GST return form : जीएसटी रिटर्न कैसे भरें, जीएसटी रिटर्न के लिए कौन सा फॉर्म भरें?

जिन कारोबारियों का जीएसटी रजिस्ट्रेशन (GST registration) है उन्हें समय-समय पर जीएसटी रिटर्न (GST return filling) दाखिल करना पड़ता है. जीएसटी रिटर्न दाखिल करते समय आपका सामना कई तरह के फॉर्म से होता है. कोई भी व्यक्ति जो जीएसटी रिटर्न (GST return) भरता है उसे ये पता होना चाहिए की उसे की उसे कौन सा GST return form भरना है.

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जिन कारोबारियों का जीएसटी रजिस्ट्रेशन (GST registration) है उन्हें समय-समय पर जीएसटी रिटर्न (GST return filling) दाखिल करना पड़ता है. जीएसटी रिटर्न दाखिल करते समय आपका सामना कई तरह के फॉर्म से होता है. कोई भी व्यक्ति जो जीएसटी रिटर्न (GST return) भरता है उसे ये पता होना चाहिए की उसे की उसे कौन सा GST return form भरना है.

GST return form क्यों भरते हैं? (What is GST return?)

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GST return form को आप income tax return form की तरह समझ सकते हैं. जो लोग GST लेते और देते हैं उसका सारा ब्योरा GST return form में होता है. इससे ये पता चल जाता है की आपने कितना GST लिया है और कितना दिया है. अगर आपने ज्यादा GST सरकार के पास जमा कर दिया है तो वो भी आपको इस फॉर्म के द्वारा मिल जाता है.

GST return form में क्या-क्या जानकारी देनी होती है? (Information in GST return form?)

GST return form में आपको निम्न जानकारी देनी होती है-

– पूरे महीने में कौन सा माल, कब और कितना बिका है.
– कौन सा माल आपने कब और कितने में खरीदा है.
– ग्राहक से कितना GST लेकर आपने सरकार को दिया है.
– आपने जो माल खरीदा है उस पर आपने कितना GST दिया है.
– दोनों तरह के GST का मिलान करने के बाद आप पर कितनी देनदारी बच रही है या फिर आपने कितना ज्यादा GST सरकार को दिया है इस बात का ब्योरा.

कौन सा GST form भरना है? (Types of GST tax payers)

GST return दाखिल करने से पहले आपको ये जानना जरूरी होता है की आपको कौन सा GST रिटर्न दाखिल करना है. दरअसल इसकी दो श्रेणी है. एक तो सामान्य रजिस्टर्ड GST वाले लोग जिन्हें GST पर कोई छूट नहीं मिलती और दूसरे होते हैं GST composition scheme के अंतर्गत आने वाले लोग.

जीएसटी कंपोज़ीशन स्कीम क्या है? (GST composition scheme)

यह स्कीम छोटे कारोबारियों के लिए है ताकि उन्हें ज्यादा हिसाब-किताब न करना पड़े. इस स्कीम का फायदा वो लोग उठा सकते हैं जिनका सालाना टर्नओवर 20 लाख से ज्यादा लेकिन 75 लाख से कम है. इस स्कीम के तहत Traders को 1 फीसदी, manufacturers को 2 फीसदी और Restaurant चलाने वालों को 5 फीसदी की दर से एकमुश्त टैक्स चुकाना होता है. इस कैटेगरी के कारोबारी को ना तो अपने ग्राहकों से GST वसूलना है और ना ही उसका हिसाब देना है.

GST रिटर्न के लिए कौन सा form भरें? (Types of GST return form)

GST में अलग-अलग श्रेणी के व्यापारी होते हैं जो GST registered होते हैं और इन अलग-अलग श्रेणी के व्यापारियों को अलग-अलग GST return form भरना होता है.

सामान्य जीएसटी रजिस्टर्ड व्यापरियों के लिए जीएसटी रिटर्न फॉर्म (GST return form for normal businessman)

GSTR1 : इस फॉर्म में आपको पिछले महीने में हुई सभी तरह की बिक्री की डीटेल देना होती है. इस फॉर्म में आपको कुल 13 तरह के डीटेल देना होती है. जो आपकी बिक्री से संबन्धित होती है. इस फॉर्म को आप कारोबारी महीने में 10 तारीख तक भर सकते हैं.

GSTR2 : इस फॉर्म के अंदर पिछले महीने में आपने जो भी ख़रीदारी की है उसका विवरण देना पड़ता है. इस फॉर्म के साथ फॉर्म GSTR2A भी आता है. इसमें आपकी सारी सेल्स का विवरण देना होता है. इस फॉर्म को आपको महीने की 15 तारीख तक भरना होता है.

GSTR3 : आपको आपके अकाउंट के अंदर 20 तारीख को ये अकाउंट दिखने लगेगा. इस फॉर्म में आपको उन सभी बिक्री और ख़रीदारी का विवरण देना होता है जो आपने GSTR1 और GSTR2 में दी थी. ये दोनों जानकारी देने के बाद GST syestem तय करता है की आपको कितना टैक्स रिटर्न करना है या कितना टैक्स आपको और जमा करना है.

GSTR 9 : आपको हर महीने तो GSTR1,2,3 फॉर्म भरना है लेकिन GSTR9 फॉर्म साल भर में एक बार भरना होता है. इसमें वो सभी डीटेल देना होती है जो सालभर आपने इन तीनों फॉर्म में भरी थी. इसे साल के अंत में 31 दिसंबर तक जमा करना जरूरी होता है.

GST कंपोज़ीशन स्कीम वाले व्यापारी कौन सा जीएसटी रिटर्न फॉर्म भरें? (GST return form for composition scheme)

GSTR 4A : जिन लोगों ने कंपोज़ीशन स्कीम के तहत खुद को रजिस्टर करवा रखा है उन्हें ये हर तीन महीने में भरना होता है. इस फॉर्म में उन्हें इस अवधि में की गई ख़रीदारी का ब्योरा देना होता है.

GSTR 4 : इस फॉर्म को भी तीन महीने में एक बार भरा जाता है. इस फॉर्म में आपके द्वारा की गई बिक्री का विवरण देना होता है. इस फॉर्म में जो टैक्स देनदारी आप पर बन रही है और जो टैक्स आपने जमा किया है उसका विवरण देना होता है. इस फॉर्म को आपको 18 तारीख तक भरकर जमा करना होती है.

GSTR 9A : कंपोज़ीशन स्कीम के तहत रजिस्टर्ड लोगों को सालभर में ये फॉर्म एक बार भरना होता है. इसमें साल भर में की गई चारों तिमाही रिटर्न का विवरण देना होता है. इस फॉर्म को 31 दिसंबर तक भरना अनिवार्य है.

तो अब तो आप जान गए होंगे की आपको कौन सा जीएसटी रिटर्न फॉर्म भरना है. जीएसटी रिटर्न फॉर्म भरने के लिए आप जीएसटी एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें. हो सके तो ये काम जीएसटी एक्सपर्ट से ही करवाए ताकि कोई गलती न हो.