कॉर्पोरेट में बॉडी लैंग्वेज भी है सैलरी बढ़ाने का यूनिक फंडा

बातचीत का सही तरीका, अंग्रेजी का अच्छा कम्युनिकेशन और सलीका आपको ऑफिस और कॉर्पोरेट कल्चर सिखाता है.

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पर्सनालिटी आपके प्रभाव को बढ़ाती है. बातचीत का सही तरीका, अंग्रेजी का अच्छा कम्युनिकेशन और सलीका आपको ऑफिस और Corporate culture सिखाता है. एक अच्छी पर्सनालिटी सभी के लिए आकर्षण का केंद्र होती है.

इस आकर्षण को पाने में आपकी Body language आपकी काफी मदद कर सकती है. बॉडी लैंग्वेज पर्सनालिटी का सबसे जरूरी हिस्सा है. करियर की लंबी छलांग उन्हीं लोगों ने लगाई है जिनकी बॉडी लैंग्वेज अच्छी रही है. यह आपको ना केवल पैसा देगी बल्कि लाइफ में सुधार भी लाएगी.

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बॉडी लैंग्वेज में किन चीजों का रखें ध्यान (positive body language in the workplace)

कंधे झुका कर न चलें (Don’t lean back)

किसी से बात करते समय या कही बैठते समय सीधा बैठे, कंधे झुका कर चलना और बैठना आपको इनसिक्योर और Unconfident दिखाता है. मिरर में देखकर सीधे बैठने और खड़े होने की प्रैक्टिस करें. चाहें तो इसमें अपने मित्रों से सहयोग लें.  Body Language Expert से काउंसलिंग ले सकते हैं.

बेवजह न मुस्कुराएं (Don’t smile)

मुस्कुराना यकीनन खुशमिजाज आदमी की पहचान है, लेकिन किसी से मिलते वक्त तुरंत ही मुस्कुराते हैं तो यह अच्छा संकेत नहीं है.इस आदत को सुधारें क्योंकि इससे Impressions गलत जाता है. मिलने वाले व्यक्ति को लगता है कि आप उसके लिए आसानी से अवेलेबल हैं. मुस्कुान सोच-समझकर लाएं और इसमें कंफर्ट का विशेष ध्यान रखें.

पावर पोज़ (Strike a Power Pose)

अकेले में असहज होना आम प्रवृत्ति है. लेकिन अकेले में दो लोग एक-दूसरे को ज्यादा अच्छे से देखते हैं जिससे कॉन्फिडेंस कम हो जाता है. Power pose इस प्रॉब्लम से आपको छुटकारा दिलाएगा. किसी मीटिंग में जाने से पहले आप उस पोज़ में बैठकर अपने दोनों हाथों को सिर के पीछे ले जाकर पकड़ें और कोहनियों को आगे की तरफ रखें. इससे हॉरमोनल चेंज आते हैं और आप में कॉन्फिडेंस लेवल बढ़ता है. आप चाहें तो इसके लिए एक्सपर्ट की सलाह ले सकते हैं.

आई कॉन्टैक्ट का रखें ध्यान (Don’t avoid eye contact)

आंखें ऐसी चीज है जो व्यक्ति के बारे में सबकुछ कह देती हैं. सारा Confidence आंखों में ही नजर आता है. बातचीत के दौरान Eye contact का ध्यान रखें. आपकी बातें ज्यादा सच और प्रभावी तभी लगेंगी जब सामने वाले के साथ आप आई कॉन्टेक्ट रखेंगे.

मिरर इफेक्ट 

इसका मतलब यह होता कि जब मीटिंग के दौरान आपको चीजें समझ नहीं आ रही हों तो आप वैसा ही व्यवहार करें जैसा कि सामने वाला करता है. कॉन्फिडेंस ऐसे ही आएगा. अगर वो रिलैक्स है तो आप भी वैसे ही बैठें. ये टिप खास नए व्यक्ति से मिलते वक्त बहुत काम आती है. टाइम जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा आप में विश्वास बढ़ेगा और आप सहजता के साथ अपनी बात रख पाएंगे.