Browsing Tag

osho rajneesh

ओशो की बात: “शिव सूत्र: चैतन्य ही मैं हूं और सब ‘पर’ है, पराया है

इस जगत में, सिर्फ चैतन्य ही तुम्हारा अपना है. आत्मा का अर्थ होता है, अपना; शेष सब पराया है. शेष कितना ही अपना लगे, पराया है. मित्र हों, प्रियजन हों, परिवार के लोग हों, धन हो, यश, पद-प्रतिष्ठा हो, बड़ा साम्राज्य हो, वह सब जिसे तुम कहते हो मेरा, वहां धोखा है. क्योंकि वह सभी मृत्यु तुमसे छीन लेगी.
Read More...

क्या है मृत्यु? क्या वाकई है आत्मा का अस्तित्व?: ओशो

आत्मा अमर है, यह कोई सिद्धांत, कोई थ्योरी, कोई आइडियोलाजी नहीं है. यह कुछ लोगों का अनुभव है. और अनुभव की तरफ जाना हो तो ही; अनुभव हल कर सकता है इस समस्या को कि…
Read More...
error: Content is protected !!