Cataract symptoms : मोतियाबिंद क्या है, मोतियाबिंद के लक्षण और इलाज

इंसान के शरीर का सबसे जरूरी हिस्सा होता है 'आँखें'. आँखों के कारण ही आप हम सभी इस दुनिया को देख पा रहे हैं. वैसे आँखों के भी कई रोग होते हैं और 'मोतियाबिंद' (cataract) उनमें से एक खास और खतरनाक रोग है. मोतियाबिंद क्या होता है (what is cataract?) और ये कैसे होता है इस बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं लेकिन इससे बचने के लिए और इसे पहचानने के लिए ये जान लेना चाहिए की मोतियाबिंद क्या है, मोतियाबिंद के क्या लक्षण हैं (symptoms of cataract), मोतियाबिंद का क्या उपचार है (treatment of cataract), मोतियाबिंद को कैसे रोका जा सकता है (prevention of cataract)?

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इंसान के शरीर का सबसे जरूरी हिस्सा होता है ‘आँखें’. आँखों के कारण ही आप हम सभी इस दुनिया को देख पा रहे हैं. वैसे आँखों के भी कई रोग होते हैं और ‘मोतियाबिंद’ (cataract) उनमें से एक खास और खतरनाक रोग है. मोतियाबिंद क्या होता है (what is cataract?) और ये कैसे होता है इस बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं लेकिन इससे बचने के लिए और इसे पहचानने के लिए ये जान लेना चाहिए की मोतियाबिंद क्या है, मोतियाबिंद के क्या लक्षण हैं (symptoms of cataract), मोतियाबिंद का क्या उपचार है (treatment of cataract), मोतियाबिंद को कैसे रोका जा सकता है (prevention of cataract)?

मोतियाबिंद क्या है? (what is cataract?)

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मोतियाबिंद के उम्र के साथ होने वाली आँखों की बीमारी है. उम्र के साथ-साथ हम सभी जानते हैं की हमारी आँखों पर असर पड़ता है. किसी की नजर कमजोर हो जाती है तो किसी को धुंधला दिखने लगता है. दरअसल जब उम्र बढ़ने के साथ-साथ धुंधला दिखने लगे तो हो सकता है की उस व्यक्ति को मोतियाबिंद की शिकायत हो क्योंकि मोतियाबिंद होने का प्रमुख लक्षण यही है.

मोतियाबिंद 40 से अधिक उम्र के लोगों में ज्यादा देखने को मिलता है. इसलिए कोई भी व्यक्ति अगर वो 40 साल या उससे ज्यादा का है और उसे धुंधला दिखाई देता है तो उसे मोतियाबिंद की जांच जरूर करवा लेनी चाहिए क्योंकि कई बार मोतियाबिंद लापरवाही के कारण बढ़ जाता है और इससे आँखों की रोशनी जाने की भी संभावना रहती है.

मोतियाबिंद के प्रकार (types of cataract)

मोतियाबिंद तीन प्रकार का होता है :-

सबसैप्सुलर मोतियाबिंद (sub capsular cataract) आँखों के लेंस के पीछे की तरफ होता है. ये समान्यतः उन लोगों में ज्यादा होता है जो लोग मधुमेह (Diabetes) या फिर स्टेरोइड (Steroid) की दवा का सेवन करते हैं. ऐसे लोगों में उप-कोशिकीय मोतियाबिंद विकसित होने का अधिक खतरा होता है.

उम्र बढ्ने के साथ-साथ जिस मोतियाबिंद को सबसे ज्यादा देखा गया है उसे न्यूक्लियर मोतियाबिंद (nuclear cataract) कहते हैं. ये लेंस के केंद्रीय क्षेत्र (नाभिक) में होता है.

कॉर्टिकल मोतियाबिंद (cortical cataract) की विशेषता सफेद, कील जैसी ओपेसिटी होती है जो लेंस की परिधि में शुरू होती है और धीरे धीरे केंद्र की तरफ बढ़ती है.

मोतियाबिंद के लक्षण (symptoms of cataract)

मोतियाबिंद शुरू-शुरू में बहुत ही कम प्रभाव दिखाता है लेकिन समय के साथ-साथ ये तेजी से बढ़ता जाता है और ये आपकी आँखों को काफी नुकसान भी पहुंचता है. लेकिन आप इसके लक्षण को जान कर इसके बारे में पता कर सकते हैं. मोतियाबिंद के निम्न लक्षण हैं-

– मोतियाबिंद में शुरु-शुरू में आपकी दृष्टि थोड़ी-थोड़ी धुंधली होती है जैसे आप किसी धुंधले काँच में देख रहे हो या फिर कोई पुरानी पेंटिंग देख रहे हो आपको ऐसा लगने लगता है.

