मुंह की दुर्गन्ध को हल्के में ना लें, हो सकती है ये गंभीर बीमारी

दुर्गंध के नाम से ही हम नाक मुंह सिकुड़ने लगते हैं. ऐसे में कल्पना कीजिए आपसे बात करने वाले के मुंह से दुर्गंध आ रही हो तो वास्तव में उस समय आपका क्या हाल होगा.मुंह में बैक्टेरिया होने की वजह अक्सर मुंद से बदबू आती है. जमी हुई श्लेष्मा और…

नॉनवेज देगा ये गंभीर बीमारियां, जानें शाकाहार के फायदे..!

प्राकृतिक आहार शाकाहार है.वर्तमान परिपेक्ष्य से ही नही वरन ऐतिहासिक समय अथवा हम मानव सभ्यता के प्रारंभ से ही इस ओर ध्यान आकृष्ट करेंगे तो यह पाएंगे कि शाकाहार शुद्ध सात्विक और प्राकृतिक उत्तम श्रेणी का आहार है. दुनिया के उत्कृष्ट कोटि के…

कमर दर्द की अनदेखी करेगी लाइफ खराब, राहत देंगे ये उपाय

कमर के निचले हिस्से का दर्द अधिकतर उन लोगों को होता है, जो  बस, कार गाड़ी या हवाई जहाज से यात्रा करते हैं क्योंकि अधिक यात्रा हमारी कमर को नुकसान पहुंचाती है. एक ही जगह पर अधिक समय तक बैठे रहने से यह दर्द होता है. अधिक समय तक बैठे रहने से…

यदि महिला हैं और सिगरेट पीने की आदत हैं तो संभल जाएं

अगर महिलाएं धूम्रपान अधिक करती हैं, तो पुरुषों की तुलना में उन्हें इसका हानिकारक प्रभाव अधिक झेलना पड़ता है व उन्हें व्हीजिंग, खांसी आदि श्वास रोग अधिक होते हैं. लेंगहेमर के अनुसार अगर महिलाएं धूम्रपान करती हैं तो उन्हें अस्थमा व श्वास…

कितने सुरक्षित हैं देश के स्कूलों में बच्चे?

गुड़गांव के रायन इंटरनेशनल स्कूल के बाथरूम में मासूम प्रद्युम्न की हत्या ने देश के लाखों मां-बाप को सोचने पर मजबूर कर दिया है. उनका बच्चा अब स्कूल में भी सुरक्षित नहीं है. सामाजिक और नैतिक मूल्यों में तेजी से आती गिरावट ने कई सवाल खड़े किए…

मिठाइयों में कैमिकल की मात्रा और गंभीर बीमारियां, जानें रंग-बिरंगी मिठाइयों का पूरा रिव्यू

1954 में नकली खाने वाले रंगों पर रोक लगाने के लिए कानून बना मगर उसका पालन नहीं हुआ. 1975 में आई.एस.आई. निशान वाले रंगों को ही मान्यता दी गई थी,

गंभीर बीमारियां दे रही हैं हरी सब्जियां, ये लक्षण हैं तो संभल जाएं..!

सब्जियों में रसायनों की मिलावट उन्हें इस कदर जहरीला बना रही है कि देश के हर कोने से कोई न कोई परिवार मौत के मुंह में जा रहा है.

गौहर की नज़्में उस ख़्वाब का हिस्सा हैं, जो हमने आज़ादी के वक़्त देखा था: शर्मीला

कवि और सुपरिचित फिल्मकार गौहर रज़ा की सद्य प्रकाशित नज़्म पुस्तक 'खामोशी' का लोकार्पण इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में हुआ. पुस्तक के प्रकाशक राजपाल एंड संज द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया

‘छबीला रंगबाज’ चरित्रहीन परिवेश की कहानियों का शहर..

हिंदी के प्रसिद्ध प्रकाशक राजपाल एण्ड सन्ज़ द्वारा आयोजित इस लोकार्पण समारोह में युवा आलोचक संजीव कुमार ने छबीला रंगबाज का शहर को यथार्थ के गढ़े जाने का पूरा कारोबार बताने वाला संग्रह बताया.

आखिर क्यों अन्नदाता पर बोझ बन गई है खेती-किसानी?

आज भारत के किसान खेती में अपना कोई भविष्य नहीं देखते हैं, उनके लिए खेती-किसानी बोझ बन गई है. हालात यह हैं कि देश का हर दूसरा किसान कर्जदार है. 2013 में जारी किए गए राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण के आंकड़े बताते है कि यदि कुल कर्ज का औसत निकाला…
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