जापान: सम्राट अकिहितो की घोषणा से क्यों खतरे में है देश की कंप्यूटर प्रोग्रामिंग?

बताया जा रहा है कि जापान में कंप्यूटर प्रणाली पर एक बड़ा संकट आने वाला है. दिक्कत कंप्यूटर की तारीखों के साथ है और लगभग वैसी ही है जैसी वर्ष 2000 में दुनिया भर के कंप्यूटरों के साथ पेश आई थी.

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मनुष्य सभ्यता टेक्नॉलॉजी के सबसे एडवांस मॉडल में जी रही है. सूचना क्रांति ने दुनिया को बदलकर रख दिया है और इधर बीते 10 सालों का सबसे बड़ा परिवर्तन स्मार्टफोंस, गजैट्स और इसके साथ सोशल मीडिया के जरिये आया है.

विश्व के भीतर आमूलचूल परिवर्तन का सबसे बड़ा कारण स्मार्टफोंस ही है.

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अब तो कंप्यूटर्स और गैजेट्स की इतनी आदत हो गई है कि इसके बिना जीना असंभव सा है. लेकिन क्या हो यदि एक झटके में सारे कंप्यूटर सिस्टम बैठ जाएं, किसी काम के ना रहें.

जापान में बंद होने वाले कंप्यूटर्स

बताया जा रहा है कि जापान में कंप्यूटर प्रणाली पर एक बड़ा संकट आने वाला है. दिक्कत कंप्यूटर की तारीखों के साथ है और लगभग वैसी ही है जैसी वर्ष 2000 में दुनिया भर के कंप्यूटरों के साथ पेश आई थी. उसे वाय-टू-के (Y2K) समस्या कहा गया था.

जापान में नए सम्राट के राज्याभिषेक के साथ नया युग शुरू होता है. वर्तमान सम्राट अकिहितो ने 1989 में गद्दी संभाली थी. उस समय जो युग जापान में शुरु हुआ था उसका नाम है हाईसाई (यानी सर्वत्र शांति). यही वह समय था जब कंप्यूटरों का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर शुरू हुआ था.

नया ऐलान और जापान

अब स्वास्थ्य सम्बंधी कारणों के चलते सम्राट अकिहितो सिंहासन छोड़ना चाहते हैं. उन्होंने यह ऐलान किया है कि वे 30 अप्रैल 2019 के दिन सिंहासन छोड़ देंगे और उनके उत्तराधिकारी पुत्र 57-वर्षीय नारुहितो की ताज़पोशी हो जाएगी.

Image source: Wikipedia

 

अकिहितो के सिंहासन छोड़ने के निर्णय के अनुरूप जापान की केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि वहां 24 फरवरी 2019 के दिन सम्राट के 30 साल के राज का जश्न मनाया जाएगा.

जापान में होगी नई शुरुआत

चूंकि अकिहितो का शासन और कंप्यूटर क्रांति लगभग साथ-साथ शुरू हुए थे इसलिए कंप्यूटर की तारीखों में कोई समस्या नहीं आई थी. लेकिन अब जापान में नए युग की शुरुआत होगी और तब कंप्यूटरों की तारीख और नए युग की तारीख के बीच अंतर के चलते समस्याओं की आशंका है. और सरकार नए युग की शुरुआत की घोषणा जल्दी नहीं करना चाहती क्योंकि उससे गलत संदेश जाने का डर है.

जापान के घरेलू व अंतर्राष्ट्रीय मामलों के स्वतंत्र विश्लेषक एन-लिओनोर डार्डेने का कहना है कि खास तौर से डाक विभाग, बैंक और स्थानीय सरकारों द्वारा रखे जाने वाले आवासीय पतों के रजिस्टर के रख-रखाव का काम प्रभावित होगा क्योंकि इनके कंप्यूटर अपने कामकाज के लिए जापानी युग की तारीखों पर निर्भर हैं. लिहाज़ा कंप्यूटर तकनीशियनों को ओव्हरटाइम काम करके समस्या का हल निकालना होगा.

(स्रोत: फीचर्स)