Balance Diet Chart: संतुलित आहार क्या है? अच्छी सेहत के लिए कैसी हो डाइट

अगर आपके शरीर को सही और संतुलित पोषक तत्व न मिले, तो आपका शरीर न सिर्फ कमजोर हो सकता है, बल्कि बीमारियों का घर बन जाएगा. तो आइये जानते हैं संतुलित भोजन के फायदे.

संतुलन जीवन का आधार है. मनुष्य (balance lifestyle) को ना केवल अपने कार्य व्यवहार में बल्कि मानसिक रूप से स्वयं के हित के लिए भी एक संतुलन को साधना होता है. संतुलन का अर्थ होता है ना ज्यादा ना कम अपितु बराबर मात्रा में यथा उचित आवश्यकता अनुरूप.

संतुलन हर जगह जरूरी है. शरीर के प्रत्येक अंग तक में. यहां तक की शरीर में प्रवाहित हो रहे रक्त को भी संतुलित  होना चाहिए. ब्लड प्रेशर यदि कम या ज्यादा होता है तो मनुष्य की जान तक जा सकती है.

इस तरह संतुलन के कई आयाम हैं. यदि हम आहार की बात करें तो मनुष्य को संतुलित आहार शरीर की सबसे अनिवार्य आवश्यकता है. (importance of balanced diet)संतुलित आहार वो है, जो शरीर के कार्यो के लिए सभी महत्वपूर्ण और आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करे.

हर किसी के लिए एक ही आहार संतुलित (balanced diet definition) नहीं हो सकता क्योंकि हर किसी की शारीरिक जरूरतें अलग-अलग होती हैं. एक बच्चे की आवश्यकताएं अलग होंगी और एक गर्भवती महिला की आवश्यकताएं साधारण महिला से अलग होगी. उम्र बढ़ने पर पोषक तत्वों की जरूरतें फिर से बदल जाती हैं. सभी के लिए एक निश्चित संतुलित आहार की अवधारणा मौजूद नहीं है.

आहार की जरूरत (Diet Chart) उम्र, लिंग, शरीर संरचना, काम के स्तर व गतिविधि के स्तर पर निर्भर करता है. किसी भी व्यक्ति के लिए संतुलित आहार बहुत जरूरी होता है, क्योंकि अगर आपके शरीर को सही और संतुलित पोषक तत्व न मिले, तो आपका शरीर न सिर्फ कमजोर हो सकता है, बल्कि बीमारियों का घर बन जाएगा. तो आइये जानते हैं संतुलित भोजन के फायदे.

संतुलित भोजन के फायदे (Benefits of balanced diet in points)
बीमारियों का खतरा कम होता है- अगर सही और संतुलित आहार नियमित रूप से लिया जाए, तो मोटापे, दिल की बीमारी, डायबिटीज और कैंसर के साथ अन्य कई बीमारियों का खतरा कम हो जाता है.

पर्याप्त नींद- कई बार गलत खान-पान की वजह से पेट की परेशानियां शुरू हो जाती है और इन्हीं कारणों से कई लोग रात में एसिडिटी और अन्य पेट की परेशानियां होने लगती हैं, जिस कारण नींद भी खराब हो जाती है. ऐसे में अगर सही और संतुलित आहार का सेवन किया जाए, तो पाचन तंत्र सही रहेगा और नींद भी अच्छी आएगी.

वजन को नियंत्रित रखता है- इस भाग-दौड़़ भरी जिंदगी में ज्यादा बाहरी और जंक फ़ूड खाने के कारण लगभग हर किसी को वजन बढ़ने और मोटापे की परेशानी हो रही है. ऐसे में अगर व्यायाम के साथ-साथ संतुलित आहार का सेवन किया जाए, तो वजन नियंत्रित रहता है.

स्वास्थ्य और मिजाज सही रहता है- आपके भोजन का असर आपके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है, जिससे कई बार लोगों को भूलने की, कई लोगों को तनाव, मूड स्विंग्स की परेशानी आदि बीमारी और अन्य कई मानसिक परेशानियां होने लगती है. संतुलित आहार का सेवन करने से ये सभी परेशानियां नहीं होती हैं.

शरीर को ऊर्जा मिलती है- भोजन में पूर्ण पोषक तत्वों वाले सही और संतुलित आहार शामिल हों, तो शरीर को ऊर्जा मिलती है और व्यक्ति खुद को फिट महसूस करता है. 

सुबह का नाश्ता- सुबह उठते ही ब्रश करने के बाद 4 बादाम जरूर खाएं. इससे सारा दिन आपकी बॉडी एक्टिव और एनर्जेटिक रहेगी. नाश्ते में दूध के साथ ओट्स या फिर इससे तैयार चीले या पोहा, दहीं, फलों का ज्यूस, अंकुरित अनाज, वेजीटेबल उपमा भी ले सकते हैं.

दोपहर का भोजन- दोपहर के भोजन का सही समय 1 से 2 बजे के बीच का होता है. इस दौरान आप चोकर वाली चपाती, छिलके वाली दाल की एक कटोरी या फिर सब्जी के साथ एक छोटी कटोरी दहीं का सेवन करें.

खाने से 15 मिनट पहले सलाद खाना कभी मत भूलें. सलाद में आप खीरा, टमाटर, गाजर, चुकंदर खाएं. सलाद खाने से शरीर को भरपूर मात्रा में पोषण मिलेगा.

शाम की चाय- लगभग तीन घंटे बाद एक कप चाय के साथ नमकीन भेल या फिर ओट्स बिस्कुट खा सकते हैं. अगर आप चाय पीना पसंद नहीं करते तो आप सेव, संतरा, कच्चा जाम, अनार, नाशपती आदि भी खा सकते हैं.

रात का भोजन- रात का भोजन हल्का करें ताकि यह सुबह तक पच जाए. रात के खाने में चावल ज्‍यादा मात्रा में शामिल न करें. इसमें दाल, दो चपाती, हल्‍का चावल, एक कप दही और एक प्‍लेट सलाद लीजिए. डिनर करने के करीब एक घंटे बाद एक फल और दूध का आधा गिलास जरूर लीजिए.

नोट: यह लेख आपकी जानकारी और जागरूकता बढ़ाने के लिए साझा किया गया है. किसी बीमारी से पीड़ित हैं या लंबी अवधि के रोग से ग्रसित हों तो आहार संबंधी सलाह अपने डॉक्टर से जरूर लें.

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