अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति शेष: राजनीतिक जीवन की झलकियां

भारत के के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ऐसे ही जननेता रहे. वे जनता के बीच जितने स्वीकार्य थे उतने ही विपक्षी दलों में प्रिय थे. 16 अगस्त को 2018 को वाजपेयी का लंबी बीमारी के चलते निधन हो गया.

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कहते हैं नेता वह होता है जो जनता में सर्वमान्य रूप से स्वीकार्य हो. विपक्ष के निशाने पर रहे लेकिन उसके केंद्र में भी रहे. संसद से लेकर सड़क तक जिसका व्यक्तित्व सर्वप्रिय हो. जो सर्वसमावेशी और सभी को साथ लेकर चलने की ताकत रखता हो. भारत के के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ऐसे ही जननेता रहे. वे जनता के बीच जितने स्वीकार्य थे उतने ही विपक्षी दलों में प्रिय थे. 16 अगस्त को 2018 को वाजपेयी का लंबी बीमारी के चलते निधन हो गया. वे 93 वर्ष के रहे और भारतीय राजनीति का एक युग रहे. आइए आपको बताते हैं वाजपेयी के राजनीतिक सफर की कुछ झलकियां.

कहते हैं नेता वह होता है जो जनता में सर्वमान्य रूप से स्वीकार्य हो. विपक्ष के निशाने पर रहे लेकिन उसके केंद्र में भी रहे. संसद से लेकर सड़क तक जिसका व्यक्तित्व सर्वप्रिय हो. जो सर्वसमावेशी और सभी को साथ लेकर चलने की ताकत रखता हो. भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जननेता रहे. वे जनता के बीच जितने स्वीकार्य थे उतने ही विपक्षी दलों में प्रिय थे. 16 अगस्त 2018 को वाजपेयी का लंबी बीमारी के चलते निधन हो गया. वे 93 वर्ष के रहे और भारतीय राजनीति का एक युग रहे. आइए आपको बताते हैं वाजपेयी के राजनीतिक सफर की कुछ झलकियां. Image source: Twitterindianhistorytopics

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