के बारे में आपने काफी सुना होगा. ये कई नेताओं और कलाकारों मिलती है. लेकिन फिर भी काफी सारे लोग इस सिक्योरिटी के बारे में नहीं जानते हैं.

Zed Plus Security भारत में हमेशा से ही चर्चा का विषय बनी रही है. ये एक ऐसा अभेद किला है जिसे भेदना बहुत मुश्किल है. आपने पीएम मोदी की सिक्योरिटी देखी ही होगी. Z Plus Security का नाम आपने काफी ज्यादा सुना होगा लेकिन इससे संबन्धित कई सारे सवाल जैसे Z Plus Security क्या है? किसे मिलती है, कितनी कीमत होती है? नहीं जानते होंगे.

ज़ेड प्लस सिक्योरिटी क्या है? (Zed Plus Security in Hindi)

भारत में कई सारी सुरक्षा एजेंसी काम कर रही हैं. जैसे सीमा सुरक्षा के लिए इंडियन आर्मी, बीएसएफ़, सीआरपीएफ़ आदि. वीआईपी लोगों की सुरक्षा के लिए SPG, NSG आदि. इसी तरह यदि किसी नेता या अभिनेता की सुरक्षा की बात की जाए तो उन्हें कई तरह की सिक्योरिटी दी जाती है. जिनमें ज़ेड प्लस (Z Plus Security Kya hai) एक अव्वल दर्जे की सुरक्षा है.

ये भारत की सबसे बड़ी VVIP Security Service है. इसके तहत एक व्यक्ति के लिए कुल 36 लोगों का सुरक्षा कवच होता है. इसमें एसपीजी, एनएसजीसी के 10 कमांडो होते हैं और अन्य पुलिस बल होते हैं. सुरक्षा के लिहाज से ये सबसे हाई सिक्योरिटी के अंतर्गत आते हैं. ये अपनी जान पर खेलकर भी आपकी सुरक्षा करते हैं.

ज़ेड प्लस सिक्योरिटी किसे दी जाती है? (Who is eligible for Z Plus security?) 

ज़ेड प्लस सिक्योरिटी भारत में उच्च पदों पर बैठे लोगों को दी जाती है. जैसे राष्ट्रपति, प्रधान मंत्री, सर्वोच्च और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, राज्यपाल, सीएम, केवबिनेट मंत्री आदि. इसके तहत किसी खिलाड़ी, प्रमुख नेता, कलाकार, देश के लिए महत्वपूर्ण व्यक्ति को ये सिक्योरिटी दी जा सकती है.

देश के महत्वपूर्ण व्यक्ति ज़ेड प्लस सिक्योरिटी की मांग कर सकते हैं लेकिन ये सुरक्षा किसे देनी है इस बात का फैसला सरकार और सरकारी सुरक्षा एजेंसिया करेंगी. आप सिर्फ आवेदन कर सकते हैं.

कुछ समय पहले बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत को Y Plus Security दी गई थी. तब आपने देखा होगा कि उनके आसपास CRPF जवानों का दस्ता चल रहा था. जो Airport पर उनकी सुरक्षा कर रहा था. उस समय कंगना ने कहा था कि उन पर जान का हमला होने की आशंका है. जिसके चलते सरकार ने उन्हे Y Plus Security दी थी.

कैसे मिलती है ज़ेड प्लस सिक्योरिटी? (How to apply for z plus security?) 

कुछ लोगों को तो शुरू से ही ज़ेड प्लस सिक्योरिटी मिलती है लेकिन कुछ लोग इसकी मांग भी कर सकते हैं. यदि किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति को लगता है कि उस पर हमले की आशंका है तो उन्हें इस तरह की सुरक्षा दी जाती है. इसके लिए उन्हें सरकार के पास आवेदन करना होता है. फिर खुफिया एजेंसियां उस खतरे को जांचती हैं, फिर सही लगने पर ही उन्हें ज़ेड प्लस सिक्योरिटी दी जाती है.

ज़ेड प्लस सिक्योरिटी की कीमत (Z Plus Security cost in India) 

ज़ेड प्लस सिक्योरिटी एक ऐसी सिक्योरिटी सर्विस है जिसकी मूल्य अनमोल है. क्योंकि इसमें जवान अपनी जान तक आपके लिए दे सकते हैं. लेकिन यदि कोई व्यक्ति खुद ही इस सिक्योरिटी की मांग करता है तो उसे 15 से 25 लाख रुपये प्रतिमाह इस सिक्योरिटी के लिए देना पड़ सकते हैं. इसमें जवान की संख्या पर निर्भर रहता है कि ज़ेड प्लस सिक्योरिटी की कीमत कितनी होगी.

ज़ेड प्लस सिक्योरिटी कोई आम सिक्योरिटी सर्विस नहीं है. जब प्रधानमंत्री कहीं बाहर जाते हैं या अपनी कार से बाहर निकलते हैं तो आपने देखा होगा कि सुरक्षा जवानों का एक दस्ता उन्हीं के साथ चलता है. यदि उन पर कोई हमला होता है तो वे उसे रोकने की और प्रधानमंत्री को नुकसान न पहुँचने के पूरी कोशिश करते हैं. इसमें भले ही उनकी जान ही न क्यों चली जाए.

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