#metoo:क्या है सोशल मीडिया पर चल रहा मी टू अभियान ?

#metoo कैंपेन ने भारत की महिलाओं को भी अपने साथ हुई हिंसा और यौन प्रताड़ना के खिलाफ आवाज उठाने का अवसर दिया है. मीटू में बॉलीवुड से लेकर राजनीति सहित दूसरे क्षेत्रों के भी कई बड़े नाम जोड़े जा रहे हैं. हालांकि देश का एक बड़ा वर्ग अब तक मीटू कैंपेन को ठीक से समझ नहीं पाया है.

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#metoo कैंपेन ने भारत की महिलाओं को भी अपने साथ हुई हिंसा और यौन प्रताड़ना के खिलाफ आवाज उठाने का अवसर दिया है. मीटू में बॉलीवुड से लेकर राजनीति सहित दूसरे क्षेत्रों के भी कई बड़े नाम जोड़े जा रहे हैं. हालांकि देश का एक बड़ा वर्ग अब तक मीटू कैंपेन को ठीक से समझ नहीं पाया है.

कहां, कैसे और किस ने शुरू की #MeToo Movement

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#MeToo कैंपेन की शुरूआत साल 2006 में दक्षिण अफ्रीका की सामाजिक कार्यकर्ता तराना बर्क ने यौन हिंसा के खिलाफ आवाज उठाकर की थी. इसके बाद साल 2017 में मीटू के माध्यम से हाॅलीवुड अभिनेत्री एलिसा मिलानो ने निर्माता हार्वे वाइन्सटीन पर यौन हिंसा का आरोप लगाया.

मिलानो के बाद हार्वे पर लगभग 50 महिलओं ने यौन प्रताड़ना के आरोप लगाए और इनमें स्टार एक्ट्रेस एंजेलिना जोली और जीनिश पैट्रोन भी शामिल थी. एंजेलिना ने वाइन्सटीन के साथ काम करने के अपने अनुभव को काफी खराब बताया और वाइन्सटीन के साथ कभी काम नहीं किया.

नतीजा यह निकला कि वाइंसटीन की गिरफ्तारी हुई और अपने व्यवहार के लिए उसे दो महिलाओं से माफी भी मांगनी पड़ी. इस मामले में अमेरिका के अखबार न्यूयार्क टाइम्स ने अहम भूमिका निभाते हुए मामले को प्रमुखता से पब्लिक के सामने लेकर आया. 

Time Person of the Year-2017 for #metoo Campaign

मीटू अभियान की सफलता के बाद इसे प्रसिद्ध टाइम पत्रिका ने “टाइम पर्सन आॅफ द ईयर-2017” का खिताब दिया.
इस अभियान को लेकर अखबारों और पत्रकारों की नैतिकता को देखते हुए ‘द न्यूयाॅर्क टाइम्स’ की पत्रकार जोड़ी केंटोर और मैगन ट्वोही व ‘द न्यूयाॅर्कर’ के पत्रकार रोनन फेरो को रिपोर्टिंग के लिए पुलित्जर अवाॅर्ड संयुक्त रूप से दिया गया.

अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड का भी आ चुका है नाम 

इस कैंपेेन के तहत अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप पर जेसिका, समांथा हाल्वे और रैकल कूम्स नामक महिलाएं आरोप लगा चुकी हैं. हालांकि बाद में डोनाल्ड ट्रंप ने इन आरोपों का खंडन भी किया था.

मीटू अभियान के चलते नहीं मिला साहित्य का नोबेल

इस अभियान ने अब सभी जगह पैर फैला लिए हैं, जिसका नतीजा रहा कि साल 2018 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार भी नहीं दिया जा सका. दरअसल अवाॅर्ड देने वाली स्वीडिश एकेडमी की चयन समिति ने इसकी एक महिला सदस्य के पति के ऊपर भी आरोप लगे थे.

बाॅलीवुड हस्तियां भी हैं मीटू के घेरे में

भारत में जाने-माने अभिनेता नाना पाटेकर पर एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने यौन शोषण के आरोप लगाकर #metoo की शुुरुआत की. तनुश्री ने 10 साल पहले एक फिल्म की शूटिंग के दौरान हुई हिंसा और यौन शोषण का मामला उठाया. अब यह मामला कोर्ट में है. इसके बाद से बाॅलीवुड की कई हस्तियां इसकी जद में हैं.

सिंगर कैलाश खैर, अनु मलिक, अभिनेता आलोक नाथ, सिंगर अभिजीत भट्टचार्य, एक्टर विकास बहल, चेतन भगत, जुल्फी सईद, तमिल राइटर वैरामुथू और डायरेक्टर साजिद खान के अलावा कई और सेलिब्रिटीज के खिलाफ महिलाओं ने हल्लाबोला है.

#metoo के घेरे में सदी के महानायक भी 

सदी के महानायक अमिताभ बच्चन भी मीटू से बच नहीं पाए. सेलिब्रिटी हेयर स्टाइलिस्ट सपना भवनानी ने ट्विटर पर एक पोस्ट करके अमिताभ बच्चन का असली चेहरा सामने लाने की बात कही थी. बाद में भवनानी ने सफाई देते हुए खा कि बच्चन ने उनके साथ कोई बुरा बर्ताव नहीं किया.

साथ ही सपना ने यह भी खा कि वे ऐसी कुछ महिलाओं को जानती हैं जो अमिताभ बच्चन के खिलाफ आवाज उठाना चाहती हैं. और वे इस पोस्ट के माध्यम से उन सभी महिलाओं को आगे आने की हिम्मत देना चाहती हैं.