– मोतियाबिंद में जब आप सूरज या फिर किसी लाइट (बल्ब आदि) के प्रकाश को देखते हैं तो ये आपको पहले से चमकदार लगता है. रात को गाड़ी चलते समय दूसरी गाड़ी की हैडलाइट भी काफी ज्यादा चमकदार नजर आती है.

– अगर आपकी आँखों में न्यूक्लियर मोतियाबिंद पनप रहा है तो तो ये आपकी निकट दृष्टि में सुधार ला सकती है.

– अगर किसी व्यक्ति को सबसैप्सुलर मोतियाबिंद है तो इसके लक्षण तब तक नजर नहीं आते जब तक की ये पूरी तरह पनप ना जाए.

मोतियाबिंद क्यों होता है? (Cause of cataract)

हम सभी की आँखों में लेंस होता है जो हमारे विजन के लिए जिम्मेदार होता है. आँखों का लेंस ज़्यादातर पानी और प्रोटीन से बना होता है. लेंस के अंदर प्रोटीन एक खास तरीके से समायोजित होता है जिससे लेंस पारदर्शी बना रहता है और उसके अंदर से प्रकाश को गुजरने देता है जिसके कारण हमको दिखाई देता है.

उम्र के साथ-साथ लेंस के अंदर के प्रोटीन आपस में गुच्छा बना लेते हैं और यह धीरे-धीरे लेंस के एक छोटे हिस्से को बदलना शुरू कर देते हैं. आपने देखा ही होगा की अगर आँख के अंदर कुछ चला जाता है तो हमे दिखने में समस्या होने लगती है उसी तरह इस प्रोटीन के गुच्छे के कारण हमें धुंधला-धुंधला दिखाई देना शुरू हो जाता है. अगर हम इसका इलाज नहीं करवाते हैं तो ये गुच्छा फैलता जाता है और आँखों का धुंधलापन और बढ़ता जाता है.

मोतियाबिंद के कारण (Reason of cataract)

मोतियाबिंद के कोई खास और निश्चित कारण नहीं हैं लेकिन अब तक हुई रिसर्च में शोधकर्ताओं ने कुछ प्रमुख कारण पता लगाएँ हैं जो निम्न हैं-

– पराबैंगनी विकिरण
– डाईबिटीज़ (मधुमेह)
– हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप)
– ओबेसिटी (मोटापा)
– स्मोकिंग (धूम्रपान)
– कॉर्टिकोस्टेरॉइड दवाओं का लंबे समय तक इस्तेमाल
– कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए स्टैटिन दवाओं का इस्तेमाल
– जीवन में कभी पहले आंख की चोट या सूजन
– पहले कभी आंख की सर्जरी
– हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी
– अधिक मात्रा में शराब का सेवन
– हाई मायोपिया (उच्च मायोपिया)
– परिवार के इतिहास यानि आनुवंशिक ।

मोतियाबिंद का इलाज (treatment of cataract)

अगर आप मोतियाबिंद का घरेलू उपचार के बारे में सोच रहे है तो आप जान लें की इसके लिए किसी घरेलू उपचार को अपनाने से पहले आँखों के डॉक्टर से अपनी जांच करवाएँ. डॉक्टर अगर आपको खान-पान और दवाई के जरिये इसे रोकने की बात कह रहा है तब तो अच्छा है अगर ऑपरेशन करने के लिए कह रहा है तो आपको ऑपरेशन करवाना ही पड़ेगा तभी आपकी आँखों का मोतियाबिंद ठीक होगा.

मोतियाबिंद का इलाज करवाने में लापरवाही ना बरतें क्योंकि मामला आपकी आँखों का है आपकी चोटी सी लापरवाही के कारण आपकी आँखों की रोशनी तक जा सकती है. इसलिए जैसे ही आपको मोतियाबिंद के लक्षण नजर आयें तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं और सलाह लें.

नोट : यह लेख आपकी जानकारी के लिए साझा किया गया है. मोतियाबिंद की शिकायत होने पर किसी घरेलू उपचार को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह लें और डॉक्टर के कहने के अनुसार ही करें.

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