Career tips: 12वीं नहीं 10वीं के बाद से ही शुरू करें करियर प्लानिंग

ये दौर कॉम्पिटिशन का है और 12 वीं कक्षा पास करते-करते बच्चों के साथ ही माँ-बाप को भी उनके करियर की चिंता सताने लगती है. प्रतिस्पर्धा के इस युग में करियर चुनना सबसे कठिन काम हो गया है.

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ये दौर कॉम्पिटिशन का है और 12 वीं कक्षा पास करते-करते बच्चों के साथ ही माँ-बाप को भी उनके करियर की चिंता सताने लगती है. प्रतिस्पर्धा के इस युग में करियर चुनना सबसे कठिन काम हो गया है.

आए दिन मीडिया रिपोर्ट में हमें बेरोजगारी के बारे में देखने, पढ़ने, और सुनने को मिलता है. बेरोजगारी और आए दिन शुरू होने वाले नए-नए कोर्स दोनों ही हमारे और हमारे बच्चों के सामने करियर को चुनने की चुनौती को लाकर खड़ा कर देते हैं. 

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10वीं के बाद ही चुने करियर (Best career after 10th)

कॉम्पिटिशन बहुत है और ऐसे में आपको अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए 10वीं क्लास के बाद से ही करियर का चयन करना ज़रूरी है.

10वीं के बाद से ही यदि आप अपना पसंदीदा सब्जेक्ट चुन लेते हैं, तो आपको कॉम्पिटिशन  की तैयारी और अपना हुनर दिखाने का मौका मिल जाता है. ऐसे में बच्चों के साथ ही उनके अभिभावकों की भी जिम्मेदारी काफी हद तक बढ़ जाती है. 

ज़रूरी है English सीखना

वैसे तो हर भाषा का अपना महत्व है, लेकिन English Universal language है. ऐसे में आपको अपने शानदार करियर के लिए इसे सीखना बेहद ज़रूरी है.

अंग्रेजी दुनिया के कई देशों में बोली जाने वाली भाषा है. फील्ड कोई भी हो अधिकांश काम इंग्लिश में ही किया जाता है. इसलिए अंग्रेजी पर अपनी कमांड बनाए रखना जरूरी है. इससे आपको पूरी दुनिया में रोजगार पाने के अवसर मिलेंगे.

Preparation of Engineering and Medical Examination

इंजीनियरिंग हो या फिर मेडिकल दोनों ही फील्ड के एंट्रेंस एग्जाम काफी टफ होते हैं. इसके अलावा इन दोनों ही फील्ड में कॉम्पिटिशन भी बहुत है.

मेडिकल हो या फिर इंजीनियरिंग दोनों ही फील्ड में जाने के लिए आपको 10 वीं कक्षा से ही केर कसनी होगी. यदि आप 10वीं में हैं या फिर 10वीं पास कर चुके हैं तो अभिसे ही एंट्रेस एक्जाम की तैयारी में जुट जाएं. 

विकल्पों पर करें विचार 

यदि कॉम्पिटिशन बढ़ा है तो उसके साथ विकल्प भी बढ़े हैं. पहले विज्ञान विषय के स्टूडेंट्स के पास केवल मेडिकल या इंजीनियरिंग दो ही विकल्प थे, लेकिन अब स्टूडेंट्स के सामने विकल्प ही विकल्प हैं.

आप बायोटेक्नोलॉजी, बायोइंजीनियरिंग, फिजियोथैरेपी, ऑक्यूपेशनल थैरेपी, मेडिकल ट्रांसक्रिप्शन जैसे विकल्पों का भी चयन कर शानदार करियर का चुनाव कर सकते हैं.

आर्ट्स से 12वीं कक्षा पास कर करियर चुनने के लिए भी टेंशन लेने की ज़रूरत नहीं है. आर्ट्स से पढ़ने वाले भी बिजनेस या होटल मैनेजमेंट कोर्स कर रिटेलिंग, हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म इंडस्ट्री का हिस्सा बन सकते हैं. जो लोग क्रेटिब्ह हैं वह फैशन डिजाइनिंग, मर्चेंडाइजिंग, स्टाइलिंग का कोर्स कर सकते हैं.

देख-परख कर चुने संस्थान 

करियर का चयन करने के बाद सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है संस्थान के चयन की. किसी भी संस्थान में प्रवेश लेने के पूर्व कुछ बिंदुओं पर विचार करना जरुरी है.

जिस संस्थान में एडमिशन कराना हो पहले उस संस्थान को समुचित रेगुलेटरी अथॉरिटी से मान्यता हासिल है या नहीं? इसका पता लगा लें.

इसके अलावा संस्थान की फैकल्टी, प्रोफेसर, लेक्चरार और असिस्टेंट प्रोफेसर का अनुपात, पाठ्यक्रम की विविधता, प्लेसमेंट या नौकरी मिलने का प्रतिशत और मूलभूत सुविधाएं देखना आवश्यक है. 

(नोट: यह लेख आपकी जागरूकता, सतर्कता और समझ बढ़ाने के लिए साझा किया गया है. यदि आप उपरोक्त कोर्स में करियर बनाना चाहते हैं तो एक्सपर्ट या करियर काउंसलर की सलाह जरूर लें.)

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