पॉजिटिविटी में छुपा है प्रोग्रेस का राज

कहते हैं कि "मन के हारे हार है और मन के जीते जीत" यानी यदि सफलता चाहते हैं तो सकारात्मक सोचें. यह बात हमारे पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों ही लाइफ पर लागू होती है. यदि आप सकारात्मक सोचते हैं तो नए-नए विचार आपके दिमाग में आएंगे और यही आपकी उन्नति का भी कारण बनेंगे.

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कहते हैं कि “मन के हारे हार है और मन के जीते जीत” यानी यदि सफलता चाहते हैं तो सकारात्मक सोचें. यह बात हमारे पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों ही लाइफ पर लागू होती है. यदि आप सकारात्मक सोचते हैं तो नए-नए विचार आपके दिमाग में आएंगे और यही आपकी उन्नति का भी कारण बनेंगे.

क्या है पॉजिटिव थिंकिंग

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किसी भी नकारात्मक सोच को दिमाग में न आने देना ही सकारात्मक सोच है. यदि हम नकारात्मक रवैया छोड़ दें तो सकारात्मक सोच अपने-आप ही बन जाती है. जैसे कि किसी लक्ष्य को पाने के लिए हम एक विचार बनाते हैं और उस पर चलना शुरू कर देते हैं. नकारात्मक सोच इस लक्ष्य की राह में आने वाली परेशानियां पैदा करती है, लेकिन इन बाधाओं को पार करते जाना हमारी पॉजिटिव थिंकिंग की पहचान है.

सोच-समझकर करें शब्दों का चयन  

हम सभी लोग दिनभर में कितने ही नकारात्मक शब्दों का प्रयोग करते हैं, इसका अंदाजा शायद हम में से कोई नहीं लगता है. मनोवैज्ञानिक शोध में पाया गया है कि हमें दुख, चिंता, परेशानी, समस्या आदि जैसे नकारात्मक शब्दों का प्रयोग अपनी शब्दावली से पूर्ण रूप से समाप्त कर देना चाहिए.

शब्द ही नहीं विचार भी हो पॉजिटिव 

जीवन से नकारात्मक अवगुणों को बाहर निकालने के लिए हमें सकारात्मक गुण और आदतों को अपनाने की आवश्यकता होती है. अत: हम जितना-जितना उन सकारात्मक गुणों का मन में चिंतन व वाणी में प्रयोग करेंगे, उतने ही वह गुण हमारे जीवन में सहज ही आते जाएंगे. 

गीता से लें सीख 

भगवत गीता में फल की चिंता छोड़कर कार्य करने का उपदेश भगवान ने दिया है. गीता के श्लोक आपकी प्रोफेशनल लाइफ को पॉजिटिव थिंकिंग और ऊर्जा से भर देंगे. आमतौर पर हम सभी कल की चिंता में अपना आज खराब कर लेते हैं.

आने वाले कल की चिंता ज़रूरी है, लेकिन इस बात पर भी विचार करें कि है, वह कल हमारे आज पर ही तो निर्भर है. इसलिए कल की चिंता को छोड़कर आज पर फोकस करें. आप अपने काम में सौ प्रतिशत देंगे, तो निगेटिविटी से भी दूर रहेंगे और परिणाम भी उम्दा आएगा.

बनाए रखें पॉजिटिव ऊर्जा 

अपने अंदर सकारात्मकता को बनाए रखना एक प्रकार का तप है. मानसिक शांति, निरंतर कार्य करने की ऊर्जा और लक्ष्य के प्रति एकाग्र होना आपके पॉजिटिव होने की निशानी हैं. आप पॉजिटिव बने रहने के लिए रोजाना योग, आध्यात्म, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट कोर्स कर सकते हैं. 

इसके साथ ही प्रेरक पुस्तकें पढ़ने से भी आपके अंदर पॉजिटिविटी का संचार होता है. आपकी पर्सनैलिटी से जुड़ी बातें ही आपको सफल बनाती हैं. 

क्या हैं पॉजिटिविटी के फायदे 

जब आपकी सोच में सकारात्मकता होती है तो आपके आसपास भी पॉजिटिविटी का संचार होता है. सकारात्मक सोच आपको निजी और कामकाजी जीवन में तरक्की की ओर ले जाती है. साथ ही आसपास के लोगों के साथ ही हर मिलने वाला शख्स आपसे इम्प्रेस होता है. ये सारी बातें आपको दूसरों से अलग और बेहतर बनाती हैं.

(नोट : यह लेख आपकी जागरूकता, सतर्कता और समझ बढ़ाने के लिए साझा किया गया है. यदि किसी बीमारी के पेशेंट हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें.)